{"_id":"5c3c95eebdec22734c6bfa1d","slug":"151547474414-pratapgarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नगर पंचायत और जिला पंचायत पकड़ेंगी आवरा पशु","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नगर पंचायत और जिला पंचायत पकड़ेंगी आवरा पशु
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नगर पंचायत और जिला पंचायत पकड़ेंगी आवारा पशु
20 जनवरी के बाद चलेगा धरपकड़ अभियान
कोहंड़ौर और आसपुर देवसरा में 14-14 बीघे में बन रहा है गो संरक्षण केंद्र
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। किसानों की लहलहाती फसलों को तहस-नहस करने वाले आवारा पशुओं की धरपकड़ की व्यापक रणनीति तैयार की गई है। शहरी इलाकों के आवारा पशुओं को नगर पंचायत, नगरपालिका और ग्रामीण इलाकों के आवारा पशुओं जिला पंचायत को पकड़ने का जिम्मा सौंपा गया है। जिन इलाकों में गो संरक्षण केंद्र की स्थापना का कार्य पूर्ण हो जाएगा, वहां अभियान चलाकर आवारा पशुओं को पकड़ा जाएगा।
आवारा पशुओं के आतंक से परेशान किसानों को योगी सरकार जल्द ही निजात देने जा रही है। जिले में 26 गो संरक्षण केंद्र और 10 कांजी हाउस की स्थापना करके आवारा पशुओं को रखने की योजना है। गो संरक्षण केंद्र की स्थापना नगर पंचायत और क्षेत्र पंचायत समिति कराएगी, जबकि कांजी हाउस की स्थापना जिला पंचायत को निर्माण कराना है। मंगरौरा विकास खंड के कोहंड़ौर बाजार के निकट और आसपुर देवसरा ब्लाक के निकट 14-14 बीघे में गो संरक्षण केंद्र का निर्माण तेजी से हो रहा है। इधर शासन ने आवारा पशुओं को गो संरक्षण केंद्र तक पहुंचाने की जिम्मेदारी तय कर दी है। नगर पालिका परिषद और टाउन एरिया में घूमने वाले आवारा पशुओं को पकड़ने की जिम्मेदारी टाउन एरिया की होगी, जबकि ग्रामीण इलाकों के पशुओं की धरपकड़ के लिए जिला पंचायत की टीम लगाई जाएगी। ऐसा माना जा रहा है कि 20 जनवरी तक गो संरक्षण केंद्रों का निर्माण होते ही आवारा पशुओं को पकड़ने का अभियान प्रारंभ हो जाएगा।
इनसेट--------
16 जनवरी को डीएम की अध्यक्षता में होगी बैठक
वैकल्पिक गो संरक्षण केंद्रों के निर्माण के लिए 16 जनवरी को ईओ, बीडीओ और जनप्रतिनिधियों की बैठक डीएम की अध्यक्षता में होगी। बैठक में गो संरक्षण केंद्रों के निर्माण में तेजी लाने और आवारा पशुओं को अंदर करने की योजना बनाई जाएगी।
विज्ञापन
इनसेट-----------
कड़ाके की ठंड में खेत की कर रहे रखवाली
ग्रामीण इलाकों में किसान रतजगा करके गेहूं और आलू के फसलों की रखवाली कर रहे हैं। महंगे बीज और खाद डालकर गेहूं की फसल उगाने वाले किसानों को अपनी सेहत से अधिक फसलों की सुरक्षा करनी पड़ रही है। किसानों की मानें तो झुंड में आने वाले यह आवारा पशु गेहूं की लहलहाती फसल को चरने के साथ ही तहस-नहस कर रहे हैं।
वर्जन--------
जिले के आवारा पशु अब किसानों की फसलों को नुकसान नहीं पहुंचाएंगे, जल्द ही आवारा पशुओं को गो संरक्षण केद्रों में कैद किया जाएगा। कोहंड़ौर और आसपुर देवसरा में तैयार होते ही पकड़ने का अभियान चलाया जाएगा।
