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डब्ल्यूटीआई के बायोलॉजिस्ट ने किया घटनास्थल का निरीक्षण
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बीसलपुर। वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया (डब्ल्यूटीआई) के बायोलॉजिस्ट सुशांत कुमार ने शनिवार को दियोरिया जंगल में घटनास्थल का निरीक्षण किया। घटनास्थल पर लगे कैमरों का परीक्षण करने के बाद बाघ हमले में जीवित बचे युवक से भी पूछताछ की।
पीटीआर की दियोरिया रेंज में 11 जुलाई की रात टूटा पुल के समीप दो बाघों ने चलती बाइक पर हमला कर दिया था। हमले में गांव दियोरिया निवासी कंधई लाल और सोनू की मौत हो गई थी, जबकि तीसरे बाइक सवार गांव दियोरिया निवासी विकास ने पेड़ पर चढ़कर जान बचा ली थी। वन अफसरों के निर्देश पर बाघों की पड़ताल करने को घटनास्थल और उसके आसपास क्षेत्र में 20 कैमरे लगाए गए थे। घटना के दो दिन बाद तक तो बाघ घटनास्थल के आसपास मंडराते देखे गए, मगर उसके बाद बाघ नहीं दिखे।
इधर, शनिवार को वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया के बायोलॉजिस्ट सुशांत कुमार ने दियोरिया रेंज में पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया। घटनास्थल का गहनता से निरीक्षण करने के साथ उन्होंने फोटो भी लिए। घटनास्थल केे आसपास लगे कैमरों की भी पड़ताल की, मगर किसी भी कैमरे में बाघ की फुटेज नहीं मिली, हालांकि कैमरों में अन्य वन्यजीवों की फुटेज देखी गई। घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद वह गांव दियोरिया पहुंचे। जहां उन्होंने बाघ हमले से बचे विकास से पूरे मामले की जानकारी ली। उन्होंने बाघों के हमले में मारे गए ग्रामीणों के परिजनों से भी वार्ता की। इस दौरान रेंजर वीके गुप्ता और ग्राम प्रधान अजय सिंह भी मौजूद रहे।
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पीटीआर की दियोरिया रेंज में 11 जुलाई की रात टूटा पुल के समीप दो बाघों ने चलती बाइक पर हमला कर दिया था। हमले में गांव दियोरिया निवासी कंधई लाल और सोनू की मौत हो गई थी, जबकि तीसरे बाइक सवार गांव दियोरिया निवासी विकास ने पेड़ पर चढ़कर जान बचा ली थी। वन अफसरों के निर्देश पर बाघों की पड़ताल करने को घटनास्थल और उसके आसपास क्षेत्र में 20 कैमरे लगाए गए थे। घटना के दो दिन बाद तक तो बाघ घटनास्थल के आसपास मंडराते देखे गए, मगर उसके बाद बाघ नहीं दिखे।
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इधर, शनिवार को वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया के बायोलॉजिस्ट सुशांत कुमार ने दियोरिया रेंज में पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया। घटनास्थल का गहनता से निरीक्षण करने के साथ उन्होंने फोटो भी लिए। घटनास्थल केे आसपास लगे कैमरों की भी पड़ताल की, मगर किसी भी कैमरे में बाघ की फुटेज नहीं मिली, हालांकि कैमरों में अन्य वन्यजीवों की फुटेज देखी गई। घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद वह गांव दियोरिया पहुंचे। जहां उन्होंने बाघ हमले से बचे विकास से पूरे मामले की जानकारी ली। उन्होंने बाघों के हमले में मारे गए ग्रामीणों के परिजनों से भी वार्ता की। इस दौरान रेंजर वीके गुप्ता और ग्राम प्रधान अजय सिंह भी मौजूद रहे।
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