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पुलिस के सामने ग्रामीणों ने ढहा दी धर्मशाला
Updated Sat, 02 Sep 2017 07:47 PM IST
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देल्हूपुर। इलाहाबाद-फैजाबाद राजमार्ग पर स्थानीय बाजार में पुलिस की मौजूदगी में उग्र ग्रामीणों ने मकान व दुकान जमींदोज कर दिया। आरोप है कि दुकान में रखा सामान भी उठा ले गए। इस मामले में दुकानदार ने प्रधानपति समेत बीस लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराय। इस जमीन को लेकर काफी दिनों से तकरार चली आ रही थी।
मानधाता थाना क्षेत्र के देल्हूपुर बाजार में मसजिद के सामने ही पुराना शिवमंदिर मौजूद है। उसके बगल ही धर्मशाला बनी थी। एक हिस्से की जमीन को कर्म प्रसाद सिंह, मोहम्मद रजी व शुभलाल धुरिया ने काफी दिन पहले बैनामा करा लिया था। ग्रामीणों का आरोप है कि हाईवे चौड़ीकरण होता देख कर्म प्रसाद धर्मशाला को अपने कब्जे में ले रहे थे। जिसे लेकर सप्ताह भर पूर्व पंचायत भी हो चुकी थी लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। शनिवार की सुबह देल्हूपुर मसजिद में बकरीद की नमाज होने जा रही थी। जिसके लिए वहां पुलिस मुस्तैद थी। अचानक वहां करीब 50 की संख्या में ग्रामीण पहुंचे और धर्मशाला को जमींदोज कर दिया। पुलिस किसी को रोकने का साहस नहीं कर सकी। कुछ देर बाद पहुंचे कर्म प्रसाद ने आरोप लगाया कि दुकान में रखा तख्ता समेत काफी सामान भी लोग उठा ले गए हैं।
कर्म प्रसाद की तहरीर पर मानधाता पुलिस ने प्रधानपति इंद्रजीत यादव, अभिषेक यादव, उमेश यादव, पप्पू यादव, इंद्रेश यादव, नाटे यादव, राहुल यादव, गौतम गुप्ता, अरविंद सिंह चौहान समेत 10 लोगों को नामजद करते हुए 20 अज्ञात के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया है। चौकी प्रभारी देल्हूपुर ने बताया कि कर्म प्रसाद ने जितनी जमीन का बैनामा कराया था उससे अधिक पर कब्जा कर रखा है। पुरानी धर्मशाला के भवन में अवैध तरीके से उसने अपनी फर्नीचर की दुकान का सामान रख लिया था जिसका बाजार के लोग विरोध कर रहे थे। धर्मशाला व अपनी दुकान दिखाकर बैंक से लोन भी करा लिया है। जिसे लेकर न्यायालय में मुकदमा भी चल चुका है। तनाव जैसी कोई बात नही है। चूंकि बकरीद की नमाज हो रही थी इसलिए उस समय मसजिद छोड़ना बेहतर नहीं था।
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बकरीद की नमाज अदा करने के लिए मसजिद में दूर दराज से गांव के हजारों लोग पहुंचे थे। देल्हूपुर बाजार में नमाज अदा करने के लिए बच्चे, बड़े व बूढ़े सभी पहुंचे थे। जिस समय धर्मशाला व दूसरे भवन गिराए जा रहे थे। उस समय बड़ी संख्या में नमाज अदा करने के लिए मसजिद में लोग मौजूद थे। यदि धर्मशाला गिराने के दौरान कोई विरोध करता तो बवाल होना तय था। इसके बाद भी पुलिस मौन धारण किए रही। जिसे लेकर बाजार में खासी चर्चा है। लोगों का कहना था कि एक बार पहले भी धर्मशाला व शिवमंदिर की जमीन को लेकर बवाल हो चुका है। शनिवार को यदि बवाल होता तो उसे काबू में कर पाना आसान नहीं रहता। देल्हूपुर बाजार में रहने वाले दो भाइयों की संपत्ति को लेकर चल रहे बवाल को लेकर तनाव बरकरार है। पुलिस के मुताबिक एक भाई को कोई संतान नहीं थी। उसने अपनेे हिस्से की जमीन पर धर्मशाला व शिवमंदिर बनवा दिया था। दूसरे भाई ने अपनी जमीन तीन लोगों के हाथ बेच दी थी। जिस पर वे लोग काबिज हो गए हैं। धर्मशाला की जमीन व बने भवन को लेकर छिड़ी रार शनिवार को तनावपूर्ण बनी हुई है।
