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तालाब में डूबने से दो बच्चियों की मौत
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बरखेड़ा। गांव ललौर गुजरानपुर में तीन बच्चियां नवरात्र पर प्रतिमाएं बनाने के लिए तालाब से मिट्टी लेने गईं थीं। उनके साथ गांव का ही एक दस वर्षीय बालक भी गया था। मिट्टी निकालने के दौरान तालाब में तीनों गुझारी के फूल तोड़ने के लिए आगे बढ़ गईं। तालाब गहरा होने के कारण तीनों डूबने लगी। तालाब के किनारे खड़े बच्चे की सूचना पर पहुंचे ग्रामीणों ने एक किशोरी को बचा लिया। मगर दो की डूबकर मौत हो गई।
गांव गुजरानपुर निवासी भगवान दास किसान की 13 वर्षीय पुत्री सोमवती उर्फ चांदनी, किशनलाल धोबी की 11 वर्षीय पुत्री शिवरानी, भगवान दास प्रजापति की 14 वर्षीय पुत्री शिवानी गांव के ही भद्रपाल के दस वर्षीय पुत्र अरुण के साथ शाम तीन बजे गांव से आधा किलोमीटर दूर गांव ललौर के तालाब में नवरात्र पर मिट्टी की प्रतिमाएं बनाने के लिए मिट्टी लेने गई थीं। तीनों तालाब से मिट्टी निकालने लगी। अरुण तालाब के पास खड़ा था। इसी दौरान तीनों तालाब पानी में डूबने लगीं। तीनों को डूबते देख अरुण चीखते हुए गांव की ओर भागा। गांव पहुंचकर घटना के बारे में बताया। इस पर गांव वालों ने तालाब की ओर दौड़ लगा दी। मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने शिवानी को बाल पकड़कर पानी से बाहर निकाल लिया। सोमवती और शिवरानी डूब चुकीं थीं। गांव के युवकों ने डूबे बच्चियों की खोजबीन के लिए तालाब में छलांग लगाई। दोनों को जब तक तालाब से बाहर निकाला गया, तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों के शव कब्जे में लेकर पंचायतनामा भरा। शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए गए हैं। इंस्पेक्टर धीरज सिंह सोलंकी ने बताया के दो बच्चियों के डूबने की सूचना मिली थी। शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए हैं।
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गांव गुजरानपुर निवासी भगवान दास किसान की 13 वर्षीय पुत्री सोमवती उर्फ चांदनी, किशनलाल धोबी की 11 वर्षीय पुत्री शिवरानी, भगवान दास प्रजापति की 14 वर्षीय पुत्री शिवानी गांव के ही भद्रपाल के दस वर्षीय पुत्र अरुण के साथ शाम तीन बजे गांव से आधा किलोमीटर दूर गांव ललौर के तालाब में नवरात्र पर मिट्टी की प्रतिमाएं बनाने के लिए मिट्टी लेने गई थीं। तीनों तालाब से मिट्टी निकालने लगी। अरुण तालाब के पास खड़ा था। इसी दौरान तीनों तालाब पानी में डूबने लगीं। तीनों को डूबते देख अरुण चीखते हुए गांव की ओर भागा। गांव पहुंचकर घटना के बारे में बताया। इस पर गांव वालों ने तालाब की ओर दौड़ लगा दी। मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने शिवानी को बाल पकड़कर पानी से बाहर निकाल लिया। सोमवती और शिवरानी डूब चुकीं थीं। गांव के युवकों ने डूबे बच्चियों की खोजबीन के लिए तालाब में छलांग लगाई। दोनों को जब तक तालाब से बाहर निकाला गया, तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों के शव कब्जे में लेकर पंचायतनामा भरा। शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए गए हैं। इंस्पेक्टर धीरज सिंह सोलंकी ने बताया के दो बच्चियों के डूबने की सूचना मिली थी। शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए हैं।
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