डॉ. विजय प्रताप सिंह, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी।
विज्ञापन
20 जनवरी के बाद चलेगा धरपकड़ अभियान
कोहंड़ौर और आसपुर देवसरा में 14-14 बीघे में बन रहा है गो संरक्षण केंद्र
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। किसानों की लहलहाती फसलों को तहस-नहस करने वाले आवारा पशुओं की धरपकड़ की व्यापक रणनीति तैयार की गई है। शहरी इलाकों के आवारा पशुओं को नगर पंचायत, नगरपालिका और ग्रामीण इलाकों के आवारा पशुओं जिला पंचायत को पकड़ने का जिम्मा सौंपा गया है। जिन इलाकों में गो संरक्षण केंद्र की स्थापना का कार्य पूर्ण हो जाएगा, वहां अभियान चलाकर आवारा पशुओं को पकड़ा जाएगा।
आवारा पशुओं के आतंक से परेशान किसानों को योगी सरकार जल्द ही निजात देने जा रही है। जिले में 26 गो संरक्षण केंद्र और 10 कांजी हाउस की स्थापना करके आवारा पशुओं को रखने की योजना है। गो संरक्षण केंद्र की स्थापना नगर पंचायत और क्षेत्र पंचायत समिति कराएगी, जबकि कांजी हाउस की स्थापना जिला पंचायत को निर्माण कराना है। मंगरौरा विकास खंड के कोहंड़ौर बाजार के निकट और आसपुर देवसरा ब्लाक के निकट 14-14 बीघे में गो संरक्षण केंद्र का निर्माण तेजी से हो रहा है। इधर शासन ने आवारा पशुओं को गो संरक्षण केंद्र तक पहुंचाने की जिम्मेदारी तय कर दी है। नगर पालिका परिषद और टाउन एरिया में घूमने वाले आवारा पशुओं को पकड़ने की जिम्मेदारी टाउन एरिया की होगी, जबकि ग्रामीण इलाकों के पशुओं की धरपकड़ के लिए जिला पंचायत की टीम लगाई जाएगी। ऐसा माना जा रहा है कि 20 जनवरी तक गो संरक्षण केंद्रों का निर्माण होते ही आवारा पशुओं को पकड़ने का अभियान प्रारंभ हो जाएगा।
विज्ञापन
इनसेट--------
16 जनवरी को डीएम की अध्यक्षता में होगी बैठक
वैकल्पिक गो संरक्षण केंद्रों के निर्माण के लिए 16 जनवरी को ईओ, बीडीओ और जनप्रतिनिधियों की बैठक डीएम की अध्यक्षता में होगी। बैठक में गो संरक्षण केंद्रों के निर्माण में तेजी लाने और आवारा पशुओं को अंदर करने की योजना बनाई जाएगी।
विज्ञापन
इनसेट-----------
कड़ाके की ठंड में खेत की कर रहे रखवाली
ग्रामीण इलाकों में किसान रतजगा करके गेहूं और आलू के फसलों की रखवाली कर रहे हैं। महंगे बीज और खाद डालकर गेहूं की फसल उगाने वाले किसानों को अपनी सेहत से अधिक फसलों की सुरक्षा करनी पड़ रही है। किसानों की मानें तो झुंड में आने वाले यह आवारा पशु गेहूं की लहलहाती फसल को चरने के साथ ही तहस-नहस कर रहे हैं।
वर्जन--------
जिले के आवारा पशु अब किसानों की फसलों को नुकसान नहीं पहुंचाएंगे, जल्द ही आवारा पशुओं को गो संरक्षण केद्रों में कैद किया जाएगा। कोहंड़ौर और आसपुर देवसरा में तैयार होते ही पकड़ने का अभियान चलाया जाएगा।
डॉ. विजय प्रताप सिंह, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी।