फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pratapgarh News ›   25,000 prize samir seized by STF

ढाबे से निकलते ही समीर को एसटीएफ ने दबोचा

Wed, 31 Jul 2019 12:33 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 31 Jul 2019 12:33 AM IST
विज्ञापन
25,000 prize samir seized by STF
crime
25 हजार के इनामी समीर को एसटीएफ ने दबोचा
विज्ञापन

अधिवक्ता का दूसरा हत्यारोपी मुस्तफा एसटीएफ के हाथ से फिसला, रात भर खाक छानती रही एसटीएफ
प्रयागराज में चल रही पूछताछ, शातिर बदमाश तौसीम का भाई है समीर
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। अधिवक्ता ओम मिश्र के हत्यारोपी समीर को ढाबे से मोहनगंज के लिए निकलते ही रानीगंज अजगरा के करीब एसटीएफ ने दबोच लिया। एक टीम उसे लेकर प्रयागराज चली गई। दूसरी टीम अजगरा बाजार में रात भर डेरा जमाए रही। फरार आरोपी मुस्तफा करीब आने के बाद भी एसटीएफ के जाल में नहीं फंसा। वह एसटीएफ की घेराबंदी देख भाग निकला। शातिर बदमाश तौसीम के भाई समीर से एसटीएफ प्रयागराज में पूछताछ कर रही है। हालांकि अभी पुलिस अधिकारी समीर की गिरफ्तारी से इनकार कर रहे हैं।
महेशगंज के कलिकापुर ढिंगौसी निवासी अधिवक्ता ओम मिश्र की 15 जुलाई को जेठवारा के सोनपुर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। नामजद हत्यारोपियों की तलाश में पुलिस व एसटीएफ की टीमें लगी थीं। जेठवारा पुलिस ने नामजद आरोपी रऊफ और महेंद्र यादव को दबोच लिया था। बाद में फरार 25 हजार के इनामी समीर व मुस्तफा की तलाश में एसटीएफ और जेठवारा पुलिस लग रही। इस बीच समीर के रिश्तेदारों पर जेठवारा पुलिस का दबाव काम आया। सूत्रों की मानें तो जेठवारा पुलिस को सरेंडर करने के लिए निकले समीर को मोहनगंज पहुंचने से पहले ही एसटीएफ प्रयागराज की टीम ने अजगरा के करीब ढाबे से बाहर आते ही दबोच लिया। उसे दबोचने के बाद एसटीएफ की एक टीम उसे लेकर प्रयागराज निकल गई। जबकि दूसरी टीम अजगरा के इर्द-गिर्द डेरा डाले रही। समीर से पूछताछ व दूसरों से बातचीत कराने के बाद एसटीएफ मुस्तफा को भी दबोचने की तैयारी में घेराबंदी कर अजगरा में डट गई। चर्चाओं पर यकीन करें तो मुस्तफा बाजार के करीब आया जरूर, लेकिन उसे एसटीएफ की मौजूदगी की भनक लग गई। जिसके बाद वह भाग निकला। उसकी तलाश में एसटीएफ रात भर आसपास खाक छानती रही।
विज्ञापन

जेठवारा एसओ की मोबाइल पर हुई बात से हो गई चूक
अधिवक्ता ओम मिश्र के हत्यारोपी समीर की तलाश में लगी एसटीएफ भी कई जिलों का भ्रमण कर लौटी थी। सूत्रों की मानें तो एसटीएफ को मालूम हो गया था कि समीर के रिश्तेदारों से जेठवारा थानाध्यक्ष की सरेंडर को लेकर बातचीत चल रही है। जिसके चलते जेठवारा एसओ का नंबर भी सर्विलांस पर लगा दिया गया। रिश्तेदारों से हुई बातचीत की जानकारी एसटीएफ को लग गई और उन लोगों ने समीर को दबोच लिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

समीर से पूछताछ में नहीं मिला ओम की हत्या का राज
अधिवक्ता ओम मिश्र की हत्या में नामजद आरोपी समीर शातिर बदमाश तौसीम निवासी बेलाही का छोटा भाई है। समीर से लगातार एसटीएफ पूछताछ कर रही है, लेकिन कोई कामयाबी नहीं मिल सकी। सूत्रों की मानें तो पूछताछ में समीर बार-बार यही कहता रहा कि उसे फंसाया गया है। अधिवक्ता के परिवार से जमीन को लेकर रंजिश चली आ रही थी। हत्या में उसका हाथ नहीं है। उससे पूछताछ हो रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed