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Pilibhit News: भवन खंडहर हुआ तो महिला अस्पताल ही खत्म कर दिया
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बीसलपुर में ध्वस्त पड़ा राजकीय महिला अस्पताल का भवन। संवाद
बीसलपुर। तहसील क्षेत्र में 24 साल पहले भवन खंडहर हुआ तो महिला अस्पताल ही खत्म कर दिया गया। तब से अब तक जिम्मेदारों ने पुन: महिला अस्पताल शुरू करने की जहमत नहीं उठाई। इधर क्षेत्र में स्थित चार सीएचसी और 10 पीएचसी पर स्टाफ का जबरदस्त टोटा है। ऐसे में मरीजों को काफी दिक्कत होती है।
राजकीय महिला अस्पताल का भवन वर्ष 2000 में जीर्ण-शीर्ण हो गया था। विभागीय अधिकारियों ने जीर्ण-शीर्ण भवन के स्थान पर नया भवन बनवाने की बजाए महिला अस्पताल को ही खत्म कर दिया। ऐसे में अब महिला अस्पताल के खंडहर भवन में दिन के समय जुआरी जुआ खेलते हैं तो रात में असामाजिक तत्व शरण लिए रहते हैं।
अगर सीएचसी और पीएचसी की बात करें तो नगर और बिलसंडा की सीएचसी में दो एमबीबीएस डॉक्टरों के विपरीत एक भी नही है। यहां पुरुष डॉक्टरों के छह पद रिक्त है। दियोरिया सीएचसी में मानक के अनुरूप स्टॉफ में 20 लोग होने चाहिए, लेकिन यहां केवल पांच ही लोग है।
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इसी प्रकार बरखेड़ा सीएचसी में दो एमबीबीएस महिला डॉक्टरों के विपरीत केवल एक डॉॅक्टर हैं। इस स्वास्थ्य केंद्र में पुरुष डॉक्टरों के आठ पद रिक्त है। इसी प्रकार बिलसंडा स्वास्थ्य केंद्र में पुरुष डॉक्टरों के 10 पद रिक्त है।
पीएचसी शिवपुरी नवदिया में महिला डॉक्टर और वार्ड बॉय का पद शुरू से ही रिक्त है तो पीएचसी खांडेपुर में फार्मासिस्ट का पद दो वर्षों से रिक्त है। इस स्वास्थ्य केंद्र में तैनात महिला डॉक्टर नियमित रूप से ड्यूटी पर भी नहीं आतीं।
पीएचसी जोगीठेर में डॉक्टरों के दोनों पद रिक्त है। जोगीठेर, सुहास, खमरिया पंडरी और दौलतपुर पट्टी की पीएचसी में फार्मासिस्ट के पद वर्षों से रिक्त हैं। पीएचसी बड़ा गांव के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. शरीफ अहमद सीएचसी बिलसंडा से संबद्ध चल रहे हैं। उनकी गैर मौजूदगी में इस अस्पताल का संचालन फार्मासिस्ट, वार्ड बॉय और एएनएम करती हैं।
पीएचसी दौलतपुर पट्टी के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. प्रवेश आनंद सीएचसी बरखेड़ा से संबद्ध चल रहे हैं। इस अस्पताल का संचालन वार्ड बॉय और एएनएम कर रहीं है।
पीएचसी सुहास में प्रभारी चिकित्साधिकारी का पद शुरू से ही रिक्त चल रहा है। इस अस्पताल का संचालन वार्ड बाॅय और एएनएम करतीं हैं। नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में दो के विपरीत एक भी स्थायी डॉक्टर नही है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बीसलपुर के दो डॉक्टरों को यहां संबद्ध किया गया है, यही डॉक्टर अस्पताल का संचालन करते हैं।
पीएचसी ईटगांव के प्रभारी चिकित्साधिकारी एक माह के अवकाश पर हैं। इस अस्पताल का संचालन वार्ड बॉय और एएनएम करती हैं। इसी प्रकार इस तहसील क्षेत्र के किसी भी प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मानक के अनुरूप स्टॉफ नही है। इसका खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ता है।
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प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मानक के अनुरूप स्टॉफ होना चाहिए। ऐसा होने पर लोगों को स्वास्थ्य केंद्रों से अपेक्षित लाभ मिलने लगेगा।
- ज्ञान प्रकाश अग्निहोत्री, गांव अखौली
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मानक के अनुरूप स्टॉफ न होने के लिए विभागीय अधिकारी पूरी तरह से जिम्मेदार है। अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर मानक के अनुरूप स्टॉफ तैनात कराना चहिए।
- अमित शर्मा, मोहल्ला खेड़ा
