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एक होगा शहर-गांव का रोस्टर, मिलेगी 24 घंटे बिजली
Updated Sun, 07 Oct 2018 02:05 AM IST
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एक होगा शहर-गांव का रोस्टर, मिलेगी 24 घंटे बिजली
मुख्य अभियंता ने जिले के एक्सईएन से मांगी रिपोर्ट, बढ़ेंगे उपकेंद्र, दूर होगी बदहाली
दुरुस्त होगी व्यवस्था, छह माह के बिजली व्यवस्था में दिखेगी तब्दीली
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। जल्द ही शहर और गांव का रोस्टर एक होने जा रहा है। शहर की तरह ही गांववालों को भी 24 घंटे बिजली मिलेगी। गांव में 24 घंटे विद्युत आपूर्ति के लिए बिजली व्यवस्था की बदहाली दूर की जाएगी। विभागीय सूत्रों की मानें तो जिले के सभी अधिशाषी अभियंताओं से ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था की रिपोर्ट मांगी गई है। छह महीने के भीतर बिजली व्यवस्था दुरुस्त कर गांवों में 24 घंटे आपूर्ति दी जाएगी।
सपा सरकार में शहर में 20 घंटे व गांव में 16 घंटे विद्युत आपूर्ति का रोस्टर था। विद्युत आपूर्ति के इस रोस्टर से न तो शहरी संतुष्ट थे और न ही ग्रामीण। 2017 में सत्ता में आते ही योगी सरकार ने पुराने बिजली रोस्टर को तत्काल परिवर्तित किया। शहर में 22 घंटे से बढ़ाकर 24 घंटे व गांव में 16 घंटे से बढ़ाकर 18 घंटे बिजली आपूर्ति का निर्देश दिया। बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करने पर भी जोर दिया था। शहर में तो बिजली व्यवस्था काफी हद तक ठीक है, मगर ग्रामीण इलाके में लोगों को रोस्टर के अनुरूप बिजली नहीं मिल पा रही है। इसके पीछे बदहाल बिजली व्यवस्था है। गांवों में टूटे तार, कमजोर फीडर, बदहाल उपकेंद्र इसमें बाधक बनते हैं। ऐसे में 18 घंटे के सापेक्ष लोगों को 12 घंटे भी बिजली नहीं मिल पाती है। मगर अब ऐसा नहीं होगा। सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो जल्द ही गांव वाले भी शहर की तरह बिजली का आनंद उठाएंगे। शासन की ओर से शहर और गांव का बिजली रोस्टर एक करने का निर्देश दिया गया है। मुख्य अभियंता ने जिले के सभी एक्सईएन से 24 घंटे बिजली आपूर्ति करने के लिए ग्रामीणों इलाकों की बिजली व्यवस्था की रिपोर्ट मांगी है। जिसमें उन्हें यह बताना होगा कि ग्रामीण इलाके में बिजली व्यवस्था की स्थिति क्या है। 24 घंटे आपूर्ति में क्या-क्या दिक्कतें आएंगी। बिजली व्यवस्था से संबंधित सभी पहलुओं पर अधिशाषी अभियंताओं को रिपोर्ट देनी है। इसके बाद सभी विद्युत पारेषण खंड के परिक्षेत्र में बिजली व्यवस्था को दुरुस्त किया जाएगा। विभाग की मानें तो इन सभी कार्यों को पूरा करने के बाद शहर की तरह ही गांव में भी 24 घंटे आपूर्ति की जाएगी। अधीक्षण अभियंता एसके सिंह ने बताया मुख्य अभियंता के पत्र को संज्ञान में लेकर सभी अधिशाषी अभियंताओं से गांव की बिजली व्यवस्था की रिपोर्ट मांगी गई है। जल्द ही कार्य शुरू होगा।
इनसेट----------------------
बढेंगे उपकें द्र, दुरूस्त होंगे पैनल
अधीक्षण अभियंता एसके सिंह ने बताया कि गांवों में 24 घंटे बिजली आपूर्ति के लिए व्यवस्था में सुधार किया जाएगा। गांवों में कई नए फीडर बढ़ाए जाएंगे, उपकेंद्र भी बढने की संभावना है। पैनल दुरुस्त होंगे। साथ ही जर्जर तार व बदहाल फीडर भी दुरुस्त किए जाएंगे। अधिशाषी अभियंता की रिपोर्ट के बाद यह कवायद जल्द ही शुरू हो जाएगी।
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1 अप्रैल से गांवों में लागू होगा शहर का रोस्टर
गांवों में बिजली व्यवस्था की रिपोर्ट के बाद जल्द ही बजट आएगा। इसके बाद गांवों की जर्जर बिजली व्यवस्था को सुधारने के प्रयास किए जाएंगे। अधीक्षण अभियंता एसके सिंह ने बताया शासन की मंशा के अनुरूप 1 अप्रैल से गांवों में भी शहर का रोस्टर लागू हो जाएगा।
