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एक माह में 111 लोगों को ब्रेन हैमरेज, 33 की चली गई जान
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ठंड से दिल-दिमाग को झटका, एक महीने में 33 की गई जान
ब्लड प्रेशर अचानक बढ़ने से 111 लोगों को ब्रेन हेमरेज, इलाज करने में फेल हुए डाक्टर ब्रेन
बुजुर्गों पर भारी पड़ रही ठंड, 78 मरीजों का विभिन्न अस्पताल में चल रहा है इलाज
वरुण श्रीवास्तव
प्रतापगढ़। रुक-रुक पड़ रही ठंड दिल-दिमाग को झटका दे रही है। बीते एक महीने ठंड के चलते अचानक ब्लड प्रेशर बढ़ने के कारण जिले के 111 लोगों को ब्रेन हैमरेज हुआ। जिसमें 33 लोगों की मौत हो गई। जबकि 78 लोगों का अभी भी यहां और प्रयागराज के अस्पतालों में इलाज चल रहा है। पीड़ितों में अधिकांश बुजुर्ग शामिल हैं।
जिले में जनवरी महीने में शुरू हुई कड़ाके की ठंड बुजुर्गों पर भारी पड़ी है। जिला अस्पताल के आंकड़ों पर गौर करें तो जनवरी से लेकर अब तक 111 लोगों को ब्रेन स्ट्रोक आया है। इनमें से 33 लोगों की जान चली गई। जबकि 78 मरीज जीवन और मौत के बीच जूझ रहे हैं। यहां और प्रयागराज के विभिन्न अस्पतालों में उनका इलाज चल रहा है। किसी का हाथ तो किसी का पैर काम नहीं कर रहा है। इन दिनों जिला अस्पताल में ही 7 लोग कोमा में हैं। न तो कुछ बोल पा रहे हैं और न ही कुछ देख और सुन पा रहे हैं। डाक्टर भी इनकी हालत के बारे में ठीक से कुछ नहीं बता पा रहे हैं। डाक्टरों का कहना है कि ग्रामीण इलाकों में ब्रेन हेमरेज होने के बाद लोग समझ नहीं पाते हैं। समय पर उनका इलाज नहीं हो पाता है। जब तक अस्पताल लाया जाता है तब तक बहुत देर हो चुकी होती है। ऐसे में मरीज की जान बचा पाना मुश्किल होता है। जिला अस्पताल में तैनात फिजीशियन डॉक्टर मनोज खत्री ने बताया कि अचानक ब्लडप्रेशर हाई होने के कारण ब्रेन हेमरेज हो जाता है। मरीज का हाथ-पैर काम करना बंद कर देता है। नसें फट जाने के कारण सिर में ब्लड जमने लगता है। इससे मरीजों की मौत हो जाती है। यह दिक्कत अधिकतर मौसम के करवट बदलने या फिर कड़ाके की ठंड में नींद खुलते ही तुरंत बिस्तर से उठने के कारण होती है। बुजुर्गों में यह समस्या ज्यादा आती है।
इनसेट---------
कैसे करें बचाव
बदलते मौसम में हर किसी को सावधान रहना चाहिए। ठंड के दिनों में विशेष ध्यान देना चाहिए। सुबह और शाम घर से नहीं निकलना चाहिए। यदि बाहर निकल रहे हैं तो शरीर को ढककर निकलें। यदि बुजुर्ग ठंड के दिनों में रात में अपने कमरे में सो रहे हैं और किसी कार्य से कमरे से बाहर निकलना हो तो बिस्तर से उठने के बाद कुछ देर कमरे में ही टहलें। इससे ब्लड प्रेशर में कोई दिक्कत नहीं आएगी। सुबह दस बजे तक स्नान भी नहीं करना चाहिए।
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इनसेट-----------
समय से अस्पताल पहुंचने पर बच सकती है जान
डॉक्टर मनोज खत्री ने बताया कि यदि किसी मरीज का ब्लड प्रेशर हाई होता है और उसे बेचैनी होती है तो तत्काल उसकी जांच करानी चाहिए। तत्काल इलाज शुरू होने पर मरीज की जांच बचाई जा सकती है। यदि बीपी हाई होने के कारण ब्रेन हेमरेज हो गया और मुंह से झाग आ रहा है, सांस लेने में दिक्कत हो रही है और हाथ-पैर काम करना बंद कर दें तो ऐसे में मरीज के मुंह में पानी नहीं डालना चाहिए। इससे खतरा बढ़ जाता है। ऐसे मरीज को तत्काल नजदीक के अस्पताल लेकर जाना चाहिए। इलाज कराना चाहिए।
इनसेट--------
40 साल के बाद पखवारे में एक बार कराएं जांच
40 साल की उम्र पार कर चुके लोगों को वैसे तो सप्ताह में एक दिन ब्लड प्रेशर और शुगर की जांच करानी चाहिए। यदि सप्ताह में किसी कारण बस जांच नहीं करवा पा रहे हैं तो पखवारे में एक बार जांच जरूर कराएं। इससे ब्लड प्रेशर, शुगर आदि के बारे में जानकारी मिलती रहती है। ब्लड प्रेशर हाई होने पर तत्काल मरीज का इलाज शुरू कर दिया जाता है। इससे ब्रेन हैमरेज का खतरा कम हो जाता है।
