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सुनवाई न होने पर पुलिस की भी करें शिकायत
Updated Thu, 22 Nov 2018 11:36 PM IST
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सुनवाई न होने पर पुलिस की भी करें शिकायत
डाल्फिन स्कूल में पुलिस की पाठशाला, डिप्टी एसपी बबिता सिंह ने बताए पुलिसिंग के गुर
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। छात्राएं सिर्फ बाहर ही असुरक्षित नहीं हैं। घर के भीतर अपनों से भी उन्हें खतरा है। बीते कुछ सालों में इस तरह के मामले तेजी से बढ़े हैं। ऐसी घटनाओं का शिकार न सिर्फ छात्राएं हुई हैं बल्कि कई ऐसे भी मामले सामने आए हैं जिनमें छात्रों को भी शोषण का शिकार होना पड़ा है। इस तरह की अधिकांश घटनाओं का कारण छात्राओं का चुप रहना है। इससे बचने के लिए मुखर होना जरूरी है। गुड टच और बैड टच की पहचान जरूरी है। अगर आपको लगता है कि कोई आपको गलत नियत से छू रहा है तो तुरंत इसका विरोध करें। आपकी चुप्पी उसका मनोबल बढ़ाएगी।
शहर से सटे छीटपुर स्थित डाल्फिन पब्लिक स्कूल में अमर उजाला की ओर से आयोजित पुलिस की पाठशाला में डिप्टी एसपी बबिता सिंह ने छात्र-छात्राओं को बेहतर पुलिसिंग के गुर बताए। उन्होंने कहा कि अपने साथ वाली किसी भी तरह की घटना से बचने के लिए आप तुरंत पुलिस की मदद लें। रास्ते में आते-जाते कोई शोहदा परेशान करे तो उसका बाइक नंबर नोट कर पुलिस को सूचना दें। फोन पर कोई परेशान कर रहा हो तो 1090 की मदद ली जा सकती है। आपकी पहचान गुप्त रखी जाएगी और समस्या दूर करने के बाद फीडबैक भी लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि आम शिकायत होती है कि पुलिसवाले शिकायत नहीं सुनते हैं। ऐसी स्थिति में संबंधित पुलिसकर्मी या फिर थाना इंचार्ज का नाम और उसकी रैंक नोट कर ऊपर के अधिकारी से शिकायत करें। अगर वहां भी सुनवाई न हो तो उससे भी बड़े अधिकारी से उसकी भी शिकायत करें। फिर भी बात न बने तो पुलिस के ट्विटर एकाउंटर पर शिकायत करें। बिल्कुल कार्रवाई होगी। आज के दौर में सोशल मीडिया का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। हर उम्र के छात्र-छात्राएं इसका धड़ल्ले से उपयोग कर रहे हैं, लेकिन इसमें सावधानी बरतना जरूरी है। फेसबुक पर अनजान लोगों से दोस्ती बिल्कुल न करें। सोशल मीडिया का उपयोग सही चीजों के लिए करें। इसके नकारात्मक प्रभावों से बचें। अनजान लोगों को अपना नंबर भी न दें। कालेज के प्रबंधक अनिल त्रिपाठी ने अमर उजाला की इस पहल को सराहनीय बताते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।
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डाल्फिन स्कूल में पुलिस की पाठशाला, डिप्टी एसपी बबिता सिंह ने बताए पुलिसिंग के गुर
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। छात्राएं सिर्फ बाहर ही असुरक्षित नहीं हैं। घर के भीतर अपनों से भी उन्हें खतरा है। बीते कुछ सालों में इस तरह के मामले तेजी से बढ़े हैं। ऐसी घटनाओं का शिकार न सिर्फ छात्राएं हुई हैं बल्कि कई ऐसे भी मामले सामने आए हैं जिनमें छात्रों को भी शोषण का शिकार होना पड़ा है। इस तरह की अधिकांश घटनाओं का कारण छात्राओं का चुप रहना है। इससे बचने के लिए मुखर होना जरूरी है। गुड टच और बैड टच की पहचान जरूरी है। अगर आपको लगता है कि कोई आपको गलत नियत से छू रहा है तो तुरंत इसका विरोध करें। आपकी चुप्पी उसका मनोबल बढ़ाएगी।
शहर से सटे छीटपुर स्थित डाल्फिन पब्लिक स्कूल में अमर उजाला की ओर से आयोजित पुलिस की पाठशाला में डिप्टी एसपी बबिता सिंह ने छात्र-छात्राओं को बेहतर पुलिसिंग के गुर बताए। उन्होंने कहा कि अपने साथ वाली किसी भी तरह की घटना से बचने के लिए आप तुरंत पुलिस की मदद लें। रास्ते में आते-जाते कोई शोहदा परेशान करे तो उसका बाइक नंबर नोट कर पुलिस को सूचना दें। फोन पर कोई परेशान कर रहा हो तो 1090 की मदद ली जा सकती है। आपकी पहचान गुप्त रखी जाएगी और समस्या दूर करने के बाद फीडबैक भी लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि आम शिकायत होती है कि पुलिसवाले शिकायत नहीं सुनते हैं। ऐसी स्थिति में संबंधित पुलिसकर्मी या फिर थाना इंचार्ज का नाम और उसकी रैंक नोट कर ऊपर के अधिकारी से शिकायत करें। अगर वहां भी सुनवाई न हो तो उससे भी बड़े अधिकारी से उसकी भी शिकायत करें। फिर भी बात न बने तो पुलिस के ट्विटर एकाउंटर पर शिकायत करें। बिल्कुल कार्रवाई होगी। आज के दौर में सोशल मीडिया का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। हर उम्र के छात्र-छात्राएं इसका धड़ल्ले से उपयोग कर रहे हैं, लेकिन इसमें सावधानी बरतना जरूरी है। फेसबुक पर अनजान लोगों से दोस्ती बिल्कुल न करें। सोशल मीडिया का उपयोग सही चीजों के लिए करें। इसके नकारात्मक प्रभावों से बचें। अनजान लोगों को अपना नंबर भी न दें। कालेज के प्रबंधक अनिल त्रिपाठी ने अमर उजाला की इस पहल को सराहनीय बताते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।
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