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फर्जीवाड़ा: बाबू की मिलीभगत से सेवानिवृत्त होने के बाद भी किया लाखों का भुगतान
Updated Tue, 13 Nov 2018 11:27 PM IST
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फर्जीवाड़ा: बाबू की मिलीभगत से सेवानिवृत्त होने के बाद भी किया लाखों का भुगतान
विभाग ने आनन-फानन में किया बाहर, रिकवरी और एफआईआर से कतरा रहे अफसर
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। लोक निर्माण विभाग खंड एक में बाबू और कर्मचारी की मिलीभगत से रिटायर होने के बाद भी लाखों रुपये का भुगतान कर दिया गया है। गांव के ही एक व्यक्ति के शिकायत करने से मामला उजागर होने पर आनन-फानन में विभाग ने बाहर का रास्ता तो दिखा दिया, मगर रिकवरी और एफआईआर कराने से कतरा रहे हैं।
लोक निर्माण विभाग खंड एक में एक फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। कुंडा इलाके के शहाबपुर निवासी चंद्रभूषण शुक्ला विभाग में कर्मचारी के रूप में तैनात थे। नौकरी प्राप्त करते समय टीपी इंटर कालेज कुंडा की टीसी लगाई थी, जिसमें जन्मतिथि 19 मार्च 1957 अंकित थी। मगर विभाग में लंबे समय से तैनात एक सीनियर लिपिक की मदद से बाद में फर्जी टीसी लगा दी गई। इस टीसी में 7 नवंबर 1967 जन्मतिथि डालकर नौकरी करने लगा। वास्तविक जन्मतिथि के अनुसार 19 मार्च 2017 को कर्मचारी को रिटायर होना था। मगर नई टीसी के मुताबिक सेवाकाल दस वर्ष बढ़ गया। बाबू की मिलीभगत से सात महीने वेतन लेने के बाद जब मामले का खुलासा हुआ, तो अफसरों ने आनन-फानन में उसे बाहर कर दिया। मगर विभागीय अधिकारियों ने न तो अभी तक दोषी बाबू के खिलाफ न प्राथमिकी दर्ज कराई गई और न ही रिकवरी की कार्रवाई की गई।
इनसेट---------------
बाबू के शिकंजे में है विभाग
लोक निर्माण विभाग खंड एक में तैनात बाबू के शिकंजे में पूरा विभाग है। दरअसल में सीनियर लिपिक होने के कारण उसे प्रशासनिक अधिकारी का चार्ज दिया गया है। इससे वह अपने मातहतों पर शिकंजा कसने के साथ ही अफसरों को अपनी अंगुली पर नचाता रहता है।
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वर्जन----------
सेवानिवृत्त आयु पूरी होने के बाद भी फर्जी अभिलेख लगाकर नौकरी करने वाले कर्मचारी को बाहर कर दिया गया है। फिलहाल प्राथमिकी दर्ज कराने और रिकवरी की कार्रवाई अभी पेंडिंग हैं।
शैलेंद्र कुमार, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग खंड एक।
बिजली और कृषि विभाग के अफसरऱ् रहे नदारद
सिंचाई बंधु की बैठक में नहरों की सिल्ट सफाई में होने वाले खेल का उठा मुद्दा
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। किसानों की समस्याओं से बेखबर बिजली और कृषि विभाग के अफसर मंगलवार को सिंचाई बंधु की बैठक से नदारद रहे। इससे इन विभागों की आने वाली शिकायतों को सुनने वाला कोई नहीं था। इधर सिल्ट सफाई में हो रहे खेल का मामला उठने पर उपाध्यक्ष भानु प्रताप सिंह ने पूरे मामले की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया।
मंगलवार को सिंचाई डाक बंगले में सिंचाई बंधु की बैठक में खाद, पानी, बिजली, बीज की समस्याएं प्रमुखता से उठी। सिंचाई बंधु के उपाध्यक्ष भानु प्रताप सिंह को किसानों की ओर से मिली शिकायतों का निस्तारण करने को अफसरों को निर्देश दिया। बिजली विभाग और कृषि विभाग के किसी अधिकारी के नहीं आने पर डीएम से मिलकर शिकायत दर्ज कराई है। इधर सिंचाई विभाग के सिल्ट सफाई में होने वाले खेल का मुद्दा उठने पर उपाध्यक्ष ने स्वयं गुणवत्ता खंगालने की बात कहने पर अफसरों के चेहरे से हवाईयां उड़ गई। उन्होंने डीएम से मिलकर रबी की बुवाई को दृष्टिगत रखते हुए जिले भर में खाद, बीज,पानी और बिजली की उपलब्धता बनाए रखने की मांग की है। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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विभाग ने आनन-फानन में किया बाहर, रिकवरी और एफआईआर से कतरा रहे अफसर
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। लोक निर्माण विभाग खंड एक में बाबू और कर्मचारी की मिलीभगत से रिटायर होने के बाद भी लाखों रुपये का भुगतान कर दिया गया है। गांव के ही एक व्यक्ति के शिकायत करने से मामला उजागर होने पर आनन-फानन में विभाग ने बाहर का रास्ता तो दिखा दिया, मगर रिकवरी और एफआईआर कराने से कतरा रहे हैं।
लोक निर्माण विभाग खंड एक में एक फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। कुंडा इलाके के शहाबपुर निवासी चंद्रभूषण शुक्ला विभाग में कर्मचारी के रूप में तैनात थे। नौकरी प्राप्त करते समय टीपी इंटर कालेज कुंडा की टीसी लगाई थी, जिसमें जन्मतिथि 19 मार्च 1957 अंकित थी। मगर विभाग में लंबे समय से तैनात एक सीनियर लिपिक की मदद से बाद में फर्जी टीसी लगा दी गई। इस टीसी में 7 नवंबर 1967 जन्मतिथि डालकर नौकरी करने लगा। वास्तविक जन्मतिथि के अनुसार 19 मार्च 2017 को कर्मचारी को रिटायर होना था। मगर नई टीसी के मुताबिक सेवाकाल दस वर्ष बढ़ गया। बाबू की मिलीभगत से सात महीने वेतन लेने के बाद जब मामले का खुलासा हुआ, तो अफसरों ने आनन-फानन में उसे बाहर कर दिया। मगर विभागीय अधिकारियों ने न तो अभी तक दोषी बाबू के खिलाफ न प्राथमिकी दर्ज कराई गई और न ही रिकवरी की कार्रवाई की गई।
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बाबू के शिकंजे में है विभाग
लोक निर्माण विभाग खंड एक में तैनात बाबू के शिकंजे में पूरा विभाग है। दरअसल में सीनियर लिपिक होने के कारण उसे प्रशासनिक अधिकारी का चार्ज दिया गया है। इससे वह अपने मातहतों पर शिकंजा कसने के साथ ही अफसरों को अपनी अंगुली पर नचाता रहता है।
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सेवानिवृत्त आयु पूरी होने के बाद भी फर्जी अभिलेख लगाकर नौकरी करने वाले कर्मचारी को बाहर कर दिया गया है। फिलहाल प्राथमिकी दर्ज कराने और रिकवरी की कार्रवाई अभी पेंडिंग हैं।
शैलेंद्र कुमार, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग खंड एक।
बिजली और कृषि विभाग के अफसरऱ् रहे नदारद
सिंचाई बंधु की बैठक में नहरों की सिल्ट सफाई में होने वाले खेल का उठा मुद्दा
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। किसानों की समस्याओं से बेखबर बिजली और कृषि विभाग के अफसर मंगलवार को सिंचाई बंधु की बैठक से नदारद रहे। इससे इन विभागों की आने वाली शिकायतों को सुनने वाला कोई नहीं था। इधर सिल्ट सफाई में हो रहे खेल का मामला उठने पर उपाध्यक्ष भानु प्रताप सिंह ने पूरे मामले की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया।
मंगलवार को सिंचाई डाक बंगले में सिंचाई बंधु की बैठक में खाद, पानी, बिजली, बीज की समस्याएं प्रमुखता से उठी। सिंचाई बंधु के उपाध्यक्ष भानु प्रताप सिंह को किसानों की ओर से मिली शिकायतों का निस्तारण करने को अफसरों को निर्देश दिया। बिजली विभाग और कृषि विभाग के किसी अधिकारी के नहीं आने पर डीएम से मिलकर शिकायत दर्ज कराई है। इधर सिंचाई विभाग के सिल्ट सफाई में होने वाले खेल का मुद्दा उठने पर उपाध्यक्ष ने स्वयं गुणवत्ता खंगालने की बात कहने पर अफसरों के चेहरे से हवाईयां उड़ गई। उन्होंने डीएम से मिलकर रबी की बुवाई को दृष्टिगत रखते हुए जिले भर में खाद, बीज,पानी और बिजली की उपलब्धता बनाए रखने की मांग की है। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।