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Pilibhit News: दो ग्राम विकास अधिकारी निलंबित, प्रधान के अधिकार किए गए सीज
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बीसलपुर। डीएम संजय कुमार सिंह ने ग्राम पंचायत परसिया में विकास कार्यों में अनियमितता मिलने पर दो ग्राम विकास अधिकारियों को निलंबित करने के साथ दो कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा प्रधान के अधिकार सीज कर दिए हैं।
परसिया निवासी सियाराम, दीनदयाल, निर्मेश भारती और भगवानदास ने डीएम को संयुक्त शिकायती पत्र भेजकर ग्राम पंचायत में पंचायत विभाग की ओर से हुए विकास कार्यों में बड़े पैमाने पर अनियमितता बरते जाने का आरोप लगाते हुए जांच कराने की मांग की है। इस पर डीएम संजय कुमार सिंह ने जिला गन्नाधिकारी डॉ. खुशीराम भार्गव और शारदा सहायक खंड के सहायक अभियंता मुकेश चंद्रा को जांच के निर्देश दिए थे।
अधिकारियों ने जांच कर 25 जुलाई 2024 को जांच रिपोर्ट डीएम को सौंप दी। रिपोर्ट के अनुसार नाली मरम्मत, स्कूल रैंप निर्माण, कंप्यूटर यूपीएस, कैमरा खरीद, सीसी रोड निर्माण, मजदूरों का भुगतान करने मेंं बड़े पैमाने पर अनियमितता बरती गई।
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अनियमितताओं के लिए ग्राम प्रधान प्रेमशंकर राठौर, ग्राम विकास अधिकारी करन सिंह नबियाल, निवर्तमान ग्राम विकास अधिकारी विवेक वर्मा और मानवेंद्र सिंह, रोजगार सेवक ललित कुमार और तकनीकी सहायक यशवीर सिंह को जिम्मेदार ठहराया गया।
डीएम ने इन सभी लोगों को नोटिस भेजकर स्पष्टीकरण मांगा। सभी लोगों ने जवाब भेज दिए। निवर्तमान ग्राम विकास अधिकारी मानवेंद्र सिंह का स्पष्टीकरण कुछ हद तक संतोषजनक पाया गया। बाकी लोगों के स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं थे।
डीएम ने शुक्रवार को प्रधान के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकारी सीज करने के साथ जिला विकास अधिकारी को ग्राम विकास अधिकारी विवेक वर्मा, करन सिंह नबियाल को निलंबित करने और आंशिक रूप से दोषी पाए गए निवर्तमान ग्राम विकास अधिकारी मानवेंद्र सिंह के खिलाफ विभागीय जांच करने के निर्देश दिए।
डीएम ने इसके अलावा संबंधित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारियों को रोजगार सेवक ललित कुमार और तकनीकी सहायक यशवीर सिंह की सेवाएं समाप्त करने के निर्देश भी दिए हैं। डीएम का यह आदेश ब्लॉक कार्यालय में आ गया है, जिसकी पुष्टि पंचायत विभाग की सहायक विकास अधिकारी कृष्णा देवी ने की है।
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परसिया निवासी सियाराम, दीनदयाल, निर्मेश भारती और भगवानदास ने डीएम को संयुक्त शिकायती पत्र भेजकर ग्राम पंचायत में पंचायत विभाग की ओर से हुए विकास कार्यों में बड़े पैमाने पर अनियमितता बरते जाने का आरोप लगाते हुए जांच कराने की मांग की है। इस पर डीएम संजय कुमार सिंह ने जिला गन्नाधिकारी डॉ. खुशीराम भार्गव और शारदा सहायक खंड के सहायक अभियंता मुकेश चंद्रा को जांच के निर्देश दिए थे।
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अधिकारियों ने जांच कर 25 जुलाई 2024 को जांच रिपोर्ट डीएम को सौंप दी। रिपोर्ट के अनुसार नाली मरम्मत, स्कूल रैंप निर्माण, कंप्यूटर यूपीएस, कैमरा खरीद, सीसी रोड निर्माण, मजदूरों का भुगतान करने मेंं बड़े पैमाने पर अनियमितता बरती गई।
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अनियमितताओं के लिए ग्राम प्रधान प्रेमशंकर राठौर, ग्राम विकास अधिकारी करन सिंह नबियाल, निवर्तमान ग्राम विकास अधिकारी विवेक वर्मा और मानवेंद्र सिंह, रोजगार सेवक ललित कुमार और तकनीकी सहायक यशवीर सिंह को जिम्मेदार ठहराया गया।
डीएम ने इन सभी लोगों को नोटिस भेजकर स्पष्टीकरण मांगा। सभी लोगों ने जवाब भेज दिए। निवर्तमान ग्राम विकास अधिकारी मानवेंद्र सिंह का स्पष्टीकरण कुछ हद तक संतोषजनक पाया गया। बाकी लोगों के स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं थे।
डीएम ने शुक्रवार को प्रधान के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकारी सीज करने के साथ जिला विकास अधिकारी को ग्राम विकास अधिकारी विवेक वर्मा, करन सिंह नबियाल को निलंबित करने और आंशिक रूप से दोषी पाए गए निवर्तमान ग्राम विकास अधिकारी मानवेंद्र सिंह के खिलाफ विभागीय जांच करने के निर्देश दिए।
डीएम ने इसके अलावा संबंधित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारियों को रोजगार सेवक ललित कुमार और तकनीकी सहायक यशवीर सिंह की सेवाएं समाप्त करने के निर्देश भी दिए हैं। डीएम का यह आदेश ब्लॉक कार्यालय में आ गया है, जिसकी पुष्टि पंचायत विभाग की सहायक विकास अधिकारी कृष्णा देवी ने की है।