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गैस सिलेंडर के दाम बढने पर 313 लोगों ने फिर मांगी सब्सिडी
Updated Sun, 07 Oct 2018 02:04 AM IST
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गैस सिलेंडर के दाम बढने पर 313 लोगों ने फिर मांगी सब्सिडी
प्रधानमंत्री मोदी की अपील पर जिले के 928 लोगों ने छोड़ दी थी गैस सब्सिडी
रसोई गैस के दाम बढने के बाद टूटा धैर्य, गैस एजेंसियों पर कर रखा है आवेदन
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। रसोई गैस के दाम लगातार बढने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील पर सब्सिडी छोडने वाले 313 लोगों ने फिर सब्सिडी की मांग की है। उन्होंने जिले की गैस एजेंसियों पर सब्सिडी के लिए आवेदन कर रखा है। दो साल पहले सब्सिडी छोडने वाले उपभोक्ताओं ने खूब वाहवाही लूटी और प्रधानमंत्री का धन्यवाद पत्र भी लिया। अब 313 लोग सब्सिडी वापस लेने के लिए एजेंसियों के चक्कर लगा रहे हैं।
जिले में रसोई गैस उपभोक्ताओं की संख्या 4,60,470 है। इसमें उज्ज्वला गैस योजना के लगभग सवा लाख उपभोक्ता भी शामिल हैं। दो साल पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आग्रह पर जिले के 928 उपभोक्ताओं ने गैस सब्सिडी का त्याग कर दिया। जिस समय उन्होंने गैस सब्सिडी छोड़ी थी उस समय परिचितों और आसपास के लोगों से प्रचार-प्रसार करके खूब वाहवाही लूटी। प्रधानमंत्री ने गैस सब्सिडी छोडने वाले उपभोक्ताओं को धन्यवाद पत्र भी भेजा। डाक से घर-घर पहुंचने वाले धन्यवाद पत्र से सब्सिडी छोडने वालों की खुशी का ठिकाना नहीं था। रसोई गैस के दामों में लगातार बढ़ोतरी के बाद अब सब्सिडी छोडने वाले ग्राहक अब फिर सब्सिडी की मांग कर रहे हैं। वह एजेंसियों के चक्कर लगा रहे हैं। फिलहाल अभी तक गिने-चुने लोगों को ही सब्सिडी मिली है। विभागीय अधिकारियों का दावा है कि सब्सिडी लेने के लिए ज्यादा इंतजार नहीं करना होता है। सब्सिडी वापस लेने के लिए 313 उपभोक्ताओं के आवेदन करने की बात स्वीकार कर रहे हैं, मगर कितने लोगों को वापस सब्सिडी दी गई, इसकी जानकारी देने में असमर्थता प्रकट की। फिलहाल वर्तमान में रसोई गैस का सिलेंडर 947 रुपये में मिल रहा है, जिसमें 437 रुपये उपभोक्ताओं को सब्सिडी के तौर पर ऑनलाइन खाते में मिलता है।
इनसेट----------
सब्सिडी वाले ग्राहकों पर महंगाई का नहीं पड़ता असर
जिन ग्राहकों को रसोई गैस की सब्सिडी मिल रही है, उन पर गैस महंगी होने का कोई असर नहीं पड़ता है। ऐसा इसलिए होता है कि गैस जितनी महंगी होती है, उतना रुपया सब्सिडी के साथ जुडक़र वापस खाते में आ जाता है। 945 रुपये के मिलने वाले सिलेंडर पर 437 रुपये सब्सिडी मिलती है। इससे उपभोक्ता को केवल 508 रुपये ही चुकता करने होते हैं। मगर जो सब्सिडी छोड़ दिए हैं, उनके लिए महंगाई भारी पड़ती है।
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इनसेट--------
आधार नहीं तो सब्सिडी नहीं
जिले के उन ग्राहकों को भी सब्सिडी नहीं मिल रही है, जिन्होंने अभी तक आधार नंबर नहीं फीड कराया है। ऐसी दशा में अगर सब्सिडी का लाभ लेना है तो अविलंब आधार की फीडिंग करा दें।
वर्जन-----
जिन उपभोक्ताओं ने स्वेच्छा से सब्सिडी का त्याग किया था और अब मांग रहे हैं, उनके आवेदन पर विचार करके सब्सिडी दी जा रही है। अधिकांश लोग ऐसे हैं, जिन्होंने दो वर्ष पहले सब्सिडी का त्याग किया था और अब वापस लेने के लिए आवेदन किया है। फिलहाल वापस सब्सिडी पाने वालों की संख्या अभी बता पाना संभव नहीं है।
