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170 बच्चों के दिल में छेद
Updated Mon, 24 Sep 2018 11:13 PM IST
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खेलने-कूदने और पढ़ाई की उम्र में बच्चे दिल की गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं। जिले में तीन से 18 साल की उम्र के 170 बच्चों के दिल में छेद है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों और विद्यालयों में बच्चों की जांच के बाद इसका खुलासा हुआ है। स्वास्थ्य विभाग गंभीर मर्ज से जूझ रहे इन बच्चों का किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी में आपरेशन कराएगा। डाक्टरों का मानना है कि गर्भावस्था के दौरान मां के धूम्रपान या फिर गलत दवाओं के सेवन के कारण ऐसा हुआ है।
शासन के आदेश पर स्वास्थ्य विभाग ने राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों और विद्यालयों में बच्चों की जांच करने के लिए हर ब्लाक में डाक्टरों की दो टीमों का गठन किया है। एक टीम में डाक्टर समेत चार कर्मचारी हैं। इन टीमों ने जिले के आंगनबाड़ी केंद्र, प्राथमिक, जूनियर और इंटर कालेजों में पढने वाले बच्चों के स्वास्थ्य की जांच की। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक तीन साल के अंदर जिले में 170 बच्चे ऐसे चिह्नित किए गए हैं, जिनके दिल में छेद है। इसके चलते वह गंभीर परेशानियों से जूझ रहे हैं। उनकी जान को भी खतरा बना हुआ है। जिला अस्पताल में जांच के बाद इन बच्चों को आपरेशन के लिए रेफर किया गया है। आरबीएसके टीम अब लखनऊ के किंग जार्ज मेडिकल कालेज में इनका आपरेशन कराएगी। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि इनमें से बीस बच्चों का आपरेशन कराया जा चुका है।
दिल में छेद के बारे में वैसे किसी को जानकारी नहीं होती है। बच्चों की हालत बिगड़ने पर परिजन परेशान होते हैं। आरबीएसके की टीम बच्चों को खोजकर इलाज करवा रही है। टीम में शैलेश दूबे, और सीएम शुक्ल सबसे ज्यादा मेनहत कर रहे हैं। जिन बच्चों को चिह्नित किया गया है, उनका ऑपरेशन कराया जा रहा है।
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एके श्रीवास्तव, सीएमओ।
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शासन के आदेश पर स्वास्थ्य विभाग ने राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों और विद्यालयों में बच्चों की जांच करने के लिए हर ब्लाक में डाक्टरों की दो टीमों का गठन किया है। एक टीम में डाक्टर समेत चार कर्मचारी हैं। इन टीमों ने जिले के आंगनबाड़ी केंद्र, प्राथमिक, जूनियर और इंटर कालेजों में पढने वाले बच्चों के स्वास्थ्य की जांच की। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक तीन साल के अंदर जिले में 170 बच्चे ऐसे चिह्नित किए गए हैं, जिनके दिल में छेद है। इसके चलते वह गंभीर परेशानियों से जूझ रहे हैं। उनकी जान को भी खतरा बना हुआ है। जिला अस्पताल में जांच के बाद इन बच्चों को आपरेशन के लिए रेफर किया गया है। आरबीएसके टीम अब लखनऊ के किंग जार्ज मेडिकल कालेज में इनका आपरेशन कराएगी। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि इनमें से बीस बच्चों का आपरेशन कराया जा चुका है।
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दिल में छेद के बारे में वैसे किसी को जानकारी नहीं होती है। बच्चों की हालत बिगड़ने पर परिजन परेशान होते हैं। आरबीएसके की टीम बच्चों को खोजकर इलाज करवा रही है। टीम में शैलेश दूबे, और सीएम शुक्ल सबसे ज्यादा मेनहत कर रहे हैं। जिन बच्चों को चिह्नित किया गया है, उनका ऑपरेशन कराया जा रहा है।
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