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यशवंतरी रोड : छह माह से टेंडर के खेल में फंसा निर्माण
Sat, 19 Aug 2023 12:25 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Sat, 19 Aug 2023 12:25 AM IST
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शहर की यशवंन्तरी देवी मंदिर जाने वाली रोड पर हुए गड्डे । संवाद
पीलीभीत। आवास विकास कॉलोनी चौराहा से ठेका पुलिस चौकी तक दयनीय हालत में पहुंच चुके यशवंतरी रोड का निर्माण करीब छह माह से टेंडर के खेल में फंसकर रह गया है। इसके चलते लोगों को गड्ढों में ठोकरें खानी पड़ रही हैं। नगर पालिका का दावा है कि अब फिर से जल्द टेंडर को निकाला जाएगा। इसके बाद काम शुरू किया जाएगा। बता दें इस रोड से रोजाना करीब सात-आठ हजार लोग रोजाना गुजरते हैं। करीब दस साल पहले यह सड़क बनी थी।
आवास विकास कॉलोनी से ठेका पुलिस चौकी तक करीब एक किमी की सड़क पर इस समय निकलना दूभर हो गया है। बारिश के दौरान सड़क पर बने गड्ढे इतने गहरे हो गए हैं कि बचाव करने के बाद भी वाहन उसमें फंस ही जाते हैं। सड़क की दयनीय हालत को लेकर करीब छह माह पहले बाशिंदों ने धरना भी दिया था।
धरने के बाद प्रशासन ने पालिका को सड़क का प्रस्ताव बनाकर भेजने के आदेश दिए थे। आदेश के तहत प्रस्ताव बनाया गया था, लेकिन बजट पास नहीं हो सका था। फिलहाल गड्ढों को नवरात्रि का पर्व होने के कारण भरवा दिया गया था। पालिका का यह प्रयास कुछ दिन ही चल सका था। इसके बाद जब 32 लाख रुपये का हाटमिक्स के लिए बजट जारी किया गया तो टेंडर प्रक्रिया में ही दो माह लगा दिए गए थे।
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टेंडर जारी किया गया तो चुनाव की आचार संहिता आ गई। इसके चलते मामला लटक गया। चुनाव के बाद जब टेंडर निकाला गया तो ससी ठेकेदार ने इसमें हाथ ही नहीं डाला। बताया जाता है कि पालिकाध्यक्ष के पति की दखलअंदाजी के कारण ठेेकेदार पीछे हट रहे है। फिलहाल सड़क निर्माण का कार्य टेंडर के पेंच में ही फंसकर रह गया है। पालिका का दावा है कि दोबारा से टेंडर प्रक्रिया को शुरू किया जाएगा। इसके बाद काम शुरू हो सकता है।
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टलता गया काम तो दोबारा नए रेट से जारी किया जाएगा बजट
सड़क निर्माण को लेकर टेंडर के पेंच को लेकर चर्चा है कि पूर्व में जिस स्टीमेंट के आधार पर बजट पास किया गया था उस समय सामग्री के भाव देखे गए थे। मौजूदा समय में भाव भी बढ़ गए है। ऐसे में ठेकेदार घाटा होना मानकर इसमें भाग नहीं ले रहे हैं। इसी के चलते पहले निकाले गए टेंडर में ठेकेदार आगे नहीं बढ़ सके। इस बार भी टेंडर उसी बजट पर निकाला जाएगा। संभावना यह है कि इस बार भी टेंडर नहीं हो सकेगा। ऐसी दशा में बजट में सुधार का प्रस्ताव रखा जाएगा।
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पूर्व में टेंडर निकाला गया था और इसमें ठेकेदारों ने भाग नहीं लिया था। अब फिर से निकाला जा रहा है। इसकी जानकारी की जाएगी कि प्रक्रिया कहां तक बढ़ी है।- देवेन्द्र सिंह, प्रभारी ईओ, नगरपालिका
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आवास विकास कॉलोनी से ठेका पुलिस चौकी तक करीब एक किमी की सड़क पर इस समय निकलना दूभर हो गया है। बारिश के दौरान सड़क पर बने गड्ढे इतने गहरे हो गए हैं कि बचाव करने के बाद भी वाहन उसमें फंस ही जाते हैं। सड़क की दयनीय हालत को लेकर करीब छह माह पहले बाशिंदों ने धरना भी दिया था।
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धरने के बाद प्रशासन ने पालिका को सड़क का प्रस्ताव बनाकर भेजने के आदेश दिए थे। आदेश के तहत प्रस्ताव बनाया गया था, लेकिन बजट पास नहीं हो सका था। फिलहाल गड्ढों को नवरात्रि का पर्व होने के कारण भरवा दिया गया था। पालिका का यह प्रयास कुछ दिन ही चल सका था। इसके बाद जब 32 लाख रुपये का हाटमिक्स के लिए बजट जारी किया गया तो टेंडर प्रक्रिया में ही दो माह लगा दिए गए थे।
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टेंडर जारी किया गया तो चुनाव की आचार संहिता आ गई। इसके चलते मामला लटक गया। चुनाव के बाद जब टेंडर निकाला गया तो ससी ठेकेदार ने इसमें हाथ ही नहीं डाला। बताया जाता है कि पालिकाध्यक्ष के पति की दखलअंदाजी के कारण ठेेकेदार पीछे हट रहे है। फिलहाल सड़क निर्माण का कार्य टेंडर के पेंच में ही फंसकर रह गया है। पालिका का दावा है कि दोबारा से टेंडर प्रक्रिया को शुरू किया जाएगा। इसके बाद काम शुरू हो सकता है।
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टलता गया काम तो दोबारा नए रेट से जारी किया जाएगा बजट
सड़क निर्माण को लेकर टेंडर के पेंच को लेकर चर्चा है कि पूर्व में जिस स्टीमेंट के आधार पर बजट पास किया गया था उस समय सामग्री के भाव देखे गए थे। मौजूदा समय में भाव भी बढ़ गए है। ऐसे में ठेकेदार घाटा होना मानकर इसमें भाग नहीं ले रहे हैं। इसी के चलते पहले निकाले गए टेंडर में ठेकेदार आगे नहीं बढ़ सके। इस बार भी टेंडर उसी बजट पर निकाला जाएगा। संभावना यह है कि इस बार भी टेंडर नहीं हो सकेगा। ऐसी दशा में बजट में सुधार का प्रस्ताव रखा जाएगा।
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पूर्व में टेंडर निकाला गया था और इसमें ठेकेदारों ने भाग नहीं लिया था। अब फिर से निकाला जा रहा है। इसकी जानकारी की जाएगी कि प्रक्रिया कहां तक बढ़ी है।- देवेन्द्र सिंह, प्रभारी ईओ, नगरपालिका