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कुरैशी जाति का एक और प्रमाणपत्र हुआ निरस्त
Updated Mon, 23 Jul 2018 07:16 PM IST
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संडवा चंद्रिका विकास खंड के चौरा गांव के प्रधान फिरोजुद्दीन की प्रधानी खतरे में पड़ गई है। कागजी साक्ष्य में खुलासा हुआ है कि प्रधान सामान्य जाति के हैं, उन्होंने प्रधानी हासिल करने के लिए पिछड़ी जाति (कुरैशी) का प्रमाणपत्र बनवा लिया था। डीएम ने जाति प्रमाणपत्र को निरस्त कर दिया है।
कुरैशी जाति (पिछड़ी जाति) का फर्जी प्रमाणपत्र बनवाकर प्रधानी हासिल करने के एक और मामले का खुलासा हुआ है। गांव के ही राम प्रसाद सोनी ने हाईकोर्ट में वाद प्रस्तुत कर आरोप लगाया था कि प्रधान ने फर्जी जाति प्रमाणपत्र बनवाकर प्रधानी हासिल कर ली है। दरअसल में चौरा गांव में प्रधान का पद पिछड़ी जाति के लिए आरक्षित था। मगर फिरोजुद्दीन सामान्य जाति (पठान) का होने के बावजूद फर्जी जाति (कुरैशी) का प्रमाणपत्र बनवाकर प्रधानी हासिल कर ली। जिला स्तरीय समिति ने मामले की जांच की तो खुलासा हुआ कि चौरा प्रधान सामान्य जाति के हैं। डीएम शंभु कुमार ने सोमवार को कुरैशी जाति का प्रमाणपत्र निरस्त कर दिया है।
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कुरैशी जाति (पिछड़ी जाति) का फर्जी प्रमाणपत्र बनवाकर प्रधानी हासिल करने के एक और मामले का खुलासा हुआ है। गांव के ही राम प्रसाद सोनी ने हाईकोर्ट में वाद प्रस्तुत कर आरोप लगाया था कि प्रधान ने फर्जी जाति प्रमाणपत्र बनवाकर प्रधानी हासिल कर ली है। दरअसल में चौरा गांव में प्रधान का पद पिछड़ी जाति के लिए आरक्षित था। मगर फिरोजुद्दीन सामान्य जाति (पठान) का होने के बावजूद फर्जी जाति (कुरैशी) का प्रमाणपत्र बनवाकर प्रधानी हासिल कर ली। जिला स्तरीय समिति ने मामले की जांच की तो खुलासा हुआ कि चौरा प्रधान सामान्य जाति के हैं। डीएम शंभु कुमार ने सोमवार को कुरैशी जाति का प्रमाणपत्र निरस्त कर दिया है।
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