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मुख्य अभियंता ने जिले के एक्सईएन से मांगी रिपोर्ट, बढ़ेंगे उपकेंद्र, दूर होगी बदहाली
दुरुस्त होगी व्यवस्था, छह माह के बिजली व्यवस्था में दिखेगी तब्दीली
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। जल्द ही शहर और गांव का रोस्टर एक होने जा रहा है। शहर की तरह ही गांववालों को भी 24 घंटे बिजली मिलेगी। गांव में 24 घंटे विद्युत आपूर्ति के लिए बिजली व्यवस्था की बदहाली दूर की जाएगी। विभागीय सूत्रों की मानें तो जिले के सभी अधिशाषी अभियंताओं से ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था की रिपोर्ट मांगी गई है। छह महीने के भीतर बिजली व्यवस्था दुरुस्त कर गांवों में 24 घंटे आपूर्ति दी जाएगी।
सपा सरकार में शहर में 20 घंटे व गांव में 16 घंटे विद्युत आपूर्ति का रोस्टर था। विद्युत आपूर्ति के इस रोस्टर से न तो शहरी संतुष्ट थे और न ही ग्रामीण। 2017 में सत्ता में आते ही योगी सरकार ने पुराने बिजली रोस्टर को तत्काल परिवर्तित किया। शहर में 22 घंटे से बढ़ाकर 24 घंटे व गांव में 16 घंटे से बढ़ाकर 18 घंटे बिजली आपूर्ति का निर्देश दिया। बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करने पर भी जोर दिया था। शहर में तो बिजली व्यवस्था काफी हद तक ठीक है, मगर ग्रामीण इलाके में लोगों को रोस्टर के अनुरूप बिजली नहीं मिल पा रही है। इसके पीछे बदहाल बिजली व्यवस्था है। गांवों में टूटे तार, कमजोर फीडर, बदहाल उपकेंद्र इसमें बाधक बनते हैं। ऐसे में 18 घंटे के सापेक्ष लोगों को 12 घंटे भी बिजली नहीं मिल पाती है। मगर अब ऐसा नहीं होगा। सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो जल्द ही गांव वाले भी शहर की तरह बिजली का आनंद उठाएंगे। शासन की ओर से शहर और गांव का बिजली रोस्टर एक करने का निर्देश दिया गया है। मुख्य अभियंता ने जिले के सभी एक्सईएन से 24 घंटे बिजली आपूर्ति करने के लिए ग्रामीणों इलाकों की बिजली व्यवस्था की रिपोर्ट मांगी है। जिसमें उन्हें यह बताना होगा कि ग्रामीण इलाके में बिजली व्यवस्था की स्थिति क्या है। 24 घंटे आपूर्ति में क्या-क्या दिक्कतें आएंगी। बिजली व्यवस्था से संबंधित सभी पहलुओं पर अधिशाषी अभियंताओं को रिपोर्ट देनी है। इसके बाद सभी विद्युत पारेषण खंड के परिक्षेत्र में बिजली व्यवस्था को दुरुस्त किया जाएगा। विभाग की मानें तो इन सभी कार्यों को पूरा करने के बाद शहर की तरह ही गांव में भी 24 घंटे आपूर्ति की जाएगी। अधीक्षण अभियंता एसके सिंह ने बताया मुख्य अभियंता के पत्र को संज्ञान में लेकर सभी अधिशाषी अभियंताओं से गांव की बिजली व्यवस्था की रिपोर्ट मांगी गई है। जल्द ही कार्य शुरू होगा।
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बढेंगे उपकें द्र, दुरूस्त होंगे पैनल
अधीक्षण अभियंता एसके सिंह ने बताया कि गांवों में 24 घंटे बिजली आपूर्ति के लिए व्यवस्था में सुधार किया जाएगा। गांवों में कई नए फीडर बढ़ाए जाएंगे, उपकेंद्र भी बढने की संभावना है। पैनल दुरुस्त होंगे। साथ ही जर्जर तार व बदहाल फीडर भी दुरुस्त किए जाएंगे। अधिशाषी अभियंता की रिपोर्ट के बाद यह कवायद जल्द ही शुरू हो जाएगी।
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1 अप्रैल से गांवों में लागू होगा शहर का रोस्टर
गांवों में बिजली व्यवस्था की रिपोर्ट के बाद जल्द ही बजट आएगा। इसके बाद गांवों की जर्जर बिजली व्यवस्था को सुधारने के प्रयास किए जाएंगे। अधीक्षण अभियंता एसके सिंह ने बताया शासन की मंशा के अनुरूप 1 अप्रैल से गांवों में भी शहर का रोस्टर लागू हो जाएगा।