UP: पीलीभीत में विश्व हिंदू परिषद का संगठन मंत्री गिरफ्तार, एडीएम ने दर्ज कराया मुकदमा; लगाए ये आरोप
पीलीभीत की एडीएम वित्त एवं राजस्व ऋतु पूनिया ने विहिप के शाहजहांपुर विभाग संगठन मंत्री प्रिंस गौड़ के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है, जिसमें विहिप पदाधिकारी पर वसूली और डराने-धमकाने के आरोप में लगाए। पुलिस ने शनिवार को आरोपी विहिप पदाधिकारी को गिरफ्तार कर लिया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पीलीभीत शहर से सटी एक कॉलोनी की धारा-80 से जुड़ी झूठी शिकायत के जरिये वसूली और डराने-धमकाने के आरोप में पुलिस ने विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के शाहजहांपुर विभाग संगठन मंत्री प्रिंस गौड़ के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। यह मुकदमा एडीएम वित्त एवं राजस्व ऋतु पूनिया की तहरीर पर दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
एडीएम ने कोतवाली में दर्ज कराई गई रिपोर्ट में बताया है कि प्रिंस गौड़ ने मंडलायुक्त को एक पत्र भेजा था, जिसमें उनके खिलाफ तथ्यहीन और भ्रामक आरोप लगाए गए। पत्र में लिखा गया था कि एडीएम ने शहर से सटी कॉलोनी की धारा-80 की कार्रवाई की है, जबकि यह अधिकार क्षेत्र एसडीएम का होता है।
यह भी पढ़ें- लखीमपुर खीरी में भीषण हादसा: ई-रिक्शा से टकराईं दो बाइक, मामा-भांजे की मौत, तीन बच्चियां घायल
एडीएम के अनुसार, यह पत्र उन्हें डराने, धमकाने और मानसिक रूप से परेशान करने के उद्देश्य से लिखा गया था। साथ ही इसमें धन उगाही की मंशा भी झलकती है। आरोप है कि प्रिंस गौड़ ने एडीएम पर दबाव बनाने की कोशिश की और यह तक लिखा कि एडीएम ने अपनी मां व ससुर के नाम से प्लॉट का बैनामा कराया है, जबकि दोनों का वर्षों पहले निधन हो चुका है। एडीएम ने तहरीर में अपनी सुरक्षा को लेकर संभावित हमले की आशंका भी जताई। कोतवाल सतेंद्र कुमार ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
क्या होती है धारा 80
क्या होती है धारा 80 की कार्रवाई उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता की धारा 80 भूमि के गैर-कृषि उपयोग के लिए घोषणा की अनुमति देती है। किसान अपनी कृषि भूमि को आवासीय, वाणिज्यिक या औद्योगिक उपयोग के लिए बदल सकते हैं। इसके लिए सक्षम प्राधिकारी (उप जिलाधिकारी) से अनुमति प्राप्त करनी होती है। एडीएम ने अपनी एफआईआर में भी धारा 80 की कार्रवाई एसडीएम स्तर से किए जाए की बात कही है।
हमले की जताई आशंका
एडीएम ने तहरीर में अपनी सुरक्षा को लेकर संभावित हमले की आशंका भी जताई। इस मामले में एडीएम विहिप जिलाध्यक्ष श्रीकृष्ण गंगवार ने भी पत्र लिखकर स्पष्ट किया कि शिकायत में प्रयुक्त लेटर पैड फर्जी था और संगठन ने किसी को भी इस तरह की शिकायत करने की अनुमति नहीं दी थी। कोतवाल सतेंद्र कुमार ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया जहां से उन्हें जेल भेज दिया।
संगठन मंत्री के कहने पर की जांच और जारी किया पत्र
मामले में विहिप के जिलाध्यक्ष श्री कृष्ण गंगवार ने बताया कि शहर से सटी कॉलोनी में मजार होने की शिकायत हुई थी। बाद में इस मामले का समाधान हो गया। दोबारा संगठन की ओर से शिकायत का पता चला तो संगठन मंत्री राजेश के कहने पर हम कॉलोनी में जांच करने गए जहां मजार नहीं मिली। इसकी जानकारी संगठन मंत्री को दी और पत्र जारी किया था। विभाग संगठन मंत्री पर एफआईआर से संबंधित जानकारी नहीं है।