{"_id":"5c27ce48bdec2256db062316","slug":"27-thousand-people-can-meet-every-two-and-a-half-thousand","type":"story","status":"publish","title_hn":"27 हजार लोगों को मिल सकते हैं हर माह ढाई हजार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
27 हजार लोगों को मिल सकते हैं हर माह ढाई हजार
Sun, 30 Dec 2018 01:21 AM IST
shailendra Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रतापगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रतापगढ़
Published by: shailendra Kumar
Updated Sun, 30 Dec 2018 01:21 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रतापगढ़। केंद्र की मोदी सरकार नए साल में यूनिवर्सल बेसिक इनकम (यूबीआई) योजना लागू करती है तो जिले के करीब 27,000 बेरोजगारों को 2500-2500 रुपये हर माह मिलेंगे। जिले में सेवायोजन कार्यालय में इतने लोगों ने ही रजिस्ट्रेशन कराया है। पंजीकरण कराने वालों में तकरीबन 18,524 पुरुष तो लगभग 8,215 महिलाएं हैं। हालांकि बाद में यह संख्या और भी बढ़ सकती है। क्योंकि सपा सरकार में लागू बेरोजगारी भत्ता बंद होने के बाद दो साल से लोग पंजीकरण कराने में रुचि नहीं ले रहे हैं। तकनीकी शिक्षा ग्रहण करने वाले बेरोजगारों ने भी अपना पंजीकरण नहीं कराया है।
रोजगार के अभाव में दर-दर भटकने वाले बेरोजगारों के दिन एक बार फिर लौटने वाले हैं। इन बेरोजगारों को घर बैठे मोदी सरकार 2500-2500 रुपये भत्ता देने की तैयारी कर रही है। जिला सेवायोजन कार्यालय में पंजीकरण कराने वाले बेरोजगारों की संख्या करीब 26,739 है। बेरोजगारों में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट उत्तीर्ण लोगों की संख्या अधिक है। इनमें से 11,131 बेरोजगारों ने हाईस्कूल की परीक्षा उत्तीर्ण की है, जबकि तकरीबन 7,550 इंटरमीडिएट हैं। स्नातक बेरोजगारों की संख्या लगभग 6,955 है, तो पीजी करने वाले 551 बेरोजगार हैं। पॉलीटेक्निक, इंजीनियरिंग करने वाले बेरोजगारों ने अपना पंजीकरण ही नहीं कराया है। इसकी जो भी वजह हो, मगर विभागीय अधिकारियों का यह मानना है कि तकनीकी शिक्षा ग्रहण करने वाले लोगों को प्राय: नौकरी मिल जाती है। इसके पहले वर्ष 2012-2014 तक बेरोजगारों को एक-एक हजार रुपये भत्ते के रूप में भेजे गए थे। विभागीय आंकड़ों पर गौर किया जाए तो 26,045 लाभार्थियों को बेरोजगारी भत्ता मिला था। मगर इस वर्ष बेरोजगारी भत्ता का लाभ लेने वालों की संख्या बढ़ गई है। फिलहाल अब लोगों की नजरें मोदी सरकार की घोषणा पर टिकी हुई हैं।
वहीं जिला सेवायोजन अधिकारी।विजय बहादुर सिंह का कहना है कि ऑनलाइन पंजीकरण कराने वाले करीब 26,739 अभ्यथीऱ हैं, जो अभी तक विभाग में बेरोजगार के रूप में हैं। फिलहाल अभी तक शासन स्तर से इस दिशा में कोई पहल नहीं हुई है। अगर कोई रजिस्ट्रेशन कराना चाहता है तो उसे कार्यालय आने की जरूरत नहीं है। घर बैठे ऑनलाइन पंजीकरण करा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
रोजगार के अभाव में दर-दर भटकने वाले बेरोजगारों के दिन एक बार फिर लौटने वाले हैं। इन बेरोजगारों को घर बैठे मोदी सरकार 2500-2500 रुपये भत्ता देने की तैयारी कर रही है। जिला सेवायोजन कार्यालय में पंजीकरण कराने वाले बेरोजगारों की संख्या करीब 26,739 है। बेरोजगारों में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट उत्तीर्ण लोगों की संख्या अधिक है। इनमें से 11,131 बेरोजगारों ने हाईस्कूल की परीक्षा उत्तीर्ण की है, जबकि तकरीबन 7,550 इंटरमीडिएट हैं। स्नातक बेरोजगारों की संख्या लगभग 6,955 है, तो पीजी करने वाले 551 बेरोजगार हैं। पॉलीटेक्निक, इंजीनियरिंग करने वाले बेरोजगारों ने अपना पंजीकरण ही नहीं कराया है। इसकी जो भी वजह हो, मगर विभागीय अधिकारियों का यह मानना है कि तकनीकी शिक्षा ग्रहण करने वाले लोगों को प्राय: नौकरी मिल जाती है। इसके पहले वर्ष 2012-2014 तक बेरोजगारों को एक-एक हजार रुपये भत्ते के रूप में भेजे गए थे। विभागीय आंकड़ों पर गौर किया जाए तो 26,045 लाभार्थियों को बेरोजगारी भत्ता मिला था। मगर इस वर्ष बेरोजगारी भत्ता का लाभ लेने वालों की संख्या बढ़ गई है। फिलहाल अब लोगों की नजरें मोदी सरकार की घोषणा पर टिकी हुई हैं।
विज्ञापन
वहीं जिला सेवायोजन अधिकारी।विजय बहादुर सिंह का कहना है कि ऑनलाइन पंजीकरण कराने वाले करीब 26,739 अभ्यथीऱ हैं, जो अभी तक विभाग में बेरोजगार के रूप में हैं। फिलहाल अभी तक शासन स्तर से इस दिशा में कोई पहल नहीं हुई है। अगर कोई रजिस्ट्रेशन कराना चाहता है तो उसे कार्यालय आने की जरूरत नहीं है। घर बैठे ऑनलाइन पंजीकरण करा सकता है।
विज्ञापन