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पांच दिन बारशि, 20 मौत,

Fri, 04 Oct 2019 01:06 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 04 Oct 2019 01:06 AM IST
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20 died in heavy rain
आसपुर देवसरा के भाटी में बारिश के दौरान गिरी कच्ची दीवार। - फोटो : PRATAPGARH
पांच दिन की बारिश में 20 मौतें, 800 घर ढहे
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प्रतापगढ़। पांच दिनों की बरसात में करीब बीस लोगों की मौत हो गई, जबकि 800 मकान जमींदोज हो गए। यह आंकड़ा अभी बढ़ भी सकता है। जिले में सई के साथ दूसरी नदियां भी उफनाई हुई हैं। अब सई नदी का पानी घटने लगा है। बावजूद इसके कच्चे मकानों के गिरने का सिलसिला बंद नहीं हो रहा। फसल डूबने से मवेशियों के लिए चारे का संकट खड़ा हो गया है। केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक सई नदी का जलस्तर 84.380 पर था, जो अब घटकर 84.090 पर पहुंच गया है।
पिछले दिनों लगातार हुई मूसलाधार बारिश से सई नदी के किनारे बसे कई गांवों के लोग बाढ़ के पानी से घिर गए थे। बेल्हा देवी मंदिर के करीब सदर बाजार में रहने वाले 80 परिवारों को अपना ठिकाना बदलना पड़ा था। किनारे बसे महुआर, कादीपुर, शिवसत, करौंदी घाट, जहरगो, जामताली समेत कई अन्य गांवों में नदी का पानी घुस गया था। बाढ़ के पानी से लोग घिर गए थे। पांच दिनों तक लगातार होने वाली बारिश से मकानों का गिरना भी जारी रहा। जिसके नीचे दबने से लोगों की मौतें भी होती रहीं। शहर के हादीगंज में मकान गिरने से तसलीम निवासी पल्टन बाजार की दर्दनाक मौत हो गई थी। बुधवार की रात भी महेवा मलकिया की रहने वाली रामादेवी उर्फ देवकन्या पत्नी कृष्ण कुमार तिवारी की मकान गिरने से मौत हो गई। इसके अलावा कुंडा तहसील व सदर तहसील में सबसे अधिक लोगों की मौतें मकान गिरने से मलबे में दबने के कारण हुई हैं। पांच दिनों की बरसात में बीस लोग दैवीय आपदा के शिकार हो चुके हैं। बरसात में कच्चे व पक्के मकान भी खूब गिरे। कुछ आंशिक तो कुछ मकान पूरी तरह गिर गए हैं। जिले में लगभग 800 मकान आंशिक व पूर्ण रूप से जमींदोज हुए हैं। अभी जिला प्रशासन गांवों में गिरे मकानों का सर्वे करा रहा है। यह आंकड़ा अभी और भी बढ़ सकता है। बरसात में मवेशियों के चारे का भी संकट पैदा हो गया है। फसलों के बाढ़ के पानी में डूब जाने के कारण पशुपालक मवेशियों को चारे की व्यवस्था नहीं कर पा रहे हैं। उधर, जिला प्रशासन बरसात से कच्चे मकानों के गिरने की रिपोर्ट तैयार करा रहा है। एडीएम शत्रोहन वैश्य ने बताया कि बारिश से गिरे मकानों की रिपोर्ट सभी तहसीलों में तैयार कराई जा रही है। कुछ रिपोर्ट मिली है। कुछ आनी बाकी है। पीड़ित लोगों को शासन की ओर से मिलने वाली सहायता दिलाई जाएगी।
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आंशिक नुकसान पर 32 सौ, पूरे पर 41 सौ की मिलेगी मदद
अतिवृष्टि के चलते कच्चा व पक्का मकान गिरने वाले पीड़ितों को शासन की ओर से आर्थिक मदद दी जाती है। सदर एसडीएम विजयपाल सिंह ने बताया कि बरसात के दौरान आंशिक मकान गिरने पर शासन द्वारा 32 सौ रुपये और पूरी तरह मकान गिरने पर 41 सौ रुपये की मदद दी जाती है। यह मदद राजस्व विभाग की रिपोर्ट पर मिलती है।
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मृत्यु होने पर चार तो अंगभंग होने पर मिलेंगे दो लाख
दैवीय आपदा में मृत व्यक्ति के परिवार को शासन की ओर से चार लाख रुपये मिलेंगे। यदि किसी का अंगभंग हो जाता है तो उसे शासन द्वारा दो लाख रुपये मिलते हैं। इसके अलावा गंभीर रूप से घायल लोग यदि एक सप्ताह तक अस्पताल में भर्ती रहते हैं तो उन्हें 12 हजार 6 सौ रुपये मिलेंगे। यदि एक सप्ताह के भीतर जिला अस्पताल में उपचार चलता है तो पीड़ित को 46 सौ रुपये की मदद मिलेगी। इसके लिए गांव के लेखपाल को रिपोर्ट देनी होती है। जिसके बाद पीड़ित परिवार को लाभ मिलता है। यदि राजस्व विभाग को जानकारी नहीं लगती तो समय के भीतर लेखपाल को जानकारी देनी चाहिए।

मानधाता क्षेत्र में बारिश के दौरान गिरा कच्चा मकान।

मानधाता क्षेत्र में बारिश के दौरान गिरा कच्चा मकान।- फोटो : PRATAPGARH

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