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दो स्कूलों में पढ़ते हैं 2,465 बच्चे
Updated Mon, 18 Dec 2017 08:05 PM IST
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प्रतापगढ़। मनचाहे स्कूलों में तैनात गुरुजी ने अपनी कुर्सी सुरक्षित रखने के लिए ऐसे बच्चों का नाम स्कूल के रजिस्टर में लिख लिया, जिन बच्चों का नाम दूसरे स्कूल में दर्ज था। इसका खुलासा बच्चों का आधार लिंक कराने के बाद हुआ है। खुलासा हुआ कि करीब 2,465 बच्चे ऐसे हैं, जिनका नाम दो-दो स्कूलों में अंकित है।
प्राइमरी और मिडिल स्कूलों में तैनात शिक्षक तबादले की डर से ऐसे बच्चों का नाम स्कूलों में लिख लिया था, जो निकट के विद्यालय में नामांकित थे। विभाग ने तबादले का मानक बच्चों की संख्या बनाया था। इसलिए फर्जी बच्चों का नामांकन होने से उनकी कुर्सी सलामत रह गई। प्राइमरी स्कूलों में 60 बच्चों पर दो अध्यापक, 61-90 की संख्या होने पर 03, 91-120 संख्या होने पर 04, 121-150 की संख्या पर पांच अध्यापकों की तैनाती की जाती है। पूर्व माध्यमिक स्कूलों में 100 बच्चों की संख्या होने पर तीन, 101-150 की संख्या पर 04, और 151-200 की संख्या होने पर पांच अध्यापकों की तैनाती का मानक बनाया गया है।
जुलाई में तबादले का आदेश आते ही शिक्षकों ने बच्चों की संख्या अधिक दिखा दी, इससे उनकी कुर्सी सुरक्षित हो गई। मगर बच्चों का आधार अनिवार्य होने के बाद जब लिंक किया गया, तो खुलासा हुआ कि करीब 2,465 बच्चे ऐसे हैं, जिनका नाम दो-दो स्कूलों में अंकित है। हालांकि अभी बीस प्रतिशत बच्चों को आधार से लिंकअप बाकी है। ऐसा माना जा रहा है कि आधार से लिंकअप नहीं होने वालों में अधिकांश बच्चे इसी तरह के हो सकते हैं। फिलहाल सभी बच्चों के आधार से लिंकअप होने के बाद ही वास्तविकता सामने आएगी। वहीं बीएसए बीएन सिंह का कहना है कि बच्चों का आधार लिंकअप किया जा रहा है। अभी तक हुए जांच में 2,465 बच्चों का नाम प्रकाश में आया है, जिनका नाम दो-दो स्कूलों में पंजीकृत है। बीस प्रतिशत बच्चों को अभी आधार से लिंकअप नहीं किया गया है। इन बच्चों के पास आधारकार्ड नहीं था। जल्द बनवाकर अपलोड किया जाएगा।
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प्राइमरी और मिडिल स्कूलों में तैनात शिक्षक तबादले की डर से ऐसे बच्चों का नाम स्कूलों में लिख लिया था, जो निकट के विद्यालय में नामांकित थे। विभाग ने तबादले का मानक बच्चों की संख्या बनाया था। इसलिए फर्जी बच्चों का नामांकन होने से उनकी कुर्सी सलामत रह गई। प्राइमरी स्कूलों में 60 बच्चों पर दो अध्यापक, 61-90 की संख्या होने पर 03, 91-120 संख्या होने पर 04, 121-150 की संख्या पर पांच अध्यापकों की तैनाती की जाती है। पूर्व माध्यमिक स्कूलों में 100 बच्चों की संख्या होने पर तीन, 101-150 की संख्या पर 04, और 151-200 की संख्या होने पर पांच अध्यापकों की तैनाती का मानक बनाया गया है।
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जुलाई में तबादले का आदेश आते ही शिक्षकों ने बच्चों की संख्या अधिक दिखा दी, इससे उनकी कुर्सी सुरक्षित हो गई। मगर बच्चों का आधार अनिवार्य होने के बाद जब लिंक किया गया, तो खुलासा हुआ कि करीब 2,465 बच्चे ऐसे हैं, जिनका नाम दो-दो स्कूलों में अंकित है। हालांकि अभी बीस प्रतिशत बच्चों को आधार से लिंकअप बाकी है। ऐसा माना जा रहा है कि आधार से लिंकअप नहीं होने वालों में अधिकांश बच्चे इसी तरह के हो सकते हैं। फिलहाल सभी बच्चों के आधार से लिंकअप होने के बाद ही वास्तविकता सामने आएगी। वहीं बीएसए बीएन सिंह का कहना है कि बच्चों का आधार लिंकअप किया जा रहा है। अभी तक हुए जांच में 2,465 बच्चों का नाम प्रकाश में आया है, जिनका नाम दो-दो स्कूलों में पंजीकृत है। बीस प्रतिशत बच्चों को अभी आधार से लिंकअप नहीं किया गया है। इन बच्चों के पास आधारकार्ड नहीं था। जल्द बनवाकर अपलोड किया जाएगा।
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