{"_id":"5c5462bbbdec227370400616","slug":"11549034171-pratapgarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आयकर का दायरा बढने से जिले के 31,000 लोगों को मिला सीधा लाभ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आयकर का दायरा बढने से जिले के 31,000 लोगों को मिला सीधा लाभ
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आयकर का दायरा बढ़ने से जिले के 31,000 लोगों को मिला सीधा लाभ
पांच हजार समूह ग और घ के कर्मचारियों को आयकर के झंझट से मिली मुक्ति
आयकर का दायरा बढ़ने से अफसरों और बड़े व्यापारियों को भी मिली राहत
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। मोदी सरकार के अंतिम आम बजट में आयकर की सीमा ढाई लाख से बढ़ाकर पांच लाख रुपये करने से जिले के लगभग 31 कर्मचारियों, शिक्षकों, पेंशनरों और व्यापारियों को सीधा लाभ पहुंचा है। समूह ग और समूह घ के लगभग पांच हजार कर्मचारियों को आयकर के झंझट से मुक्ति मिल गई है। उन अफसरों, कर्मचारियों और व्यापारियों के लिए भी राहत भरी खबर है जिनकी आय सालाना साढ़े छह लाख रुपये तक है। अब उन्हें टैक्स नहीं देना होगा। पांच लाख रुपये आय से मुक्त और डेढ़ लाख रुपये की बचत करने पर टैक्स नहीं चुकता करना होगा।
मोदी सरकार के अंतिम बजट में अफसरों, कर्मचारियों, पेंशनरों, शिक्षकों और व्यापारियों को काफी राहत मिली है। आयकर की सीमा बढ़ाने से सिर्फ कर्मचारी और अधिकारी ही लाभान्वित नहीं होंगे, बल्कि पेंशनर और व्यापारियों को भी सीधा लाभ मिलेगा। आयकर का दायरा बढ़ने से समूह ग और समूह घ के कर्मचारियों को इनकम टैक्स के झंझट से मुक्ति मिल जाएगी। अभी तक ढाई लाख से अधिक आमदनी वाले कर्मचारियों और व्यापारियों को टैक्स के दायरे में रखा गया था। ट्रेजरी से वेतन पाने वाले 14,000 अधिकारी और कर्मचारी, बेसिक शिक्षा विभाग में 6000 शिक्षक और कर्मचारी, वाणिज्यकर कार्यालय में पंजीकृत 7000 व्यापारियों के अलावा लगभग 4000 पेंशनर हैं, जो अभी तक टैक्स की अदायगी करते थे। आयकर का दायरा बढने से समूह ग और घ के लगभग पांच हजार कर्मचारियों को टैक्स अदा करने से मुक्ति मिल गई है। अगर, अफसरों की बात करें, तो उन्हें भी काफी राहत मिली है। अभी तक ढाई लाख आय और डेढ़ लाख की बचत करने पर आयकर से राहत मिलती थी और अब पांच लाख रुपये पर टैक्स की छूट और 1.50 लाख रुपये बचत करने पर टैक्स से राहत मिलेगी। कहने का आशय है कि अगर किसी कर्मचारी की आमदनी साढ़े छह लाख रुपये है, तो उसे टैक्स नहीं चुकता करना होगा। पहले पांच लाख रुपये की आमदनी वाले कर्मचारियों को 13,000 रुपये टैक्स अदाकर करना पड़ता था, जबकि 7.50 लाख रुपये की आमदनी पर पहले 65 हजार रुपये टैक्स चुकाना पड़ता था, जो अब घटकर 49,920 हो गया है, और 10 लाख रुपये की आमदनी पर 1.17 लाख रुपये टैक्स पहले चुकता करना होता था, जो अब घटकर 99,840 रुपये हो गया है।
इनसेट----------
आयकर छूट की घोषणा होते ही गुणा-गणित में लगे कर्मचारी
आयकर का दायरा बढ़ाकर पांच लाख रुपये करने की घोषणा होते ही विकास भवन में मौजूद कर्मचारी और अधिकारी गुणा-गणित करने में जुट रहे। कोई वेतन बिल खोजता रहा तो कोई वर्ष भर में मिलने वाली धनराशि जोड़ता रहा। फिलहाल आयकर का दायरा बढ़ने से कर्मचारी बेहद खुश हैं। महिला कर्मचारियों को उम्मीद थी कि आयकर के दायरे में उनके लिए विशेष छूट मिलेगी, मगर ऐसा नहीं होने से वह मायूस दिखीं।
विज्ञापन
इनसेट-----------
कर्मचारी नेताओं की पुरानी मांग हुई पूरी
कर्मचारी नेता अपने धरने-प्रदर्शन में आयकर का दायरा बढ़ाकर पांच लाख करने की मांग कर रहे थे। कर्मचारी, शिक्षक, अधिकारी-पुरानी पेंशन बहाली मंच के सह संयोजक रमाशंकर तिवारी ने कहा कि आयकर का दायरा बढ़ने से नौकरीपेशा और व्यापारी वर्ग को फायदा मिला है। कर्मचारियों की यह मांग पुरानी थी, जिसे मोदी सरकार ने पूरा किया है।
इनसेट---------
मोदी सरकार के अंतिम बजट से मालामाल हुए कर्मचारी
मोदी सरकार के अंतिम बजट से कर्मचारी मालामाल हुए हैं। अभी तक ब्याज से मिलने वाले दस हजार रुपये ही टैक्स से छूट मिल रहे थे, मगर अब चालीस हजार रुपये मिलने पर कोई टैक्स नहीं देना होगा। स्टैंडर्ड डिडक्शन को भी 40 हजार से बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दिया गया है। इससे कर्मचारियों को हर तरफ से फायदा मिल रहा है।
विज्ञापन
पांच हजार समूह ग और घ के कर्मचारियों को आयकर के झंझट से मिली मुक्ति
आयकर का दायरा बढ़ने से अफसरों और बड़े व्यापारियों को भी मिली राहत
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। मोदी सरकार के अंतिम आम बजट में आयकर की सीमा ढाई लाख से बढ़ाकर पांच लाख रुपये करने से जिले के लगभग 31 कर्मचारियों, शिक्षकों, पेंशनरों और व्यापारियों को सीधा लाभ पहुंचा है। समूह ग और समूह घ के लगभग पांच हजार कर्मचारियों को आयकर के झंझट से मुक्ति मिल गई है। उन अफसरों, कर्मचारियों और व्यापारियों के लिए भी राहत भरी खबर है जिनकी आय सालाना साढ़े छह लाख रुपये तक है। अब उन्हें टैक्स नहीं देना होगा। पांच लाख रुपये आय से मुक्त और डेढ़ लाख रुपये की बचत करने पर टैक्स नहीं चुकता करना होगा।
मोदी सरकार के अंतिम बजट में अफसरों, कर्मचारियों, पेंशनरों, शिक्षकों और व्यापारियों को काफी राहत मिली है। आयकर की सीमा बढ़ाने से सिर्फ कर्मचारी और अधिकारी ही लाभान्वित नहीं होंगे, बल्कि पेंशनर और व्यापारियों को भी सीधा लाभ मिलेगा। आयकर का दायरा बढ़ने से समूह ग और समूह घ के कर्मचारियों को इनकम टैक्स के झंझट से मुक्ति मिल जाएगी। अभी तक ढाई लाख से अधिक आमदनी वाले कर्मचारियों और व्यापारियों को टैक्स के दायरे में रखा गया था। ट्रेजरी से वेतन पाने वाले 14,000 अधिकारी और कर्मचारी, बेसिक शिक्षा विभाग में 6000 शिक्षक और कर्मचारी, वाणिज्यकर कार्यालय में पंजीकृत 7000 व्यापारियों के अलावा लगभग 4000 पेंशनर हैं, जो अभी तक टैक्स की अदायगी करते थे। आयकर का दायरा बढने से समूह ग और घ के लगभग पांच हजार कर्मचारियों को टैक्स अदा करने से मुक्ति मिल गई है। अगर, अफसरों की बात करें, तो उन्हें भी काफी राहत मिली है। अभी तक ढाई लाख आय और डेढ़ लाख की बचत करने पर आयकर से राहत मिलती थी और अब पांच लाख रुपये पर टैक्स की छूट और 1.50 लाख रुपये बचत करने पर टैक्स से राहत मिलेगी। कहने का आशय है कि अगर किसी कर्मचारी की आमदनी साढ़े छह लाख रुपये है, तो उसे टैक्स नहीं चुकता करना होगा। पहले पांच लाख रुपये की आमदनी वाले कर्मचारियों को 13,000 रुपये टैक्स अदाकर करना पड़ता था, जबकि 7.50 लाख रुपये की आमदनी पर पहले 65 हजार रुपये टैक्स चुकाना पड़ता था, जो अब घटकर 49,920 हो गया है, और 10 लाख रुपये की आमदनी पर 1.17 लाख रुपये टैक्स पहले चुकता करना होता था, जो अब घटकर 99,840 रुपये हो गया है।
विज्ञापन
इनसेट----------
आयकर छूट की घोषणा होते ही गुणा-गणित में लगे कर्मचारी
आयकर का दायरा बढ़ाकर पांच लाख रुपये करने की घोषणा होते ही विकास भवन में मौजूद कर्मचारी और अधिकारी गुणा-गणित करने में जुट रहे। कोई वेतन बिल खोजता रहा तो कोई वर्ष भर में मिलने वाली धनराशि जोड़ता रहा। फिलहाल आयकर का दायरा बढ़ने से कर्मचारी बेहद खुश हैं। महिला कर्मचारियों को उम्मीद थी कि आयकर के दायरे में उनके लिए विशेष छूट मिलेगी, मगर ऐसा नहीं होने से वह मायूस दिखीं।
विज्ञापन
इनसेट-----------
कर्मचारी नेताओं की पुरानी मांग हुई पूरी
कर्मचारी नेता अपने धरने-प्रदर्शन में आयकर का दायरा बढ़ाकर पांच लाख करने की मांग कर रहे थे। कर्मचारी, शिक्षक, अधिकारी-पुरानी पेंशन बहाली मंच के सह संयोजक रमाशंकर तिवारी ने कहा कि आयकर का दायरा बढ़ने से नौकरीपेशा और व्यापारी वर्ग को फायदा मिला है। कर्मचारियों की यह मांग पुरानी थी, जिसे मोदी सरकार ने पूरा किया है।
इनसेट---------
मोदी सरकार के अंतिम बजट से मालामाल हुए कर्मचारी
मोदी सरकार के अंतिम बजट से कर्मचारी मालामाल हुए हैं। अभी तक ब्याज से मिलने वाले दस हजार रुपये ही टैक्स से छूट मिल रहे थे, मगर अब चालीस हजार रुपये मिलने पर कोई टैक्स नहीं देना होगा। स्टैंडर्ड डिडक्शन को भी 40 हजार से बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दिया गया है। इससे कर्मचारियों को हर तरफ से फायदा मिल रहा है।