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सांपों के डसने से 35 दिन में 31 मरे, किसी को नहीं मिला मुआवजा

Tue, 30 Jul 2019 12:51 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 30 Jul 2019 12:51 AM IST
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31 dead in 35 days, no compensation for snakes bite death
snakes
सांपों के डसने से 35 दिन में 31 मरे, किसी को नहीं मिला मुआवजा
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सर्पदंश से मरने वालों को दैवीय आपदा के तहत मिलती है पांच लाख रुपये की आर्थिक मदद
बीमा कंपनी तरह-तरह के अड़ंगे लगाकर नहीं करती है भुगतान, निरस्त हो जाता है आवेदन
पंचनामा, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और दवा के पर्चे में खामी दिखाकर रद कर देते हैं आवेदन
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। जिले में 35 दिन के भीतर सर्पदंश से 31 लोगों की मौत हो गई। सांपों के डसने से हुई मौतों में बीमा कंपनी की तरफ से किसी को भी दैवीय आपदा के तहत मुआवजा नहीं दिया गया। पंचनामा, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और दवा के पर्चे में खामी बताकर आवेदन निरस्त कर दिया गया।
खेतों में काम करते समय या घर में अगर किसी की सांप काटने से मौत होती है तो आश्रितों को प्रधानमंत्री किसान दुघर्टना बीमा योजना के तहत पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता मिलती है। परिवार को तत्काल यह सहायता राशि बीमा कंपनी यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी की ओर से दी जाती है। शर्त बस इतनी है कि मृतक की उम्र 18 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए। इस वर्ष भी बरसात में सर्पदंश से होने वाली मौतों का सिलसिला जारी है। जिला अस्पताल, पीएचसी, सीएचसी के रिकार्ड के मुताबिक 25 जून से 29 जुलाई 2019 के मध्य जिले में 31 लोगों की मौत सर्पदंश से हुई है। मगर अभी तक एक भी परिवार को अहेतुक सहायता नहीं मिली है। दरअसल, लोग जब आवेदन करते हैं तो बीमा कंपनी यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस मामले की जांच करती है और आनलाइन भुगतान करती है। बीमा कंपनी का जिले में कोई आफिस नहीं है। ऐसे में आम लोग प्रयागराज के चक्कर नहीं लगा पाते हैं। बीमा कंपनी की मनमानी का आलम यह है कि आश्रितों के आवेदनों को लंबे समय तक रोके रखा जाता है और अचानक निरस्त कर दिया जाता है।
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75,000 रुपये से कम आमदनी वाले भी कर सकते हैं आवेदन
अगर किसी के नाम जमीन नहीं है और उसकी मौत सर्पदंश से होती है तो उसके पास 75,000 रुपये वार्षिक से कम का आय प्रमाणपत्र होना आवश्यक है। मृतक की उम्र 18-60 वर्ष के बीच होने पर ही योजना का लाभ मिलता है।
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किसान हित दुघर्टना योजना में मिला सात लोगों को लाभ
सर्पदंश से मरने वाले किसानों के लिए किसान हित दुर्घटना योजना भी लागू है। इस योजना के तहत खेत में काम करते समय अगर किसी किसान की मौत सर्पदंश से हो जाती है तो उसे दो लाख रुपये अहेतुक सहायता के रूप में मिलते हैं। मगर मौत का कारण सर्पदंश ही होना चाहिए। पंचनामा, पोस्टमार्टम रिपोर्ट के साथ ही सरकारी अस्पताल के डाक्टर ने सर्पदंश लिखा हो। इस योजना में किसान की उम्र 18 से 60 वर्ष की होने पर ही योजना का लाभ मिलता है। फिलहाल अभी तक इस योजना के तहत सात परिवारों के आश्रितों को दो-दो लाख रुपये मिल चुके हैं।
सर्पदंश से मौत होने पर किसानों के आश्रितों को पांच-पांच लाख रुपये आर्थिक सहायता दी जाती है। बीमा कंपनी यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस की मनमानी के चलते अभी तक एक भी आश्रित को योजना का लाभ नहीं मिला है। कई बार पत्र लिखा गया, मगर बीमा कंपनी पर कोई असर नहीं है।

विजय कुमार शुक्ला, नोडल अधिकारी
सर्पदंश से होने वाली मौतों में सभी औपचारिकता पूरी करने वाले आवेदकों को क्लेम का भुगतान किया जाता है। आनलाइन आवेदन तो लोग कर देते हैं, मगर जब जांच अधिकारी कागज मांगते हैं तो वह नहीं दिखा पाते हैं। ऐसे में कागज अपूर्ण होने पर आवेदन को निरस्त कर दिया जाता है।
संतोष कुमार सिंह, शाखा प्रबंधक, यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी, प्रयागराज
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