{"_id":"612fccfb8ebc3ec5ed0ab436","slug":"wild-animal-pilibhit-news-bly4582290163","type":"story","status":"publish","title_hn":"शावक होने का मचा शोर, इलाके में दहशत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शावक होने का मचा शोर, इलाके में दहशत
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पूरनपुर। जंगली बिल्ले के बच्चे देखकर शावक का शोर मचा तो खेतों में काम कर रहे लोग घरों की ओर भाग गए। शावक होने के शोर पर लोग दहशत में हैं, जबकि मौके पर पहुंची टीम को बाघ के नहीं जंगली बिल्ला के बच्चों के पदचिह्न मिले।
जंगल से निकलकर आया बाघ 25 अगस्त को गांव मोहम्मदपुर के समीप पहुंच गया था। बाघ को देखकर लोगों ने जमकर शोर-शराबा किया तब वह समीप में ही गन्ने के खेत में घुस गया था। सूचना पर हरीपुर रेंज और वन एवं वन्य जीव प्रभाग की टीम मौके पर पहुंची थी। टीमों को जांच में बाघ के पगचिह्न मिले थे। बाघ की निगरानी को टीमें लगाई गईं। साथ ही आसपास गांव के लोगों को सतर्क रहने की हिदायत दी गई। इसके बाद टीमों को बाघ नहीं दिखा। हालांकि अगले दिन गांव के लोगों ने गांव मोहम्मदपुर से कुछ दूरी पर गांव पिपरिया जयभद्र के समीप बाघ होने की जानकारी वन विभाग के अफसरों को दी। मौके पर टीमों को भेजा गया। मगर बाघ के पगचिह्न नहीं मिले थे। वन एवं वन्य जीव प्रभाग के रेंजर मोहम्मद अय्यूब ने बताया कि बाघ उसी रात को जंगल में निकल गया। क्षेत्र में उसकी चहलकदमी के कोई सबूत नहीं मिले।
बुधवार सुबह गांव मोहम्मदपुर के समीप एक धार्मिक स्थल के पास खेत में काम कर रहे गांव मोहम्मदपुर निवासी कुछ लोगों ने जंगली पशु के बच्चों को देखकर शावक देखने का शोर मचा दिया। सूचना पर एकत्र हुए लोगों ने जमकर शोर-शराबा किया। इस पर जंगली पशु के बच्चे समीप के एक गन्ने के खेत में छिप गए। सूचना पर वन एवं वन्य जीव प्रभाग की टीम को मौके पर भेजा गया।
विज्ञापन
सूचना पर बुधवार सुबह धार्मिक स्थल के पास टीम को भेजा गया था। खेतों में शावक के नहीं जंगली बिल्ला के बच्चों के पगचिह्न मिले हैं। जंगली बिल्ला और शावक देखने में सामान्य लोगों को एक जैसे ही लगते हैं। पगचिह्न जंगली बिल्ला के बच्चों के मिले हैं। इसकी जानकारी गांव के लोगों को दी गई है।
- मोहम्मद अय्यूब, रेंजर वन एवं वन्य प्रभाग
विज्ञापन
जंगल से निकलकर आया बाघ 25 अगस्त को गांव मोहम्मदपुर के समीप पहुंच गया था। बाघ को देखकर लोगों ने जमकर शोर-शराबा किया तब वह समीप में ही गन्ने के खेत में घुस गया था। सूचना पर हरीपुर रेंज और वन एवं वन्य जीव प्रभाग की टीम मौके पर पहुंची थी। टीमों को जांच में बाघ के पगचिह्न मिले थे। बाघ की निगरानी को टीमें लगाई गईं। साथ ही आसपास गांव के लोगों को सतर्क रहने की हिदायत दी गई। इसके बाद टीमों को बाघ नहीं दिखा। हालांकि अगले दिन गांव के लोगों ने गांव मोहम्मदपुर से कुछ दूरी पर गांव पिपरिया जयभद्र के समीप बाघ होने की जानकारी वन विभाग के अफसरों को दी। मौके पर टीमों को भेजा गया। मगर बाघ के पगचिह्न नहीं मिले थे। वन एवं वन्य जीव प्रभाग के रेंजर मोहम्मद अय्यूब ने बताया कि बाघ उसी रात को जंगल में निकल गया। क्षेत्र में उसकी चहलकदमी के कोई सबूत नहीं मिले।
विज्ञापन
बुधवार सुबह गांव मोहम्मदपुर के समीप एक धार्मिक स्थल के पास खेत में काम कर रहे गांव मोहम्मदपुर निवासी कुछ लोगों ने जंगली पशु के बच्चों को देखकर शावक देखने का शोर मचा दिया। सूचना पर एकत्र हुए लोगों ने जमकर शोर-शराबा किया। इस पर जंगली पशु के बच्चे समीप के एक गन्ने के खेत में छिप गए। सूचना पर वन एवं वन्य जीव प्रभाग की टीम को मौके पर भेजा गया।
विज्ञापन
सूचना पर बुधवार सुबह धार्मिक स्थल के पास टीम को भेजा गया था। खेतों में शावक के नहीं जंगली बिल्ला के बच्चों के पगचिह्न मिले हैं। जंगली बिल्ला और शावक देखने में सामान्य लोगों को एक जैसे ही लगते हैं। पगचिह्न जंगली बिल्ला के बच्चों के मिले हैं। इसकी जानकारी गांव के लोगों को दी गई है।
- मोहम्मद अय्यूब, रेंजर वन एवं वन्य प्रभाग