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ब्लड प्रेशर अचानक बढ़ने से 111 लोगों को ब्रेन हेमरेज, इलाज करने में फेल हुए डाक्टर ब्रेन
बुजुर्गों पर भारी पड़ रही ठंड, 78 मरीजों का विभिन्न अस्पताल में चल रहा है इलाज
वरुण श्रीवास्तव
प्रतापगढ़। रुक-रुक पड़ रही ठंड दिल-दिमाग को झटका दे रही है। बीते एक महीने ठंड के चलते अचानक ब्लड प्रेशर बढ़ने के कारण जिले के 111 लोगों को ब्रेन हैमरेज हुआ। जिसमें 33 लोगों की मौत हो गई। जबकि 78 लोगों का अभी भी यहां और प्रयागराज के अस्पतालों में इलाज चल रहा है। पीड़ितों में अधिकांश बुजुर्ग शामिल हैं।
जिले में जनवरी महीने में शुरू हुई कड़ाके की ठंड बुजुर्गों पर भारी पड़ी है। जिला अस्पताल के आंकड़ों पर गौर करें तो जनवरी से लेकर अब तक 111 लोगों को ब्रेन स्ट्रोक आया है। इनमें से 33 लोगों की जान चली गई। जबकि 78 मरीज जीवन और मौत के बीच जूझ रहे हैं। यहां और प्रयागराज के विभिन्न अस्पतालों में उनका इलाज चल रहा है। किसी का हाथ तो किसी का पैर काम नहीं कर रहा है। इन दिनों जिला अस्पताल में ही 7 लोग कोमा में हैं। न तो कुछ बोल पा रहे हैं और न ही कुछ देख और सुन पा रहे हैं। डाक्टर भी इनकी हालत के बारे में ठीक से कुछ नहीं बता पा रहे हैं। डाक्टरों का कहना है कि ग्रामीण इलाकों में ब्रेन हेमरेज होने के बाद लोग समझ नहीं पाते हैं। समय पर उनका इलाज नहीं हो पाता है। जब तक अस्पताल लाया जाता है तब तक बहुत देर हो चुकी होती है। ऐसे में मरीज की जान बचा पाना मुश्किल होता है। जिला अस्पताल में तैनात फिजीशियन डॉक्टर मनोज खत्री ने बताया कि अचानक ब्लडप्रेशर हाई होने के कारण ब्रेन हेमरेज हो जाता है। मरीज का हाथ-पैर काम करना बंद कर देता है। नसें फट जाने के कारण सिर में ब्लड जमने लगता है। इससे मरीजों की मौत हो जाती है। यह दिक्कत अधिकतर मौसम के करवट बदलने या फिर कड़ाके की ठंड में नींद खुलते ही तुरंत बिस्तर से उठने के कारण होती है। बुजुर्गों में यह समस्या ज्यादा आती है।
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कैसे करें बचाव
बदलते मौसम में हर किसी को सावधान रहना चाहिए। ठंड के दिनों में विशेष ध्यान देना चाहिए। सुबह और शाम घर से नहीं निकलना चाहिए। यदि बाहर निकल रहे हैं तो शरीर को ढककर निकलें। यदि बुजुर्ग ठंड के दिनों में रात में अपने कमरे में सो रहे हैं और किसी कार्य से कमरे से बाहर निकलना हो तो बिस्तर से उठने के बाद कुछ देर कमरे में ही टहलें। इससे ब्लड प्रेशर में कोई दिक्कत नहीं आएगी। सुबह दस बजे तक स्नान भी नहीं करना चाहिए।
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समय से अस्पताल पहुंचने पर बच सकती है जान
डॉक्टर मनोज खत्री ने बताया कि यदि किसी मरीज का ब्लड प्रेशर हाई होता है और उसे बेचैनी होती है तो तत्काल उसकी जांच करानी चाहिए। तत्काल इलाज शुरू होने पर मरीज की जांच बचाई जा सकती है। यदि बीपी हाई होने के कारण ब्रेन हेमरेज हो गया और मुंह से झाग आ रहा है, सांस लेने में दिक्कत हो रही है और हाथ-पैर काम करना बंद कर दें तो ऐसे में मरीज के मुंह में पानी नहीं डालना चाहिए। इससे खतरा बढ़ जाता है। ऐसे मरीज को तत्काल नजदीक के अस्पताल लेकर जाना चाहिए। इलाज कराना चाहिए।
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40 साल के बाद पखवारे में एक बार कराएं जांच
40 साल की उम्र पार कर चुके लोगों को वैसे तो सप्ताह में एक दिन ब्लड प्रेशर और शुगर की जांच करानी चाहिए। यदि सप्ताह में किसी कारण बस जांच नहीं करवा पा रहे हैं तो पखवारे में एक बार जांच जरूर कराएं। इससे ब्लड प्रेशर, शुगर आदि के बारे में जानकारी मिलती रहती है। ब्लड प्रेशर हाई होने पर तत्काल मरीज का इलाज शुरू कर दिया जाता है। इससे ब्रेन हैमरेज का खतरा कम हो जाता है।