फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pratapgarh News ›   37 people broke into 72 hours in district hospital

जिला अस्पताल में 72 घंटे में 37 लोगों ने तोडा दम, मचा हड़कंप

Fri, 23 Apr 2021 01:07 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 23 Apr 2021 01:07 AM IST
विज्ञापन
37 people broke into 72 hours in district hospital
जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती मरीज की मौत के बाद जुटे लोग। - फोटो : PRATAPGARH
प्रतापगढ़। जिला अस्पताल में 72 घंटे के भीतर इलाज कराने के लिए आए 37 मरीजों की मौत से हड़कंप मच गया है। मरने वाले अधिकांश मरीजों में कोरोना के लक्षण थे, हालांकि उनकी जांच नहीं हो सकी थी। कुछ मरीजों ने भर्ती होने के दो से तीन घंटे के भीतर दम तोड़ दिया तो कुछ अस्पताल गेट या फिर चिकित्सक के उपचार प्रारंभ करने के दौरान जिंदगी की जंग हार गए। इनमें से अधिकांश की जांच कराए बगैर शवों को परिजनों के हवाले कर दिया गया।
विज्ञापन

जिले में कोरोना महामारी ने विकराल रूप धारण कर लिया है। हर दिन दो सौ से ऊपर मरीज मिल रहे हैं। जिले में बड़ी संख्या में ऐसे लोग हैं जिन्हें खांसी, बुखार के साथ सांस लेने में तकलीफ हो रही है, लेकिन उनकी जांच नहीं हो सकी है।इधर-उधर उपचार करने के बाद हालत बिगड़ने पर परिजन उन्हें लेकर जिला अस्पताल या प्राइवेट अस्पताल जा रहे हैं। जहां दो तीन घंटे के भीतर उनकी सांसें थम जा रही हैं। अकेले जिला अस्पताल में ऑक्सीजन लेवल कम होने व फेफड़ों में संक्रमण के चलते 72 घंटे के भीतर 37 मरीजों ने दम तोड़ दिया।
विज्ञापन

बुधवार को ही 17 मरीजों की मौत हो गई।इनमें कई तो मेडिकल वार्ड या इमरजेंसी में भर्ती थे। जबकि कुछ ने अस्पताल गेट पर पहुंचने के बाद दम तोड़ दिया। ज्यादातर मरीजों में कोविड जैसे लक्षण थे। अस्पताल आने वाले मरीजों में कोरोना के लक्षण देख चिकित्सक जब तक उनकी कोविड की जांच कराते तब तक उनकी सांसें उखड़ जा रही हैं। मरीजों की मौत के बाद परिवार के लोगों का आक्रोश स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों पर फूट रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

अस्पताल प्रशासन लगातार हो रहीं मौतों को सार्वजनिक करने से बच रहा है, लेेकिन सूत्रों का कहना है कि हर दो घंटे में एक मौत हो रही है। जिला अस्पताल के सीएमएस डा. पीपी पांडेय ने बताया कि जो मरीज उपचार कराने आ रहे हैं, उनके फेफड़ों में संक्रमण मिल रहा है। समय पर आक्सीजन नहीं मिलने से किसी का आक्सीजन लेबल 56 तो किसी का 35 तक गिर जा रहा है। ऐसे में फेफड़े काम करना बंद कर दे रहे हैं। लोगों को सर्दी-खांसी, बुखार और सांस लेने में तकलीफ होने पर तत्काल विशेषज्ञ चिकित्सकों से संपर्क कर अपना इलाज कराना चाहिए। जरूरत होने पर आक्सीजन देकर उनके फेफड़े के संक्रमण को दूर किया जा सकता है।
सहमे स्वास्थ्यकर्मी, परिजन संभाल रहे जिम्मेदारी
जिला अस्पताल में लगातार हो रहीं मौतों से स्वास्थ्य कर्मचारी भी सहम गए हैं। खांसी-जुकाम और बुखार से पीड़ित मरीजों को देखने के बाद वे किनारा कसने लगते हैं। बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल के इमरजेंसी में आने वाले अधिकांश मरीजों को आक्सीजन लगाई गई थी। वार्ड से बाहर बरामदे में भी मरीजों को आक्सीजन लगाई गई थी। ऐसे मरीजों के आने का सिलसिला बंद नहीं हो रहा था। स्वास्थ्यकर्मी प्राथमिक उपचार करने के बाद दूसरे मरीजों के इलाज की व्यवस्था में जुट जा रहे थे। इसके चलते मरीजों के परिजनों को देेेखभाल की जिम्मेदारी निभानी पड़ रही थी।
कोविड एलटू अस्पताल से बना लिया रास्ता
जिला महिला अस्पताल के पुराने भवन में कोविड मरीजों के लिए एलटू वार्ड बनाया गया है। पहले पूरी तरह से परिसर को बंद कर दिया गया था, मगर अब स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों की लापरवाही से लोगों ने अवैध तरीके से परिसर के किनारे से रास्ता बना लिया है। ऐसे में संक्रमण फैलने की आशंका बनी रहती है।
जिला अस्पताल में आक्सीजन उपलब्ध है। आक्सीजन के लिए मरीजों को परेशान नहीं होना पड़ रहा है। चूंकि मरीज पहले से ही इस कदर संक्रमित रहते हैं कि उनके इलाज का मौका नहीं मिल पाता। मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
डा. पीपी पांडेय, सीएमएस, जिला अस्पताल
इलाज के नाम पर खानापूरी, टूट गई सांस
शहर के पूर्वी सहोदरपुर निवासी पत्रकार गौरव श्रीवास्तव की मां को बुधवार को अचानक सांस लेने में दिक्कत हुई। हालांकि वह पहले से ही ब्लडप्रेशर की मरीज थीं। उन्हें लेकर परिजन पहले प्राइवेट अस्पताल ले गए। वहां हाथ खड़ा करने पर जिला अस्पताल के मेडिकल वार्ड में भर्ती कराया। यहां ऑक्सीजन लगाने के बाद उनका इलाज शुरू किया गया। इसके बाद भी उनका ऑक्सीजन लेवल मेनटेन नहीं हो सका। शाम साढ़े सात बजे उन्होंने दम तोड़ दिया। परिवार के लोगों के अनुसार अस्पताल में इलाज के नाम पर केवल खानापूरी की गई।

ऑक्सीजन लेवल 96, फिर भी चली गई जान
विवेक नगर के रहने वाले एक मरीज को बुधवार को जिला अस्पताल के मेडिकल वार्ड में भर्ती कराया गया। उनका आक्सीजन लेवल 96 था। वह भी बुधवार को अस्पताल में भर्ती हुए थे। पत्रकार गौरव की मां के निधन के बाद स्टेशन रोड के रहने वाले एक व्यक्ति की मौत हो गई। इसके एक घंटे बाद ऑक्सीजन लेवल 96 होने के बाद भी विवेक नगर निवासी मरीज ने दम तोड़ दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed