पुलिसवाले बने लुटेरे, लूट लिया सब कुछ
यूपी में आजमगढ़ के सिधारी थाना क्षेत्र के हेंगापुर गांव में दो दिन पूर्व बंटवारे के विवाद में रमेश यादव हत्या प्रकरण के मुख्य आरोपी को शनिवार को पकड़ने गए पुलिस वाले लुटेरे निकले।
आरोपी के घर में कीमती जेवर और रुपये देखकर उनका मन डोल गया और वे उसे समेटकर लेकर जाने लगे।
जानकारी होने पर गांव वालों ने उन्हें रोक लिया और हंगामा करने लगे। शिकायत मिलने पर एसपी ने एएसपी और सीओ को मौके पर भेजकर उनसे रिपोर्ट मांगी। उनकी रिपोर्ट पर आरोपी दरोगा और सिपाही को लाइन हाजिर कर दिया। एसपी ने पूरे प्रकरण की जांच का जिम्मा एएसपी को सौंपा है।
मामले में दरोगा और सिपाही लाइन हाजिर
बताते हैं कि रमेश यादव की हत्या में पांच आरोपियों का नाम आया था, जिसमें पुलिस ने चार लोगों को पकड़कर जेल भेज दिया। जबकि शनिवार को अधिकारियों ने हत्या के मुख्य आरोपी एसडीएम सदर के यहां कार्यरत फौजदारी क्लर्क राजकुमार यादव, जो रमेश यादव का रिश्ते में चाचा बताया जाता है, को गिरफ्तार करने के लिए एसआई मनोज सिंह और और एक सिपाही को भेजा।
मुख्य आरोपी के नहीं मिलने पर दरोगा मनोज सिंह घर में रखे कीमती जेवर और नकदी लेकर जाने लगे। मृतक रमेश यादव के घर वालों ने यह देख दोनों को रोक लिया और हंगामा करने लगे। इस बीच बड़ी तादाद में ग्रामीण आ गए। हंगामे की सूचना एसपी तक गई। एसपी दिनेश चंद्र दुबे ने एएसपी विनोद कुमार और सीओ एके सरोज को मौके पर भेजा। दोनों अधिकारियों की रिपोर्ट पर एसपी ने आरोपी दरोगा और सिपाही को लाइन हाजिर कर दिया।
एसपी ने बताया कि दोनों की कार्यप्रणाली संदिग्ध लगी है। इसकी जांच एएसपी विनोद कुमार को सौंपी गई है। जांच के बाद दूसरे कदम उठाए जाएंगे।