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Pilibhit News: वार्ड बॉय, एलए व एलटी देखते हैं मरीज, बांटते हैं दवाई
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पूरनपुर। चिकित्सकों और फार्मासिस्टों की संबद्धता से अस्पताल लैब टेक्नीशियन (एलटी), लैब असिस्टेंट (एलए) तो कहीं वार्ड बॉय के सहारे चल रहे हैं। चिकित्सक और फार्मासिस्ट न होने से जटपुरा में अक्सर वार्ड बॉय मरीज देखकर मरीजों को दवा बांट रहे हैं। शेरपुरकलां के चिकित्सक की सीएचसी पर ड्यूटी लगने पर एलटी और एलए ही मरीजों को देखते हैं।
जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने का दावा किया जा रहा है, मगर हकीकत इसके उलट है। चिकित्सकों, फार्मासिस्टों की कमी और इसके बाद भी संबद्धता के खेल से अस्पतालों की जिम्मेदारी वार्ड बॉय तो कहीं एलटी-एलए संभाल रहे हैं।
पूरनपुर की जटपुरा पीएचसी में ढाई महीने से किसी चिकित्सक की तैनाती नहीं है। एलटी भी प्रशिक्षण को लेकर पांच महीने से अस्पताल नहीं आ रहे है। यहां वार्ड बॉय की तैनाती है। फार्मासिस्ट राजेश कश्यप सप्ताह में तीन दिन जटपुरा पहुंचते हैं। वजह राजेश कश्यप की सप्ताह में तीन दिन ड्यूटी कलीनगर तहसील क्षेत्र के गांव शिवनगर की पीएचसी में रहती है। जटपुरा में तीन दिन वार्ड बॉय ही मरीज देखता है और दवाई भी बांटता है।
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शिवनगर पीएचसी में डॉ. दुर्गा प्रसाद त्रिपाठी के अलावा एलटी कृष्णकांत, एलए शिवराज की तैनाती है। संबद्धता की वजह से मंगलवार और शुक्रवार को डॉ. दुर्गा प्रसाद सीएचसी पूरनपुर मेंं बैठते हैं। ऐसे में दो दिन शिवनगर पीएचसी एलटी और एलए के हवाले रहती है।
शेरपुरकलां की पीएचसी में डॉ. मोहम्मद आसिम, वार्ड बॉय मुकेश, फार्मासिस्ट अनिल गंगवार की तैनाती है। मुकेश की ड्यूटी कुंभ मेले में लगाई गई है। अनिल गंगवार को शारदा नदी पार के हजारा भरतपुर में संबद्ध किया गया है।
शेरपुरकलां मात्र चिकित्सक मोहम्मद आसिम के हवाले रहता है। संबद्धता के चलते डॉ. मोहम्मद आसिम की ड्यूटी भी सोमवार को सीएचसी पूरनपुर में रहती है। गांव जादौपुर गहलुइया की पीएचसी में डॉ. दुष्यंत की तैनाती है। डॉ. दुष्यंत की सप्ताह में एक दिन ड्यूटी सीएचसी पूरनपुर में रहती है। ऐसे में गहलुइया का पीएचसी भी फार्मासिस्ट के हवाले रहती है।
सीएमओ डॉ. आलोक कुमार ने बताया कि चिकित्सकों कमी है। इसको लेकर पत्राचार किया गया है। जल्द ही व्यवस्थाओं को दुरुस्त करा दिया जाएगा।
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जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने का दावा किया जा रहा है, मगर हकीकत इसके उलट है। चिकित्सकों, फार्मासिस्टों की कमी और इसके बाद भी संबद्धता के खेल से अस्पतालों की जिम्मेदारी वार्ड बॉय तो कहीं एलटी-एलए संभाल रहे हैं।
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पूरनपुर की जटपुरा पीएचसी में ढाई महीने से किसी चिकित्सक की तैनाती नहीं है। एलटी भी प्रशिक्षण को लेकर पांच महीने से अस्पताल नहीं आ रहे है। यहां वार्ड बॉय की तैनाती है। फार्मासिस्ट राजेश कश्यप सप्ताह में तीन दिन जटपुरा पहुंचते हैं। वजह राजेश कश्यप की सप्ताह में तीन दिन ड्यूटी कलीनगर तहसील क्षेत्र के गांव शिवनगर की पीएचसी में रहती है। जटपुरा में तीन दिन वार्ड बॉय ही मरीज देखता है और दवाई भी बांटता है।
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शिवनगर पीएचसी में डॉ. दुर्गा प्रसाद त्रिपाठी के अलावा एलटी कृष्णकांत, एलए शिवराज की तैनाती है। संबद्धता की वजह से मंगलवार और शुक्रवार को डॉ. दुर्गा प्रसाद सीएचसी पूरनपुर मेंं बैठते हैं। ऐसे में दो दिन शिवनगर पीएचसी एलटी और एलए के हवाले रहती है।
शेरपुरकलां की पीएचसी में डॉ. मोहम्मद आसिम, वार्ड बॉय मुकेश, फार्मासिस्ट अनिल गंगवार की तैनाती है। मुकेश की ड्यूटी कुंभ मेले में लगाई गई है। अनिल गंगवार को शारदा नदी पार के हजारा भरतपुर में संबद्ध किया गया है।
शेरपुरकलां मात्र चिकित्सक मोहम्मद आसिम के हवाले रहता है। संबद्धता के चलते डॉ. मोहम्मद आसिम की ड्यूटी भी सोमवार को सीएचसी पूरनपुर में रहती है। गांव जादौपुर गहलुइया की पीएचसी में डॉ. दुष्यंत की तैनाती है। डॉ. दुष्यंत की सप्ताह में एक दिन ड्यूटी सीएचसी पूरनपुर में रहती है। ऐसे में गहलुइया का पीएचसी भी फार्मासिस्ट के हवाले रहती है।
सीएमओ डॉ. आलोक कुमार ने बताया कि चिकित्सकों कमी है। इसको लेकर पत्राचार किया गया है। जल्द ही व्यवस्थाओं को दुरुस्त करा दिया जाएगा।