रोहित गुप्ता, सेल्स ऑफीसर।
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प्रधानमंत्री मोदी की अपील पर जिले के 928 लोगों ने छोड़ दी थी गैस सब्सिडी
रसोई गैस के दाम बढने के बाद टूटा धैर्य, गैस एजेंसियों पर कर रखा है आवेदन
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। रसोई गैस के दाम लगातार बढने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील पर सब्सिडी छोडने वाले 313 लोगों ने फिर सब्सिडी की मांग की है। उन्होंने जिले की गैस एजेंसियों पर सब्सिडी के लिए आवेदन कर रखा है। दो साल पहले सब्सिडी छोडने वाले उपभोक्ताओं ने खूब वाहवाही लूटी और प्रधानमंत्री का धन्यवाद पत्र भी लिया। अब 313 लोग सब्सिडी वापस लेने के लिए एजेंसियों के चक्कर लगा रहे हैं।
जिले में रसोई गैस उपभोक्ताओं की संख्या 4,60,470 है। इसमें उज्ज्वला गैस योजना के लगभग सवा लाख उपभोक्ता भी शामिल हैं। दो साल पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आग्रह पर जिले के 928 उपभोक्ताओं ने गैस सब्सिडी का त्याग कर दिया। जिस समय उन्होंने गैस सब्सिडी छोड़ी थी उस समय परिचितों और आसपास के लोगों से प्रचार-प्रसार करके खूब वाहवाही लूटी। प्रधानमंत्री ने गैस सब्सिडी छोडने वाले उपभोक्ताओं को धन्यवाद पत्र भी भेजा। डाक से घर-घर पहुंचने वाले धन्यवाद पत्र से सब्सिडी छोडने वालों की खुशी का ठिकाना नहीं था। रसोई गैस के दामों में लगातार बढ़ोतरी के बाद अब सब्सिडी छोडने वाले ग्राहक अब फिर सब्सिडी की मांग कर रहे हैं। वह एजेंसियों के चक्कर लगा रहे हैं। फिलहाल अभी तक गिने-चुने लोगों को ही सब्सिडी मिली है। विभागीय अधिकारियों का दावा है कि सब्सिडी लेने के लिए ज्यादा इंतजार नहीं करना होता है। सब्सिडी वापस लेने के लिए 313 उपभोक्ताओं के आवेदन करने की बात स्वीकार कर रहे हैं, मगर कितने लोगों को वापस सब्सिडी दी गई, इसकी जानकारी देने में असमर्थता प्रकट की। फिलहाल वर्तमान में रसोई गैस का सिलेंडर 947 रुपये में मिल रहा है, जिसमें 437 रुपये उपभोक्ताओं को सब्सिडी के तौर पर ऑनलाइन खाते में मिलता है।
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सब्सिडी वाले ग्राहकों पर महंगाई का नहीं पड़ता असर
जिन ग्राहकों को रसोई गैस की सब्सिडी मिल रही है, उन पर गैस महंगी होने का कोई असर नहीं पड़ता है। ऐसा इसलिए होता है कि गैस जितनी महंगी होती है, उतना रुपया सब्सिडी के साथ जुडक़र वापस खाते में आ जाता है। 945 रुपये के मिलने वाले सिलेंडर पर 437 रुपये सब्सिडी मिलती है। इससे उपभोक्ता को केवल 508 रुपये ही चुकता करने होते हैं। मगर जो सब्सिडी छोड़ दिए हैं, उनके लिए महंगाई भारी पड़ती है।
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आधार नहीं तो सब्सिडी नहीं
जिले के उन ग्राहकों को भी सब्सिडी नहीं मिल रही है, जिन्होंने अभी तक आधार नंबर नहीं फीड कराया है। ऐसी दशा में अगर सब्सिडी का लाभ लेना है तो अविलंब आधार की फीडिंग करा दें।
वर्जन-----
जिन उपभोक्ताओं ने स्वेच्छा से सब्सिडी का त्याग किया था और अब मांग रहे हैं, उनके आवेदन पर विचार करके सब्सिडी दी जा रही है। अधिकांश लोग ऐसे हैं, जिन्होंने दो वर्ष पहले सब्सिडी का त्याग किया था और अब वापस लेने के लिए आवेदन किया है। फिलहाल वापस सब्सिडी पाने वालों की संख्या अभी बता पाना संभव नहीं है।
रोहित गुप्ता, सेल्स ऑफीसर।