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11 साल बाद आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के भर्ती का खुलेगा दरवाजा

Sat, 15 Jun 2019 08:20 PM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 15 Jun 2019 08:20 PM IST
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11 साल बाद आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के भर्ती का खुलेगा दरवाजा
11 साल बाद आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की भर्ती का खुलेगा दरवाजा
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विभाग में महिला कार्यकर्ताओं के खाली पड़े हैं 652 पद
कार्यकर्ता और सहायिकाओं की भर्ती के लिए जल्द मांगे जाएंगे आवेदन
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। जिले के खाली पड़े आंगनबाड़ी केंद्रों पर महिला आवेदकों की भर्ती के लिए 11 साल बाद दरवाजा खुलने जा रहा है। 17 विकास खंडों में लगभग 652 पद खाली हैं। यह सभी पद महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं के लिए होने वाली भर्ती के लिए अगले माह तक शासनादेश जारी हो सकता है।
महिला एवं बाल विकास विभाग में महिलाओं के लिए आरक्षित कार्यकर्ता और सहायिकाओं के पद खाली पड़े हैं। जिले के 17 विकास खंडों में 652 आंगनबाड़ी केंद्रों पर महिलाओं की भर्ती होनी है। इनमें आंगनबाड़ी और सहायिका के लिए काफी दिनों से खाली पदों के लिए महिलाएं टकटकी लगाए बैठी हुई हैं। सूबे में लगभग 11 साल से नियुक्तियों पर रोक लगी हुई है। दरअसल में पूर्व में नियुक्ति का अधिकार ब्लाकों पर तैनाती पाने वाली सीडीपीओ को होता था। मगर नियुक्तियों में विवाद की संख्या बढ़ने पर शासन ने यह अधिकार जिला स्तर पर बैठने वाले अफसर (डीपीओ) जिला कार्यक्रम अधिकारी को प्रदान कर दिया था। इससे नाराज सीडीपीओ के कोर्ट में पहुंचते ही नियुक्तियों पर रोक लगा दी। इधर बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी केंद्रों पर ताला लगा हुआ है। कुछ आंगनबाड़ी ने नौकरी छोड़ दी, तो कुछ असेवित गांव हैं, जहां अभी चयन ही नहीं हो पाया था। ऐसे में शासन ने रिक्तियों की संख्या तलब करने के साथ ही अविलंब नियुक्तियां प्रारंभ करने के संकेत दिया है। जिला कार्यक्रम अधिकारी पवन कुमार यादव ने बताया कि शासन ने रिक्तियों की सूचना मांगी है, अभी नियुक्ति से संबंधित कोई पत्र नहीं आया है।
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पेंशन के आवेदन दबाने वाले आठ बीडीओ पर गिरी गाज
डीएम ने आठ बीडीओ का रोका वेतन, दो दिन में चार हजार आवेदन हुए फारवर्ड
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। वृद्धावस्था पेंशन का आवेदन पत्र दबाने वाले आठ बीडीओ पर गाज गिरी है। डीएम ने इन बीडीओ के वेतन भुगतान पर रोक लगा दी है। इधर, डीएम का कड़ा रुख देखकर बीडीओ ने दो दिन में लगभग चार हजार आवेदन पत्रों को फारवर्ड कर दिया है।
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जिले में जनवरी और फरवरी माह में वृद्धावस्था, विधवा, दिव्यांग पेंशन के लिए तहसीलों में लगे कैंप में आए 16,85ी0 आवेदन डंप पड़े थे। इन आवेदनों का सत्यापन कराकर बीडीओ को ऑनलाइन समाज कल्याण विभाग को फारवर्ड करना था। मगर बीडीओ ने इसे दबा रखा था। समाज कल्याण अधिकारी ने डीएम से इस बात की शिकायत की तो उन्होंने आसपुर देवसरा, पट्टी, संडवा चंद्रिका, सांगीपुर, बाबागंज, बिहार, कुंडा बीडीओ के वेतन भुगतान पर रोक लगा दी। इधर, वेतन भुगतान पर रोक लगते ही बीडीओ ने तेजी दिखाना शुरू कर दिया। आलम यह है कि दो दिन में लगभग चार हजार आवेदन फारवर्ड कर दिए गए हैं। जिला समाज कल्याण अधिकारी एनएन द्विवेदी ने बताया कि वेतन भुगतान पर रोक लगते ही बीडीओ ने सत्यापन का कार्य तेज कर दिया है।
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