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कटान रोकने की मन्नत पर की पूजा-अर्चना, श्रमदान भी किया

Sat, 27 Aug 2022 12:07 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 27 Aug 2022 12:07 AM IST
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vote to stop the erosion of the river, people worshiped and shrandaan
पूरनपुर क्षेत्र में गांव चंदिया हजारा के समीप शारदा नदी किनारे कटान रोकने की मन्नत पर पूजा करती म - फोटो : PILIBHIT
पूरनपुर। शारदा नदी का कटान रोकने की मन्नत को लेकर नदी किनारे एकत्रित हुए लोगों ने शुक्रवार को पूजा-अर्चना की और भजन-कीर्तन किया। यहां भंडारा भी चला। साथ ही श्रमदान में भी लोगों ने बढ़चढ़ कर भाग लिया।
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शारदा नदी हर साल बरसात में तबाही मचाती है। सैकड़ों एकड़ फसल जलमग्न होती है। कटान में जमीन नदी में समाती है। दर्जनों लोगों को बेघर होना पड़ता है। पखवाड़ा भर पहले नदी ने रुख बदलकर गांव चंदिया हजारा की ओर कटान कर जंगल की जमीन काटना शुरू की थी। कई एकड़ जंगल की मिट्टी और उस पर खड़े पेड़ नदी में समा गए। छह दिन पहले नदी का जलस्तर बढ़ने पर कटान रुक गया था। चार दिन से नदी फिर कटान कर रही है। कटान रोकने को गांव चंदिया हजारा के लोग श्रमदान कर जंगल के बहने वाले पेड़ों को बांधकर नदी किनारे लगा रहे हैं। मगर धीमी गति से कटान नहीं रुक रहा है।
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शुक्रवार को गांव की कई महिलाओं ने पुरुषों के साथ नदी तट पर पहुंचकर कटान रुकने की मनौती कर पूजा की। भजन, कीर्तन और भंडारा हुआ। कार सेवा को भी लोग जुटे। चंदिया हजारा के प्रधान बासुदेव कुंडू ने बताया कि कटान की जानकारी पर दो दिन पहले बाढ़ खंड के लोग भी मौके पर आए थे। मगर कटान रोकने को कोई उपाय अब तक नहीं किए गए है।
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ग्रामीणों ने रस्सी से बांधे बहते पेड़
नदी में जंगल के पेड़ समा रहे है। पिछले 24 घंटे में नदी खेतों की ओर कटान कर 200 मीटर आगे बढ़ गई। कटान को रोकने को बाढ़ खंड की ओर से अभी तक कोई प्रयास नहीं किए गए। शुक्रवार को गांव के लोगों ने नदी में बह रहे पेड़ों को नदी किनारे रस्सी से बांधा। चंदिया हजारा के प्रधान बासुदेव कुंडू ने बताया कि एसडीएम कार्यालय में लिखित देने के बाद दूसरे दिन भी बाढ़ खंड की ओर से बचाव के कोई प्रयास नहीं किए गए। कटान की गति धीमी न होने पर नदी खेतों का कटान शुरू कर देगी।

बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता शैलेश कुमार ने बताया कि नदी जंगल में कटान कर रही है। जंगल में कटान रोकना संभव नहीं है। वन विभाग के कर्मचारी पेड़ों को बचाने के प्रयास कर रहे है।
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