फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pratapgarh News ›   48 घंटे में नहीं मिल रहा जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र

48 घंटे में नहीं मिल रहा जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र

Tue, 19 Feb 2019 08:34 PM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 19 Feb 2019 08:34 PM IST
विज्ञापन
48 घंटे में नहीं मिल रहा जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र
आदेश दरकिनार, 48 घंटे में नहीं मिल रहा जन्म- मृत्यु प्रमाणपत्र
विज्ञापन

लोग परेशान, सीएमओ ऑफिस और विकास भवन के लगा रहे चक्कर
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। सरकारी अस्पताल में जन्म लेने वाले या फिर इलाज के दौरान दम तोड़ने वाले परिजनों को जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र लेने के लिए चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। जबकि शासन ने जिला महिला अस्पताल के साथ ही सीएचसी और पीएचसी में जन्म लेने वाले बच्चों का जन्म प्रमाणपत्र तुरंत देने का फरमान जारी किया है। इसी तरह इलाज के दौरान मरीज की मौत होने के 48 घंटे के अंदर उसके परिजनों को मृत्यु प्रमाण पत्र बगैर किसी शुल्क के देने का आदेश स्वास्थ्य विभाग के अफसरों को मिला है। मगर लोगों को जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र लेने के लिए सीएमओ ऑफिस और विकास भवन का चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की लापरवाही की सजा अभिभावकों भुगतनी पड़ रही है। बच्चों के नामांकन सहित सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र को ऑनलाइन कर दिया गया है। मगर अस्पताल में जन्म लेने वाले बच्चों और इलाज के दौरान अस्पताल में दम तोड़ने वाले लोगों का ऑनलाइन फीड़िंग नहीं हो रही है। जबकि सरकार ने बीते दो माह पहले आदेश जारी करते हुए सीएमओ और सीएमएस को आदेश दिया था कि सरकारी अस्पताल में प्रसव के उपरांत बच्चे का जन्म प्रमाणपत्र और इलाज के दौरान यदि किसी की मौत होती है तो उसे भी ऑनलाइन फीड किया जाए। जिससे 48 घंटे के अंदर परिजन को जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र मिल जाए। सीएमओ आफिस और विकास भवन के साथ लोकवाणी केंद्र का चक्कर न काटना पड़े। मगर बेल्हा में ठीक इसका विपरीत हो रहा है।
विज्ञापन


कहां लगता है जन्म प्रमाणपत्र
बच्चों के स्कूल में दाखिले के दौरान विद्यालय में सबसे पहले जन्म प्रमाण पत्र की मांग की जाती है। इसके अलावा आधार कार्ड, पैन कार्ड, राशन कार्ड बनवाने के लिए भी जन्म प्रमाणपत्र अनिवार्य कर दिया गया है। ऐसे में लोगों को परेशान होना पड़ता है। दस रुपये के स्टांप पेपर पर नोटरी कराकर एक शपथ पत्र सीएमओ ऑफिस में जमा करना होता है। यहां फीडिंग के बाद उसे विकास भवन ग्राम पंचायत अधिकारी के पास भेजा जाता है। वह अपनी रिपोर्ट लगाता है। कुटुंब परिवार रजिस्टर में नाम बढ़ाता है। इसके बाद परिवार के सदस्य को लोकवाणी केंद्र जाना होता है। आनलाइन आवेदन करना होता है। माह भर के बाद कहीं जाकर रिपोर्ट लगकर प्रमाणपत्र जारी किया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


कहां लगता है मृत्यु प्रमाणपत्र
रिटायर्ड कर्मचारी के मौत के बाद उसकी पत्नी के पेंशन या फिर अन्य सरकारी कार्यालय में मृत्यु प्रमाण पत्र जमा करना पड़ता है। तब कहीं जाकर उसका नाम कुटुंब परिवार रजिस्टर से कटता है। इसके लिए मृतक के परिजनों को मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाना पड़ता है।

कैसे बन रहा जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र
जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने के लिए एक शपथ पत्र सीएमओ कार्यालय में जमा करना पड़ता है। काफी पुराना होने पर शुल्क भी जमा करना पड़ता है। इसके बाद सीएमओ आफिस से एक कॉपी मिलती है जिसे विकास भवन में बैठने वाले ग्राम पंचायत अधिकारी के पास जमा करना होता है। वह कुटुंब परिवार रजिस्टर में नाम घटाता और बढ़ाता है। इसके बाद आवेदन पत्र को आनलाइन करना होता है। 21 दिन में प्रमाणपत्र जारी होता है। तब कहीं जाकर आवेदक को मिलता है।


जिला अस्पताल के सीएमएस को आदेश दिया गया है कि यदि इलाज के दौरान किसी की मौत हो जाती है तो बीएसटी को स्कैन करवा कर ऑनलाइन मृतक के परिजनों का प्रमाणपत्र जारी करवा कर 48 घंटे के अंदर उपलब्ध करा दें। वहीं महिला सीएमएस को आदेश दिया गया है कि वे अस्पताल में जन्म लेने वाले नवजात का तत्काल आनलाइन जन्म प्रमाण पत्र बनवा कर उपलब्ध कराएं। यदि ऐसा नहीं कर रहे हैं तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
एके श्रीवास्तव, सीएमओ।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed