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प्रतापगढ : नाबालिग से बलत्कार के दो आरोपियों को 20 साल की कारावास
Sat, 30 Oct 2021 06:04 PM IST
विनोद सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 30 Oct 2021 06:04 PM IST
सार
विशेष न्यायालय पॉक्सो एक्ट ने आरोपियों को सजा सुनाई। साथ ही अर्थदंड भी लगाया। कोर्ट ने सुबूत के अभाव में दो आरोपियों को बरी कर दिया।
Pratapgarh News : court
- फोटो : प्रतापगढ़
विस्तार
विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट पंकज कुमार श्रीवास्तव की अदालत ने आदर्श पांडेय उर्फ मुन्ना निवासी रामपुर खागल थाना पट्टी को दुष्कर्म के आरोप में दोषी पाते हुए बीस वर्ष के कारावास व तीन लाख रुपये अर्थदंड से दंडित किया। तीन लाख रुपया का अस्सी प्रतिशत धनराशि पीड़िता के चिकित्सकीय एवं मानसिक आधार की पूर्ति एवं उसके पुनर्वास के लिए दिया जाएगा। वादी के अनुसार उसकी पुत्री पीड़िता को उसके पड़ोस के आदर्श पांडेय उर्फ मुन्ना बहला फुसलाकर कर शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध स्थापित किया। बाद में शादी से इंकार कर दिया।
इस तरह आदर्श पांडेय जानबूझ कर पीड़िता के साथ बराबर दुष्कर्म करता रहा। 12 मई 2015 को आदर्श पांडेय उर्फ मुन्ना व उसके पिता ने पीड़िता से शादी करने से इंकार कर दिया। राज्य की ओर से पैरवी एडीजीसी देवेश चंद्र त्रिपाठी व अशोक कुमार तिवारी ने किया। वहीं एक अन्य मामले में विशेष न्यायाधीश पंकज कुमार श्रीवास्तव ने मिथिलेश कुमार निवासी दूबे पुर थाना बाघराय को छेड़खानी के आरोप में दोषी पाते हुए दो वर्ष के कारावास व तीस हजार रुपया अर्थ दंड से दंडित किया है। राज्य की ओर से पैरवी एडीजीसी निर्भय सिंह ने किया।
एक और अन्य मामले में विशेष नयायाधीश पाक्सो एक्ट पंकज कुमार श्रीवास्तव ने अभियुक्त जर्रार अहमद निवासी गोतनी थाना मानिकपुर को अपहरण व बलात्कार के आरोप में दोषी पाते हुए बीस वर्ष का कठोर कारावास व एक लाख सत्तर हजार रुपया अर्थदंड से दंडित किया। वादी मुकदमा के अनुसार तीन अक्तूबर 2011 को सुबह चार बजे गांव के जर्रार अहमद अपने अन्य सहयोगी शहनावज, शकील अहमद, आमिर के साथ एक राय होकर उसकी नाबालिग लड़की जो शौच के लिए घर के पीछे गई थी।
जबरन अपने साथ उठा ले गए तथा वादिनी व उसके परिवार को जान माल की धमकी दी। न्यायालय ने शहनवाज व शकील अहमद को साक्ष्य के अभाव में दोष मुक्त कर दिया तथा आमिर का विचारण किशोर न्याय बोर्ड द्वारा किया जा रहा है। राज्य की ओर से पैरवी एडीजीसी देवेन्द्र त्रिपाठी व अशोक तिवारी ने किया।
जबरन अपने साथ उठा ले गए तथा वादिनी व उसके परिवार को जान माल की धमकी दी। न्यायालय ने शहनवाज व शकील अहमद को साक्ष्य के अभाव में दोष मुक्त कर दिया तथा आमिर का विचारण किशोर न्याय बोर्ड द्वारा किया जा रहा है। राज्य की ओर से पैरवी एडीजीसी देवेन्द्र त्रिपाठी व अशोक तिवारी ने किया।