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मचान के नीचे बैठा बाघ...वनकर्मियों के दहशत में बीते पल
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बीसलपुर। दियोरिया जंगल में नरही मचान पर रात्रिकालीन गश्त कर रहे वन कर्मियों के बाघ देखते ही होश उड़ गए। कुछ देर बाद बाघ चला गया तो वनकर्मियों ने राहत की सांस ली। हालांकि दहशत के बीच जैसे-तैसे रात गुजारी।
दियोरिया के रेंजर वीके गुप्ता ने बताया कि रेंज ऑफिस के वॉचर मोरपाल और प्रेमपाल की मंगलवार शाम रात्रिकालीन ड्यूटी दियोरिया-घुंघचाई वन मार्ग पर स्थित नरही मचान पर लगाई गई थी। इन कर्मचारियों ने अपनी बाइक मचान के नीचे खड़ी कर दी थी और स्वयं मचान पर बैठकर ड्यूटी करने लगे। रात लगभग ढाई बजे एक बाघ घूमता हुआ नीचे आया और वहीं पर बैठ गया। मचान के नीचे बाघ देखकर वन कर्मियों के होश उड़ गए। करीब आधा घंटे तक बैठने के बाद बाघ जंगल में चला गया।
रेंजर ने बताया कि कर्मचारियों ने रात में ही मोबाइल फोन से मामले की जानकारी दी। जब तक अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे तब तक बाघ काफी दूर निकल गया था। रेंजर ने दोनों कर्मचारियों को ढांढस बंधाकर टीम के साथ लौट आए। कर्मचारियों ने पूरी रात मचान पर ही ड्यूटी काटी। बुधवार सुबह छह बजे ड्यूटी खत्म होते ही दोनों वनकर्मी रेंज ऑफिस लौट आए। दोनों वन कर्मी अब भी काफी सहमे हुए हैं। दरअसल, इन वन कर्मियों ने ड्यूटी के दौरान मंगलवार की रात पहली बार बाघ को इतने करीब से देखा है।
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दियोरिया के रेंजर वीके गुप्ता ने बताया कि रेंज ऑफिस के वॉचर मोरपाल और प्रेमपाल की मंगलवार शाम रात्रिकालीन ड्यूटी दियोरिया-घुंघचाई वन मार्ग पर स्थित नरही मचान पर लगाई गई थी। इन कर्मचारियों ने अपनी बाइक मचान के नीचे खड़ी कर दी थी और स्वयं मचान पर बैठकर ड्यूटी करने लगे। रात लगभग ढाई बजे एक बाघ घूमता हुआ नीचे आया और वहीं पर बैठ गया। मचान के नीचे बाघ देखकर वन कर्मियों के होश उड़ गए। करीब आधा घंटे तक बैठने के बाद बाघ जंगल में चला गया।
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रेंजर ने बताया कि कर्मचारियों ने रात में ही मोबाइल फोन से मामले की जानकारी दी। जब तक अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे तब तक बाघ काफी दूर निकल गया था। रेंजर ने दोनों कर्मचारियों को ढांढस बंधाकर टीम के साथ लौट आए। कर्मचारियों ने पूरी रात मचान पर ही ड्यूटी काटी। बुधवार सुबह छह बजे ड्यूटी खत्म होते ही दोनों वनकर्मी रेंज ऑफिस लौट आए। दोनों वन कर्मी अब भी काफी सहमे हुए हैं। दरअसल, इन वन कर्मियों ने ड्यूटी के दौरान मंगलवार की रात पहली बार बाघ को इतने करीब से देखा है।
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