फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pratapgarh News ›   फोटो 0000

फोटो 0000

Thu, 18 Oct 2018 11:22 PM IST
Updated Thu, 18 Oct 2018 11:22 PM IST
विज्ञापन
फोटो 0000
फोटो 0000
विज्ञापन

नवमी पर मां सिद्धिदात्री का गुणगान, हवन, पारण कर पूर्ण किया अनुष्ठान
पौराणिक देवीधामों, स्थानीय देवीमंदिरों में दर्शन पूजन को उमड़ी भक्तों की भीड़, नारियल, चुनरी, बताशा, फल, मिठाई आदि से लगाया मां को लगाया भोग, विधि-विधान से हवन कर किया पारण, घंटा घड़ियाल व शंखनाद से गुंजायमान हो उठे देवीधाम
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। नवमी तिथि पर मां आदि शक्ति के नौंवे रूप मां सिद्धिदात्री के दर्शन-पूजन के लिए पौराणिक देवीधामों में भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। नारियल, चुनरी, माला, फूल, बताशा, मिठाई, फल आदि अर्पित कर भक्तों ने मातारानी से मन्नते मांगी। भोर में घंटघड़ियाल व शंख ध्वनि के बीच महाआरती से शुरू हुआ दर्शन पूजन का क्रम देर रात तक चलता रहा। वहीं भक्तों ने कन्याभोज कराने के साथ ही मुहूर्त के अनुसार विधि- विधान से हवन- पूजन व पारण किया। शहर से लेकर गांव तक देवी पंडालों में देवी जागरण के कार्यक्रम से भक्तिमय माहौल बना रहा। नवरात्र के अंतिम दिन नवमी तिथि पर मां सिद्धिदात्री का विधान है। मां इस स्वरूप में आदि शक्ति की नव शक्तियां विद्यमान होती है। स्वरूप के दर्शन पूजन जीवन के सारे कष्ट मिट जाते है, और सौभाग्य की प्राप्ति होती है। गुरूवार को मां के इस स्वरूप के दर्शन पूजन का विधान था। रानीगंज तहसील क्षेत्र के मां बाराही देवी धाम में भोर में करीब चार बजे से ही भक्तों की लंबी कतार लग गईं। कपाट बंद था, अंदर मातारानी का श्रृंगार चल रहा था। मां का श्रृंगार होने के बाद करीब साढे़ चार बजे घंटघड़ियाल व शंखध्वनि के बीच मां की महाआरती शुरू हुई तो माता रानी के जयकारे लगने लगे। बैरिगेटिंग में कतारबद्ध लगे सभी भक्त मां की भक्ति में लीन दिखे। महाआरती के बाद दर्शन - पूजन का सिलसिला शुरू हुआ। मां के सिद्धिदात्री स्वरूप के दर्शन को लेकर भक्तों में गजब की आतुरता दिख रही थी। सभी पूरे श्रद्धाभाव से मां का दर्शन पूजन कर मंदिर परिसर में ही बने हवन कुंड में हवन भी किया। हवन कुंड में आहूतियां डाल कर सभी ने मन्नतें मांगी। इस दौरान आस्था और भक्ति के बीच कन्याभोज का भी आयोजन हुआ। इसी प्रकार मां बेल्हादेवी धाम में भी मां सिद्धिदात्री के दर्शन को लेकर भक्तों का रेला लगा रहा। सुबह करीब 5 बजे महाआरती के बाद दर्शन- पूजन का सिलसिला शुरू हुआ। दोपहर में दो बजे तक चलता रहा। इसके बाद पट बंद हो गया। फिर मां का विधि- विधान से श्रृंगार हुआ। दोपहर करीब 3 बजे के बाद दर्शन-पूजन का सिलसिला शुरू हुआ। भक्तों ने पूरे- विधि- विधान से मां का पूजन अर्चन किया। मंदिर परिसर में व्रती भक्तों ने कन्याभोज कराने के साथ हवन पूजन भी किया। देरशाम तक दर्शन पूजन का दौर चलता रहा। इसी तरह मां संकट हरणी, मां चामुंडा, मां लाडो, मां शीतला, मां गौरा देवीधाम में भी दर्शन- पूजन को लेकर स्थानीय लोगों की भीड़ रही। देररात तक दर्शन-पूजन से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा।
विज्ञापन


इनसेट--------------------
दो बजे तक चला हवन- पूजन, गूंजते रहे वैदिकमंत्र
मुहूर्त के अनुसार भोर से दोपहर दो बजे तक हवन- पूजन का मुर्हूत था। भोर से ही देवीधामों, स्थानीय देवीमंदिरों, घरों में हवन- पूजन का कार्य शुरू रहा। देवी पंडालों में भी हवन कुंड बनाकर भक्तगण विधि- विधान से वैदिकमंत्रों के बीच आहूतियां डाली। मंत्रों की गूंज व हवन से पूरा वातावरण ऊर्जा से भर गया। शहर से लेकर गांव तक दोपहर दो बजे तक हवन- पूजन का क्रम लगा रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन

इनसेट-----------------------------
दो बजे के बाद हुआ पारण
नव दिनों का व्रत पूर्ण कर देवी मां के भक्तों ने विधि- विधान से कन्याभोज कराया। हवन पूजन कर पारण किया। पारण का मुहूर्त दोपहर दो बजे से था। हवन- पूजन, कन्याभोज कराने के बाद भक्तों ने दो बजे से शाम करीब पांच बजे तक पारण कर नव दिनों का अनुष्ठान पूर्ण किया।
इनसेट---------------------------------
देवी धामों व देवी पंडालों में देररात तक चला देवी जागरण
नवरात्र के अंतिम दिन नवमी पर देवी पंडालों, देवी धामों में देवी जागरण का कार्यक्रम आयेाजित हुआ। कलाकारों ने मां नवदुर्गा के नवरूपों का बखान भक्तिमय गीतों के बीच किया। शहर के बेल्हादेवी धाम, पंजाबी मार्केट, अजीतनगर, चिलबिला में जगह- जगह सजे देवीपंडालों में देररात तक देवी गीत गूंजते रहे। इसी तरह मां बाराही देवीधाम, मां चंद्रिकन देवीधाम, रानीगंज, लालगंज, कुंडा, पट्टी में भी देवी जागरण का कार्यक्रम चला। इससे भक्तिमय माहौल बना रहा।

इनसेट-----------------------
कन्याभोज कर भक्तों ने लिया मां के नवरूपों का आशीर्वाद
नवरात्र में अष्टमी व नवमी तिथि पर कन्याभोज कराने का विधान था। व्रती भक्तों ने अष्टमी पर कन्याभोज कर आशीर्वाद लिया था। नवमी तिथि पर भी अधिकांश भक्त ऐसे थे जिन्होंने कन्याभोज का आयोजन किया। मां बेल्हादेवीधाम, मां बाराही देवीधाम, मां संकटहरणी, मां गौरा देवी में भी कन्याभोज का भक्तिमय नजारा दिखा। भक्तों ने पूरे विधि- विधान से नव कन्याओं को मां के नव स्वरूप मानकर उनका पैर पखारा और इसके बाद उनका पूजन किया। फिर वस्त्र अर्पित किए, और फिर भोज कराया। भोज के उपरांत सभी को दान दक्षिणा देकर आशीर्वाद लिया। आस्था और भक्ति से ओतप्रोत यह दृश्य देखते ही बन रहा था।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed