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जयपुरिया रिंग व रेशमी राखियों से सजेगी कलाई
Updated Sun, 26 Aug 2018 12:25 AM IST
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प्रतापगढ़। राखी के एक दिन पूर्व शहर के बाजार रंग-बिरंगी राखियों से सजे रहे। दुकानों पर सबसे ज्यादा खरीदारी जयपुरिया रिंग व रेशमी राखियों की हुई। सुनहरे रंग के धागे में जड़ी जयपुरिया रिंग की चमक बहनों के मन को खूब भा रही थी। इसके अलावा रेशमी, तितली, मोर राखी भी खूब खरीदी गई। देर रात तक राखियां खरीदने का दौर चलता रहा।
वैसे तो एक सप्ताह पूर्व से ही बाजार रंग-बिरंगी राखियों से सज गए थे। खरीदारी भी खूब हो रही थी। मगर राखी के पर्व के एक दिन पूर्व बाजारों की रंगत कुछ और थी। बाजारों में राखी की खरीदारी को लेकर बहनों की भारी भीड़ उमड़ी हुई थी। सुबह से ही दुकानदार बाहर स्टाल लगाकर राखियां सजाए हुए थे। शहर के बाबागंज, घंटाघर, पंजाबी मार्केट, अंबेडकर चौराहा, भंगवाचुंगी, स्टेशन रोड सहित प्रमुख बाजारों में बहनों की भीड़ राखी की खरीदारी करती नजर आई। इस बार बाजारों में दिल्ली, मुंबई, राजस्थान, कलकत्ता, लखनऊ से कई आकर्षक राखियां आई हुई थीं। बहनों को सबसे ज्यादा जयपुरिया रिंग राखी पंसद आ रही थी। इसके अलावा रेशमी धागे में शंख जड़ी, तितली, मोरपंख, देवी- देवताओं की भी राखियां भी खरीदी जाती रहीं।
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वैसे तो एक सप्ताह पूर्व से ही बाजार रंग-बिरंगी राखियों से सज गए थे। खरीदारी भी खूब हो रही थी। मगर राखी के पर्व के एक दिन पूर्व बाजारों की रंगत कुछ और थी। बाजारों में राखी की खरीदारी को लेकर बहनों की भारी भीड़ उमड़ी हुई थी। सुबह से ही दुकानदार बाहर स्टाल लगाकर राखियां सजाए हुए थे। शहर के बाबागंज, घंटाघर, पंजाबी मार्केट, अंबेडकर चौराहा, भंगवाचुंगी, स्टेशन रोड सहित प्रमुख बाजारों में बहनों की भीड़ राखी की खरीदारी करती नजर आई। इस बार बाजारों में दिल्ली, मुंबई, राजस्थान, कलकत्ता, लखनऊ से कई आकर्षक राखियां आई हुई थीं। बहनों को सबसे ज्यादा जयपुरिया रिंग राखी पंसद आ रही थी। इसके अलावा रेशमी धागे में शंख जड़ी, तितली, मोरपंख, देवी- देवताओं की भी राखियां भी खरीदी जाती रहीं।
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