{"_id":"59a41da54f1c1bb4018b456d","slug":"191503927717-pratapgarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ईद उल अजहा पर विशेष निगहबानी होगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ईद उल अजहा पर विशेष निगहबानी होगी
Updated Mon, 28 Aug 2017 07:11 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रतापगढ़। ईद उल अजहा के मद्देनजर जिले में प्रशासन की विशेष निगहबानी रहेगी। संवेदनशील इलाकों पर खुफिया विभाग की नजर रहेगी। छोटे विवादों की भनक लगते ही पुलिस के साथ राजस्वकर्मी मौके पर पहुंचेंगे। इसके लिए थानों पर पीस कमेटी की बैठकें हो रहीं हैं।
दो सितंबर को बकरीद है। इसके लिए पुलिस प्रशासन की ओर से एहतियातन तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। शासन से मिले महत्वपूर्ण बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए हर थानों में पीस कमेटी की बैठकों का दौर शुरू हो गया है। कहा गया है कि अमन कमेटी की बैठकों में हर मजहब के लोगों को बुलाकर भाईचारे के साथ पर्वो को सकुशल संपन्न कराने की बात की जाए ताकि किसी भी तरह की अप्रिय वारदात न हो सके। जिन इलाकों में पहले कोई विवाद हो चुका है वहां खासतौर पर नजर रखी जाए। प्रदेश के बीस जिले संवेदनशील घोषित किए गए हैं जिसमें प्रतापगढ़ भी शामिल है। वर्ष 2012 में बकरीद के दिन हुई घटना को लेकर पुलिस व राजस्व विभाग को अधिकारियों ने अलर्ट रहने का निर्देश दिया है। ऐसे इलाकों में खुफिया विभाग की नजर रहेगी। वे इलाके की हर गतिविधियों की जानकारी अपने अधिकारियों को देंगे। बकरीद में प्रतिबंधित पशुओं का कटान न हो इसके लिए भी सख्त निर्देश दिए गए हैं। अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी राजकुमार अग्रवाल ने बताया कि तीन दिनों तक चलने वाले बकरीद के पर्व पर अप्रिय वारदात रोकने के लिए हर स्तर पर प्रयास किया जा रहा है। परंपरागत तरीके से हटकर कोई काम नहीं होगा। सभी सीओ व एसओ की नजर अपने इलाके पर रहेगी। इसके लिए गांव के चौकीदारों की मदद ली जाएगी। जहां आवश्यकता होगी, वहां पहले से पुलिस बल तैनात कर दिया जाएगा।
विज्ञापन
दो सितंबर को बकरीद है। इसके लिए पुलिस प्रशासन की ओर से एहतियातन तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। शासन से मिले महत्वपूर्ण बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए हर थानों में पीस कमेटी की बैठकों का दौर शुरू हो गया है। कहा गया है कि अमन कमेटी की बैठकों में हर मजहब के लोगों को बुलाकर भाईचारे के साथ पर्वो को सकुशल संपन्न कराने की बात की जाए ताकि किसी भी तरह की अप्रिय वारदात न हो सके। जिन इलाकों में पहले कोई विवाद हो चुका है वहां खासतौर पर नजर रखी जाए। प्रदेश के बीस जिले संवेदनशील घोषित किए गए हैं जिसमें प्रतापगढ़ भी शामिल है। वर्ष 2012 में बकरीद के दिन हुई घटना को लेकर पुलिस व राजस्व विभाग को अधिकारियों ने अलर्ट रहने का निर्देश दिया है। ऐसे इलाकों में खुफिया विभाग की नजर रहेगी। वे इलाके की हर गतिविधियों की जानकारी अपने अधिकारियों को देंगे। बकरीद में प्रतिबंधित पशुओं का कटान न हो इसके लिए भी सख्त निर्देश दिए गए हैं। अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी राजकुमार अग्रवाल ने बताया कि तीन दिनों तक चलने वाले बकरीद के पर्व पर अप्रिय वारदात रोकने के लिए हर स्तर पर प्रयास किया जा रहा है। परंपरागत तरीके से हटकर कोई काम नहीं होगा। सभी सीओ व एसओ की नजर अपने इलाके पर रहेगी। इसके लिए गांव के चौकीदारों की मदद ली जाएगी। जहां आवश्यकता होगी, वहां पहले से पुलिस बल तैनात कर दिया जाएगा।
विज्ञापन