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एसबीआई की कमाई पर लगा बट्टा, अब आरबीआई से सीधे मिलेगा वेतन

Fri, 12 Oct 2018 08:00 PM IST
Updated Fri, 12 Oct 2018 08:00 PM IST
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एसबीआई की कमाई पर लगा बट्टा, अब आरबीआई से सीधे मिलेगा वेतन
एसबीआई की कमाई पर लगा बट्टा, अब आरबीआई से सीधे मिलेगा वेतन
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जिले के 19,789 कर्मचारियों और अफसरों के लिए राहत भरी खबर
11 नवंबर से जिले में लागू हो रही है ई-कुबेर प्रणाली
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। भारतीय रिजर्व बैंक ने खर्च में कटौती करते हुए अब जिले भर के अफसरों और कर्मचारियों का वेतन सीधे खाते में भेजने का फैसला किया है। आरबीआई की नई व्यवस्था लागू होने से 19,789 कर्मचारियों और अफसरों का यह फायदा होगा कि अगर कंप्यूटर की फीडिंग में नाम और खाता गलत होता है तो उन्हें बैंक का चक्कर नहीं लगाना होगा, बल्कि दूसरा बिल भेजकर खाते में भुगतान प्राप्त कर सकेंगे। अभी तक भारतीय स्टेट बैंक से वेतन का भुगतान किया जाता था। इसके एवज में आरबीआई बैंक को शुल्क अदा करता था।
जिले के कर्मचारियों और अधिकारियों को नियमित वेतन का भुगतान करने और खर्च में कटौती करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक ने सीधे खाते में वेतन भुगतान करने का फैसला किया है। आरबीआई ने जिले में 11 नवंबर से ई-कुबेर प्रणाली लागू करने का फैसला किया है। इस योजना के तहत बैंक ड्राफ्ट, चेक और टोकन को पूरी तरह समाप्त कर दिया है। विभाग के डीडीओ पोर्टल पर कर्मचारियों का विवरण फीड होगा और आनलाइन बिल तैयार होने के बाद सीधे कोषागार को भेज दिया जाएगा। कोषाधिकारी बगैर टोकन दिए ही वेतन और एरियर को सीधे कर्मचारियों के खाते में भेज देंगे। इससे कर्मचारियों का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि अगर कंप्यूटर फीडिंग के दौरान खाता नंबर और नाम गलत होता है, तो दूसरी बैंक या खाते में धनराशि नहीं जाएगी, बल्कि वह आरबीआई के खाते में ही पड़ी रहेगी। अभी तक वेतन भुगतान की जिम्मेदारी भारतीय स्टेट बैंक को दी गई थी। इसमें सबसे बड़ी गड़बड़ी यह हो रही थी कि अगर किसी कर्मचारी का खाता नंबर या नाम गलत होता था, तो वह धनराशि वापस बैंक के खाते में आ जाती थी, और उसका भुगतान तब तक नहीं होता था, जब तक कर्मचारी शिकायत नहीं करता था। यह उन कर्मचारियों पर भारी पड़ता था, जो वेतन को लेकर सजग नहीं रहते थे। फिलहाल नई व्यवस्था 11 नवंबर से लागू हो रही है।
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पांच से दस तारीख के बीच नहीं मिलेगा वेतन
जिले के कर्मचारियों और अफसरों को वेतन अब महीने की एक से चार तारीख तक या 11 तारीख के बाद ही मिलेगा। दरअसल, प्रत्येक माह में 5-10 तक कोषागार से कोई भुगतान नहीं होगा। उस समय कोषागार शिफ्टिंग प्रक्रिया में रहेगा।
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खत्म हुआ टोकन का झंझट
वेतन, एरियर, महंगाई भत्ते के भुगतान के लिए अब विभागों को कोषागार से टोकन नहीं लेना होगा, बल्कि डीडीओ सीधे बिल अपलोड करके कोषागार को भेज देंगे। इससे कम समय में वेतन का भी भुगतान होगा।

इनसेट---------
ऑफलाइन नहीं, बल्कि आनलाइन तैयार होंगे बिल
लिपिकों को अब ऑफलाइन बिल नहीं बनाना होगा, बल्कि ऑनलाइन बिल तैयार होने के साथ ही कोषागार को फारवर्ड कर दिया जाएगा। कोषागार में बिल पहुंचते ही खाते में भुगतान कर दिया जाएगा।


वर्जन------
जिले में 11 नवंबर से ई-कुबेर प्रणाली लागू हो रही है। इस प्रणाली के लागू होने से अब आरबीआई से सीधे कर्मचारियों और अधिकारियों के खातों में वेतन भेजा जाएगा। इसलिए विभागों को समय से बिल भेजना होगा।
दीपक बाबू, वरिष्ठ कोषाधिकारी।
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