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मानधाता थाना क्षेत्र के देल्हूपुर बाजार में मसजिद के सामने ही पुराना शिवमंदिर मौजूद है। उसके बगल ही धर्मशाला बनी थी। एक हिस्से की जमीन को कर्म प्रसाद सिंह, मोहम्मद रजी व शुभलाल धुरिया ने काफी दिन पहले बैनामा करा लिया था। ग्रामीणों का आरोप है कि हाईवे चौड़ीकरण होता देख कर्म प्रसाद धर्मशाला को अपने कब्जे में ले रहे थे। जिसे लेकर सप्ताह भर पूर्व पंचायत भी हो चुकी थी लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। शनिवार की सुबह देल्हूपुर मसजिद में बकरीद की नमाज होने जा रही थी। जिसके लिए वहां पुलिस मुस्तैद थी। अचानक वहां करीब 50 की संख्या में ग्रामीण पहुंचे और धर्मशाला को जमींदोज कर दिया। पुलिस किसी को रोकने का साहस नहीं कर सकी। कुछ देर बाद पहुंचे कर्म प्रसाद ने आरोप लगाया कि दुकान में रखा तख्ता समेत काफी सामान भी लोग उठा ले गए हैं।
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कर्म प्रसाद की तहरीर पर मानधाता पुलिस ने प्रधानपति इंद्रजीत यादव, अभिषेक यादव, उमेश यादव, पप्पू यादव, इंद्रेश यादव, नाटे यादव, राहुल यादव, गौतम गुप्ता, अरविंद सिंह चौहान समेत 10 लोगों को नामजद करते हुए 20 अज्ञात के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया है। चौकी प्रभारी देल्हूपुर ने बताया कि कर्म प्रसाद ने जितनी जमीन का बैनामा कराया था उससे अधिक पर कब्जा कर रखा है। पुरानी धर्मशाला के भवन में अवैध तरीके से उसने अपनी फर्नीचर की दुकान का सामान रख लिया था जिसका बाजार के लोग विरोध कर रहे थे। धर्मशाला व अपनी दुकान दिखाकर बैंक से लोन भी करा लिया है। जिसे लेकर न्यायालय में मुकदमा भी चल चुका है। तनाव जैसी कोई बात नही है। चूंकि बकरीद की नमाज हो रही थी इसलिए उस समय मसजिद छोड़ना बेहतर नहीं था।
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बकरीद की नमाज अदा करने के लिए मसजिद में दूर दराज से गांव के हजारों लोग पहुंचे थे। देल्हूपुर बाजार में नमाज अदा करने के लिए बच्चे, बड़े व बूढ़े सभी पहुंचे थे। जिस समय धर्मशाला व दूसरे भवन गिराए जा रहे थे। उस समय बड़ी संख्या में नमाज अदा करने के लिए मसजिद में लोग मौजूद थे। यदि धर्मशाला गिराने के दौरान कोई विरोध करता तो बवाल होना तय था। इसके बाद भी पुलिस मौन धारण किए रही। जिसे लेकर बाजार में खासी चर्चा है। लोगों का कहना था कि एक बार पहले भी धर्मशाला व शिवमंदिर की जमीन को लेकर बवाल हो चुका है। शनिवार को यदि बवाल होता तो उसे काबू में कर पाना आसान नहीं रहता। देल्हूपुर बाजार में रहने वाले दो भाइयों की संपत्ति को लेकर चल रहे बवाल को लेकर तनाव बरकरार है। पुलिस के मुताबिक एक भाई को कोई संतान नहीं थी। उसने अपनेे हिस्से की जमीन पर धर्मशाला व शिवमंदिर बनवा दिया था। दूसरे भाई ने अपनी जमीन तीन लोगों के हाथ बेच दी थी। जिस पर वे लोग काबिज हो गए हैं। धर्मशाला की जमीन व बने भवन को लेकर छिड़ी रार शनिवार को तनावपूर्ण बनी हुई है।