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Pilibhit News: क्षतिग्रस्त एप्रोच से कट सकता है उत्तराखंड का संपर्क
Wed, 02 Sep 2026 01:23 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Wed, 02 Sep 2026 01:23 AM IST
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मझोला से औद्योगिक हब को जाने वाले फोर लाइन मार्ग पर बनी अधूरी पुलिया
- फोटो : credit
मझोला। जिले को उत्तराखंड से जोड़ने वाले महत्वपूर्ण मझोला–सितारगंज मार्ग पर प्रवीण नदी के पुल का एक किनारा पिछले कई महीनों से क्षतिग्रस्त पड़ा हुआ है। पुल की एप्रोच सड़क पूरी तरह धंस चुकी है। उसके आसपास बने बड़े गड्ढे वाहन चालकों के लिए गंभीर खतरा बने हुए हैं।
इस मार्ग से प्रतिदिन हल्के और भारी वाहनों के अलावा रोजी-रोटी की तलाश में आने-जाने वाले मजदूर और कर्मचारी अपने वाहनों से दिन और रात की शिफ्टों में गुजरते हैं। क्षतिग्रस्त एप्रोच और गहरे गड्ढों के कारण वाहन चालकों को जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ रहा है। लगातार हो रही बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है। ऐसे में पुल की धंसी हुई एप्रोच कभी भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो सकती है। लोगों का कहना है कि यदि भारी बारिश के चलते बाढ़ जैसी स्थिति बनी तो किसी भी समय उत्तराखंड से इस मार्ग का संपर्क टूट सकता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि संबंधित विभाग और ठेकेदार को बरसात शुरू होने से पहले ही पुल की एप्रोच की मरम्मत करा देनी चाहिए थी, लेकिन बरसात का मौसम गुजरने को है और स्थिति जस की तस बनी हुई है। भारी वाहनों के गुजरने के दौरान हादसे की आशंका और अधिक बढ़ जाती है। संवाद
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इस मार्ग से प्रतिदिन हल्के और भारी वाहनों के अलावा रोजी-रोटी की तलाश में आने-जाने वाले मजदूर और कर्मचारी अपने वाहनों से दिन और रात की शिफ्टों में गुजरते हैं। क्षतिग्रस्त एप्रोच और गहरे गड्ढों के कारण वाहन चालकों को जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ रहा है। लगातार हो रही बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है। ऐसे में पुल की धंसी हुई एप्रोच कभी भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो सकती है। लोगों का कहना है कि यदि भारी बारिश के चलते बाढ़ जैसी स्थिति बनी तो किसी भी समय उत्तराखंड से इस मार्ग का संपर्क टूट सकता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि संबंधित विभाग और ठेकेदार को बरसात शुरू होने से पहले ही पुल की एप्रोच की मरम्मत करा देनी चाहिए थी, लेकिन बरसात का मौसम गुजरने को है और स्थिति जस की तस बनी हुई है। भारी वाहनों के गुजरने के दौरान हादसे की आशंका और अधिक बढ़ जाती है। संवाद
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