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गोल्डेन कार्ड बनवाने के लिए लोगों को नहीं लगाना होगा जिला अस्पताल का चक्कर

Fri, 14 Jun 2019 10:49 PM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 14 Jun 2019 10:49 PM IST
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गोल्डेन कार्ड बनवाने के लिए लोगों को नहीं लगाना होगा जिला अस्पताल का चक्कर
गोल्डेन कार्ड बनवाने के लिए नहीं लगाने होंगे चक्कर
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सीएम की सख्ती के बाद जागे अफसर, सीएचसी-पीएचसी के साथ गांवों में भी कैंप लगाएंगे स्वास्थ्य कर्मचारी
जिले में 1 लाख 57 हजार परिवार पात्र, मात्र 49 हजार को ही जारी हो सका है गोल्डन कार्ड
आयुष्मान भारत योजना की प्रगति के लिए स्वास्थ्य विभाग ने उठाया कदम
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। आयुष्मान भारत योजना के पात्र मरीजों को गोल्डेन कार्ड बनवाने के लिए अब जिला अस्पताल के चक्कर नहीं लगाने होंगे। लोगों की सहूलियत के लिए स्वास्थ्य विभाग ने नई पहल शुरू की है। स्वास्थ्य कर्मचारी सीएचसी-पीएचसी के साथ हर पंचायत भवन में कैंप लगाकर खुद पात्रों का गोल्डेन कार्ड बनाएंगे।
केंद्र की मोदी सरकार ने बीते 25 सितंबर 2018 को आयुष्मान भारत योजना का शुभांरभ किया था। वर्ष 2011 में हुई आर्थिक सामाजिक जनगणना के आधार पर जिले के 1 लाख 57 हजार परिवारों को इसमें शामिल किया गया। इस योजना के तहत प्रत्येक परिवार का पांच लाख रुपये तक कैशलेश उपचार होना है। मगर स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के चलते अब तक महज 49 हजार लोगों का ही गोल्डेन कार्ड जारी हो सका है। गुरुवार को मुख्यमंत्री ने सीएमओ और सीएमएस के साथ हुई बैठक में इस पर नाराजगी जताई थी। उन्होंने शत प्रतिशत गोल्डेन कार्ड बनवाने के लिए आदेश दिया। सीएमओ ने लोगों की सहूलियत के लिए समस्त सीएचसी और पीएचसी अधीक्षक को आदेश जारी किया है कि अस्पताल के साथ ही ग्राम पंचायत भवनों में कैंप लगाकर पात्रों का गोल्डेन कार्ड बनाया जाए। जिन लोगों की मौत हो गई अथवा जिनके परिवार के सदस्यों का नाम इस योजना में शामिल नहीं हुआ है उनका नाम भी बढ़ाया जाए। नवविवाहिता के लिए शादी प्रमाणपत्र तो बच्चों के लिए जन्म प्रमाणपत्र लिया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी गरीब परिवार के सदस्य की जान इलाज के अभाव में यदि गई तो संबंधित सीएचसी-पीएचसी के डॉक्टरों की कमी मानी जाएगी। उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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वर्जन------
आयुष्मान भारत योजना के पात्रों का गोल्डेन कार्ड बनने में दिक्कत न आए, इसलिए प्रधानमंत्री का पत्र पात्रों के घर भेजा जा चुका है। वहीं मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत भी लाभार्थियों के लिए संदेश पत्र आया है। आशा बहुओं के माध्यम से पात्रों के घर भेजा जा रहा है। इस पत्र के माध्यम से मरीज अपना इलाज सरकारी अथवा प्राइवेट अस्पताल में करवा सकते हैं।
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सुधाकर सिंह, प्रोग्राम मैनेजर।
वर्जन-----
आयुष्मान भारत के पात्र लोग गोल्डेन कार्ड बनवाने में रुचि नहीं ले रहे हैं। इसको देखते हुए समस्त सीएचसी-पीएचसी अधीक्षक को आदेश दिया गया है कि इस योजना का प्रचार-प्रसार करने के साथ ही पात्रों का गोल्डेन कार्ड बनवाया जाए। सीएचसी-पीएचसी के साथ ग्राम पंचायत भवन पर कैंप लगाया जाए।
एके श्रीवास्तव, सीएमओ।
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