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पुरवा से लुढक़ा पारा, उमस ने निकाला दम

Sat, 01 Jun 2019 08:07 PM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 01 Jun 2019 08:07 PM IST
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पुरवा से लुढक़ा पारा, उमस ने निकाला दम

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पुरवा से लुढ़का पारा, उमस ने निकाला दम
अधिकतम और न्यूनतम तापमान में गिरावट के बाद भी गर्मी से राहत नहीं
ग्रामीण इलाकों में ध्वस्त हुआ बिजली का रोस्टर, शहर में 24 घंटे का दावा फेल
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। शनिवार सुबह से वातावरण में पुरवा हवाओं के पैठ बनाने से शनिवार को तापमान में गिरावट जरूर आई, लेकिन लोगों को गर्मी से राहत नहीं मिली। उमस ने लोगों को बेहाल कर दिया। घर के अंदर और बाहर कहीं राहत नहीं थी। धूप के साथ लू चलने से लोगों का बुरा हाल रहा। लोग पसीने से तरबतर नजर आए। उधर, बिजली की अंधाधुंध कटौती ने लोगों को और परेशान कर रख दिया है। शहर और गांव में दोपहर में लोड बढ़ते ही जहां बिजली गुल हो जाती है।
शनिवार सुबह से पुरवा हवाओं के चलने से न्यूनतम और अधिकतम तापमान में गिरावट होने के बाद भी लोगों को गर्मी से राहत नहीं मिली। शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 29.3 और अधिकतम तापमान 41.0 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया था। शनिवार को खिसककर न्यूनतम तापमान 28.1 और अधिकतम 39.7 पर आ गया। इसके बाद भी उमस भरी गर्मी लोगों को सताती रही। दोपहर में चिलचिलाती धूप और लू से लोग परेशान रहे। घरों और दुकानों में बैठे लोग पसीने से तरबतर नजर आए। दोपहर में गांव की सड़कों में जहां सन्नाटा पसरा रहा, वहीं शहर की सड़कों पर गिने-चुने लोग ही दिखाई पड़ रहे थे। शहर में 24 घंटे बिजली देने का दावा ध्वस्त हो गया है। आलम यह है कि जब इच्छा होती है बिजली विभाग लोकल फाल्ट के नाम पर कटौती कर लेता है। जब उपभोक्ताओं के फोन घनघनाते हैं तो उन्हें लाइन जोड़ने की याद आती है। फिलहाल ग्रामीण इलाकों में बिजली आपूर्ति का कोई समय नहीं रह गया है। कभी मेन लाइन की कटौती तो भी लोकल फाल्ट के नाम पर प्राय: बिजली काट दी जाती है। अफसरों से शिकायत के बाद भी कोई पहल नहीं होती है।
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मानदेय मांगने डीएम के पास पहुंचे शिक्षक
एमडीपीजी में कक्ष निरीक्षकों को मानदेय नहीं मिलने का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। शहर एमडीपीजी कालेज में कक्ष निरीक्षक की ड्यूटी करने वाले शिक्षकों को मानदेय नहीं मिलने पर शनिवार को डीएम से मुलाकात कर अविलंब भुगतान की मांग की है। शिक्षकों का आरोप है कि उनके मानदेय को निकाल कर डकार लिया गया है। डीएम ने जांच कराने का आश्वासन दिया है।
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शनिवार की सुबह लगभग दो दर्जन शिक्षकों ने डीएम से मुलाकात कर शहर के एमडीपीजी में वर्ष 2018 की विभिन्न परीक्षाएं संपादित कराने और मानदेय नहीं मिलने की शिकायत लेकर पहुंचे थे। शिक्षकों के मुताबिक मानदेय की धनराशि विश्वविद्यालय से आई थी, जिसे निकालकर बंदरबांट कर लिया गया है। इससे लगभग दस-दस हजार रुपये बकाया है। डीएम ने शिक्षकों की बातों को गौर से सुना और भरोसा दिया कि उनका मानदेय जल्द उन्हें मिलेगा। इस मौके पर दिवाकर त्रिपाठी, संजीव जायसवाल, राजेश त्रिपाठी, हरीशदत्त ओझा, प्रदीप कुमार पांडेय, अवनीश कुमार पांडेय, रमेशचंद्र तिवारी, आशीष मिश्रा प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
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