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पुरवा ने बदला मौसम, रात में भी गर्मी का सितम
Updated Mon, 14 May 2018 12:37 AM IST
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गर्म हवाओं से वातावरण को तमतमा रही पछुआ को एक बार फिर से पुरवा हवाओं ने मात दी है। इससे मौसम एकाएक बदल गया है। मगर इसके बाद भी लोगों को गर्मी से राहत नहीं मिल रही है। उमसभरी गर्मी का कहर शुरू हो गया है। दिन के साथ ही रात मे भी गर्मी का सितम जारी है। मौसम विभाग के अनुसार अंधड़ व बारिश की संभावना बन रही है। रविवार को भी गर्मी से लोग बेहाल रहे। अधिकतम तापमान 38.5 व न्यूनतम 27.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शहर से लेकर गांव तक लोग बेहाल रहे।
मई महीने के शुरुआत से ही पुरवा व पछुआ हवाओं के बीच द्वंद जारी है। कभी पुरवा प्रभाव बना रही है तो कभी पछुआ। मगर दोनों के टकराव से मौसम परिवर्तन का क्रम बना हुआ। मई माह की शुरुआत में पछुआ का असर रहा। इससे तापमान तेजी से बढ़ रहा था। इससे लोग गर्मी से बेहाल थे। इस बीच पुरवा ने प्रभाव जमाया और अंधड़ के साथ बारिश हुई। इससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई। लोगों को राहत मिली। मगर दूसरे सप्ताह में भी फिर से पछुआ ने जोर भरा और गर्मी का कहर शुरू हो गया। गुरुवार से लू का भी असर दिखने लगा था। शुक्रवार को लू का असर इस कदर था कि लेागों का बाहर निकलना मुश्किल हो रहा था। तापमान उछलकर 42 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया था। लोग गर्मी से बेहाल थे। मगर रविवार को भोर से एकाएक मौसम बदल गया। पूर्वी हवाओं ने वातावरण में अपना प्रभाव जमा लिया, जिससे आसमान में बादलों की उमड़-घुमड़ शुरू हो गई। इससे धूप का असर तो कम रहा, मगर गर्मी से लोगों को राहत नहीं थी। पूरे दिन उमसभरी गर्मी का कहर जारी रहा। शहर के बाबागंज, भंगवाचुंगी, सदर बाजार, पल्टन बाजार, पंजाबी मार्केट, बस अड्डा, अंबेडकर चौराहा, घंटाघर आदि बाजारों में धूप का असर कम होने से भीड़ तो रही, मगर उमसभरी गर्मी के चलते ग्राहक से लेकर दुकानदार तक पसीने से तरबतर रहे। लोग पंखे व कूलर की हवा से राहत पाने की कोशिश कर रहे थे। गांवों मे भी लोग गर्मी से लोग बेहाल रहे। मौसम वैज्ञानिक देशराज मीना ने बताया कि पुरवा हवाओं के प्रभाव से उमस बढ़ी है। अधिकतम तापमान में गिरावट आई है। उन्हेांने बताया कि अधिकतम तापमान 38.5 जबकि न्यूनतम 27.2 रिकार्ड किया गया। रात में भी उमसभरी गर्मी का असर बना रहेगा। उयदि इसी तरह से पुरवा हवाओं का असर बना रहा तो बारिश व अंधड़ की भी संभावना है।
मई महीने के शुरुआत से ही पुरवा व पछुआ हवाओं के बीच द्वंद जारी है। कभी पुरवा प्रभाव बना रही है तो कभी पछुआ। मगर दोनों के टकराव से मौसम परिवर्तन का क्रम बना हुआ। मई माह की शुरुआत में पछुआ का असर रहा। इससे तापमान तेजी से बढ़ रहा था। इससे लोग गर्मी से बेहाल थे। इस बीच पुरवा ने प्रभाव जमाया और अंधड़ के साथ बारिश हुई। इससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई। लोगों को राहत मिली। मगर दूसरे सप्ताह में भी फिर से पछुआ ने जोर भरा और गर्मी का कहर शुरू हो गया। गुरुवार से लू का भी असर दिखने लगा था। शुक्रवार को लू का असर इस कदर था कि लेागों का बाहर निकलना मुश्किल हो रहा था। तापमान उछलकर 42 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया था। लोग गर्मी से बेहाल थे। मगर रविवार को भोर से एकाएक मौसम बदल गया। पूर्वी हवाओं ने वातावरण में अपना प्रभाव जमा लिया, जिससे आसमान में बादलों की उमड़-घुमड़ शुरू हो गई। इससे धूप का असर तो कम रहा, मगर गर्मी से लोगों को राहत नहीं थी। पूरे दिन उमसभरी गर्मी का कहर जारी रहा। शहर के बाबागंज, भंगवाचुंगी, सदर बाजार, पल्टन बाजार, पंजाबी मार्केट, बस अड्डा, अंबेडकर चौराहा, घंटाघर आदि बाजारों में धूप का असर कम होने से भीड़ तो रही, मगर उमसभरी गर्मी के चलते ग्राहक से लेकर दुकानदार तक पसीने से तरबतर रहे। लोग पंखे व कूलर की हवा से राहत पाने की कोशिश कर रहे थे। गांवों मे भी लोग गर्मी से लोग बेहाल रहे। मौसम वैज्ञानिक देशराज मीना ने बताया कि पुरवा हवाओं के प्रभाव से उमस बढ़ी है। अधिकतम तापमान में गिरावट आई है। उन्हेांने बताया कि अधिकतम तापमान 38.5 जबकि न्यूनतम 27.2 रिकार्ड किया गया। रात में भी उमसभरी गर्मी का असर बना रहेगा। उयदि इसी तरह से पुरवा हवाओं का असर बना रहा तो बारिश व अंधड़ की भी संभावना है।
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