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अफसर डकार गए अनुरक्षण का बजट, शार्ट सर्किट से रोज जल रही फसल
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अफसर डकार गए अनुरक्षण का बजट, शार्ट सर्किट से रोज जल रही फसल
बदलना तो दूर कसे भी नहीं गए ढीले और जर्जर तार, कागज पर हुआ काम, गर्मी शुरू होते ही आफत
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। गर्मी में अगलगी की घटनाओं की रोकथाम के लिए ढीले तारों को कसने, जर्जर तारों को बदलने के लिए आए अनुरक्षण कार्य के बजट में जमकर खेल हुआ। कागज पर कोरम पूरा कर अनुरक्षण कार्य पूरा कर लिया गया। न तार कसे गए, न जर्जर तारों को बदला गया। बिजली विभाग की यह कारस्तानी अब किसानों पर भारी पड़ रही है। शार्ट सर्किट से जिले में हर दिन आग रही है। जिससे किसानों की फसल जल रही है।
जिले में चार विद्युत वितरण पारेषण खंड हैं। रानीगंज, कुंडा, सदर व लालगंज। इसके तहत 67 विद्युत उपकेंद्र हैं। जिले में विद्युत व्यवस्था का हाल किसी से छिपा नहीं है। फीडर व ट्रांसफार्मर फुंकने व जर्जर तार टूटकर गिरने की घटनाएं होती रहती हैं। गर्मी के दिनों में यह समस्या विकट हो जाती है। सबसे ज्यादा परेशानी किसानों को होती है। जर्जर तार टूटकर गिरने से उनकी फसलों को भारी नुकसान होता है। दरअसल, बिजली की खपत अधिक होने से लोड बढ़ जाता है। विभाग की ओर से गर्मी के दिनों में जर्जर तारों के टूटने व ढीले तारों की वजह से होने वाली अगलगी की घटनाओं को रोकने के लिए अनुरक्षण कार्य के लिए बजट आता है। इसके लिए इस बार भी क रीब तीन लाख बजट आया था। ताकि गर्मी से निपटने के लिए पहले से ही व्यवस्था की जा सके। मगर ऐसा हुआ नहीं। विभागीय अधिकारियों ने अनुरक्षण कार्य के नाम पर महज कोरम पूरा किया। जर्जर व ढीले तार जस के तस पड़े हुए हैं। ढीले तार किसानों की फसलों पर आफत बनकर टूट रहे हैं। क्षेत्र के रानीगंज, दिलीपुर, गौरा, खाखापुर, पांडेयतार, पट्टी, संडवाचंद्रिका, सदर, जेठवारा, लालगंज सहित इलाकों में अब तक दो दर्जन से अधिक अगलगी की घटनाएं हो चुकी हैं। जिसमें सैकड़ों किसानों की फसल जलकर राख हो चुकी है। गाढ़ी कमाई लुटा चुके किसान इससे आहत हैं। विभागीय अधिकारियों के प्रति उनमेें खासी नाराजगी है। इस बारे में अधीक्षण अभियंता एसके सिंह ने बताया कि गर्मी के सीजन के पहले जर्जर व ढीले तारों को दुरुस्त किया जाता है। इस बार भी किया गया है। इस बार अनुरक्षण बजट अभी तक नहीं आया है।
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बदलना तो दूर कसे भी नहीं गए ढीले और जर्जर तार, कागज पर हुआ काम, गर्मी शुरू होते ही आफत
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। गर्मी में अगलगी की घटनाओं की रोकथाम के लिए ढीले तारों को कसने, जर्जर तारों को बदलने के लिए आए अनुरक्षण कार्य के बजट में जमकर खेल हुआ। कागज पर कोरम पूरा कर अनुरक्षण कार्य पूरा कर लिया गया। न तार कसे गए, न जर्जर तारों को बदला गया। बिजली विभाग की यह कारस्तानी अब किसानों पर भारी पड़ रही है। शार्ट सर्किट से जिले में हर दिन आग रही है। जिससे किसानों की फसल जल रही है।
जिले में चार विद्युत वितरण पारेषण खंड हैं। रानीगंज, कुंडा, सदर व लालगंज। इसके तहत 67 विद्युत उपकेंद्र हैं। जिले में विद्युत व्यवस्था का हाल किसी से छिपा नहीं है। फीडर व ट्रांसफार्मर फुंकने व जर्जर तार टूटकर गिरने की घटनाएं होती रहती हैं। गर्मी के दिनों में यह समस्या विकट हो जाती है। सबसे ज्यादा परेशानी किसानों को होती है। जर्जर तार टूटकर गिरने से उनकी फसलों को भारी नुकसान होता है। दरअसल, बिजली की खपत अधिक होने से लोड बढ़ जाता है। विभाग की ओर से गर्मी के दिनों में जर्जर तारों के टूटने व ढीले तारों की वजह से होने वाली अगलगी की घटनाओं को रोकने के लिए अनुरक्षण कार्य के लिए बजट आता है। इसके लिए इस बार भी क रीब तीन लाख बजट आया था। ताकि गर्मी से निपटने के लिए पहले से ही व्यवस्था की जा सके। मगर ऐसा हुआ नहीं। विभागीय अधिकारियों ने अनुरक्षण कार्य के नाम पर महज कोरम पूरा किया। जर्जर व ढीले तार जस के तस पड़े हुए हैं। ढीले तार किसानों की फसलों पर आफत बनकर टूट रहे हैं। क्षेत्र के रानीगंज, दिलीपुर, गौरा, खाखापुर, पांडेयतार, पट्टी, संडवाचंद्रिका, सदर, जेठवारा, लालगंज सहित इलाकों में अब तक दो दर्जन से अधिक अगलगी की घटनाएं हो चुकी हैं। जिसमें सैकड़ों किसानों की फसल जलकर राख हो चुकी है। गाढ़ी कमाई लुटा चुके किसान इससे आहत हैं। विभागीय अधिकारियों के प्रति उनमेें खासी नाराजगी है। इस बारे में अधीक्षण अभियंता एसके सिंह ने बताया कि गर्मी के सीजन के पहले जर्जर व ढीले तारों को दुरुस्त किया जाता है। इस बार भी किया गया है। इस बार अनुरक्षण बजट अभी तक नहीं आया है।
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