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Pilibhit News: दरोगा से मारपीट के मामले में बरखेड़ा विधायक से मिले ग्रामीण, रखा पक्ष
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न्यूरिया। माला रेंज के बनकटी क्षेत्र में वनकर्मियों और ग्रामीणों में विवाद के बाद हुई मारपीट के मामले में शुक्रवार मरौरी गांव के करीब 50 ग्रामीणों ने बरखेड़ा विधायक स्वामी प्रवक्तानंद से मिलकर अपना पक्ष रखा। कहा कि झाड़ियां काटते समय दो युवकों को वनकर्मियों ने पीटा। इसपर विवाद आगे बढ़ा। वन विभाग की ओर गलत आरोप लगाकर रिपोर्ट दर्ज कराने की बात कही। यह भी कहा कि पुलिस उनके पक्ष की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज नहीं कर रही।
घटना तीन मार्च की रात बनकटी क्षेत्र में हुई थी। मारपीट में वन दरोगा सुमित समेत चार लोग घायल हुए थे। इस मामले में वन दरोगा सुमित कुमार की ओर से न्यूरिया थाने में ग्राम प्रधान समेत 14 नामजद और 50 अज्ञात के खिलाफ हमला करने और सरकारी वाहन तोड़ने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में कहा गया था कि लकड़ी कटान और शिकार करने जाने की सूचना पर वह टीम के साथ मौके पर पहुंचे थे। इसपर ग्रामीणों ने हमला कर दिया। वहीं दूसरी ओर ग्राम मरौरी निवासी अशोक कुमार ने भी थाना न्यूरिया पुलिस को तहरीर देकर वन विभाग के कर्मचारियों पर मारपीट का आरोप लगाया था।
तहरीर में कहा गया था कि वह अपने खेत पर जानवर भगाने गया था, जहां गांव के कुछ लोग झाड़ियां काट रहे थे। आरोप है कि इस दौरान शाम करीब आठ बजे वनकर्मी वहां पहुंचे और ग्रामीणों के साथ मारपीट करने लगे। उसने बीच-बचाव करने का प्रयास किया तो उसकी भी पिटाई कर दी गई। घटना में वह व एक अन्य ग्रामीण घायल हुए। चार वनकर्मियों को नामजद किया गया।
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विधायक ने निष्पक्ष जांच कराने का दिया आश्वासन
शुक्रवार को मरौरी गांव के करीब 50 लोग बरखेड़ा विधायक के बरेली रोड स्थित आश्रम पर पहुंचे और अपना पक्ष रखा। वन विभाग की कार्रवाई को गलत बताया। कहा कि एफआईआर में जो आरोप लगाए गए। वह सच नहीं हैं। विधायक स्वामी प्रवक्ता नंद ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि मामले में कुछ गलत नहीं होगा। निष्पक्ष जांच कराने को अफसरों से कहा जाएगा।
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घटना तीन मार्च की रात बनकटी क्षेत्र में हुई थी। मारपीट में वन दरोगा सुमित समेत चार लोग घायल हुए थे। इस मामले में वन दरोगा सुमित कुमार की ओर से न्यूरिया थाने में ग्राम प्रधान समेत 14 नामजद और 50 अज्ञात के खिलाफ हमला करने और सरकारी वाहन तोड़ने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में कहा गया था कि लकड़ी कटान और शिकार करने जाने की सूचना पर वह टीम के साथ मौके पर पहुंचे थे। इसपर ग्रामीणों ने हमला कर दिया। वहीं दूसरी ओर ग्राम मरौरी निवासी अशोक कुमार ने भी थाना न्यूरिया पुलिस को तहरीर देकर वन विभाग के कर्मचारियों पर मारपीट का आरोप लगाया था।
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तहरीर में कहा गया था कि वह अपने खेत पर जानवर भगाने गया था, जहां गांव के कुछ लोग झाड़ियां काट रहे थे। आरोप है कि इस दौरान शाम करीब आठ बजे वनकर्मी वहां पहुंचे और ग्रामीणों के साथ मारपीट करने लगे। उसने बीच-बचाव करने का प्रयास किया तो उसकी भी पिटाई कर दी गई। घटना में वह व एक अन्य ग्रामीण घायल हुए। चार वनकर्मियों को नामजद किया गया।
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विधायक ने निष्पक्ष जांच कराने का दिया आश्वासन
शुक्रवार को मरौरी गांव के करीब 50 लोग बरखेड़ा विधायक के बरेली रोड स्थित आश्रम पर पहुंचे और अपना पक्ष रखा। वन विभाग की कार्रवाई को गलत बताया। कहा कि एफआईआर में जो आरोप लगाए गए। वह सच नहीं हैं। विधायक स्वामी प्रवक्ता नंद ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि मामले में कुछ गलत नहीं होगा। निष्पक्ष जांच कराने को अफसरों से कहा जाएगा।