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विभाग के पास डॉक्टरों और फार्मासिस्टों की कमी है। इस वजह से कुछ स्वास्थ्य केंद्रों में मानक के अनुरूप स्टॉफ नहीं है। शासन से डॉक्टर और फार्मासिस्टों के मिलते ही सभी केंद्रों पर मानक के अनुरूप स्टॉफ तैनात कर दिया जाएगा।
- डॉ. आलोक शर्मा, सीएमओ
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राजकीय महिला अस्पताल का भवन वर्ष 2000 में जीर्ण-शीर्ण हो गया था। विभागीय अधिकारियों ने जीर्ण-शीर्ण भवन के स्थान पर नया भवन बनवाने की बजाए महिला अस्पताल को ही खत्म कर दिया। ऐसे में अब महिला अस्पताल के खंडहर भवन में दिन के समय जुआरी जुआ खेलते हैं तो रात में असामाजिक तत्व शरण लिए रहते हैं।
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अगर सीएचसी और पीएचसी की बात करें तो नगर और बिलसंडा की सीएचसी में दो एमबीबीएस डॉक्टरों के विपरीत एक भी नही है। यहां पुरुष डॉक्टरों के छह पद रिक्त है। दियोरिया सीएचसी में मानक के अनुरूप स्टॉफ में 20 लोग होने चाहिए, लेकिन यहां केवल पांच ही लोग है।
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इसी प्रकार बरखेड़ा सीएचसी में दो एमबीबीएस महिला डॉक्टरों के विपरीत केवल एक डॉॅक्टर हैं। इस स्वास्थ्य केंद्र में पुरुष डॉक्टरों के आठ पद रिक्त है। इसी प्रकार बिलसंडा स्वास्थ्य केंद्र में पुरुष डॉक्टरों के 10 पद रिक्त है।
पीएचसी शिवपुरी नवदिया में महिला डॉक्टर और वार्ड बॉय का पद शुरू से ही रिक्त है तो पीएचसी खांडेपुर में फार्मासिस्ट का पद दो वर्षों से रिक्त है। इस स्वास्थ्य केंद्र में तैनात महिला डॉक्टर नियमित रूप से ड्यूटी पर भी नहीं आतीं।
पीएचसी जोगीठेर में डॉक्टरों के दोनों पद रिक्त है। जोगीठेर, सुहास, खमरिया पंडरी और दौलतपुर पट्टी की पीएचसी में फार्मासिस्ट के पद वर्षों से रिक्त हैं। पीएचसी बड़ा गांव के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. शरीफ अहमद सीएचसी बिलसंडा से संबद्ध चल रहे हैं। उनकी गैर मौजूदगी में इस अस्पताल का संचालन फार्मासिस्ट, वार्ड बॉय और एएनएम करती हैं।
पीएचसी दौलतपुर पट्टी के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. प्रवेश आनंद सीएचसी बरखेड़ा से संबद्ध चल रहे हैं। इस अस्पताल का संचालन वार्ड बॉय और एएनएम कर रहीं है।
पीएचसी सुहास में प्रभारी चिकित्साधिकारी का पद शुरू से ही रिक्त चल रहा है। इस अस्पताल का संचालन वार्ड बाॅय और एएनएम करतीं हैं। नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में दो के विपरीत एक भी स्थायी डॉक्टर नही है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बीसलपुर के दो डॉक्टरों को यहां संबद्ध किया गया है, यही डॉक्टर अस्पताल का संचालन करते हैं।
पीएचसी ईटगांव के प्रभारी चिकित्साधिकारी एक माह के अवकाश पर हैं। इस अस्पताल का संचालन वार्ड बॉय और एएनएम करती हैं। इसी प्रकार इस तहसील क्षेत्र के किसी भी प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मानक के अनुरूप स्टॉफ नही है। इसका खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ता है।
प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मानक के अनुरूप स्टॉफ होना चाहिए। ऐसा होने पर लोगों को स्वास्थ्य केंद्रों से अपेक्षित लाभ मिलने लगेगा।
- ज्ञान प्रकाश अग्निहोत्री, गांव अखौली
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मानक के अनुरूप स्टॉफ न होने के लिए विभागीय अधिकारी पूरी तरह से जिम्मेदार है। अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर मानक के अनुरूप स्टॉफ तैनात कराना चहिए।
- अमित शर्मा, मोहल्ला खेड़ा
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विभाग के पास डॉक्टरों और फार्मासिस्टों की कमी है। इस वजह से कुछ स्वास्थ्य केंद्रों में मानक के अनुरूप स्टॉफ नहीं है। शासन से डॉक्टर और फार्मासिस्टों के मिलते ही सभी केंद्रों पर मानक के अनुरूप स्टॉफ तैनात कर दिया जाएगा।
- डॉ. आलोक शर्मा, सीएमओ

बीसलपुर में ध्वस्त पड़ा राजकीय महिला अस्पताल का भवन। संवाद

बीसलपुर में ध्वस्त पड़ा राजकीय महिला अस्पताल का भवन। संवाद