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Pilibhit News: कछुआ तस्कर गिरोह का भंडाफोड़, उत्तराखंड के दो आरोपी गिरफ्तार

Sat, 24 May 2025 11:48 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत Updated Sat, 24 May 2025 11:48 PM IST
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Turtle smuggling gang busted, two accused from Uttarakhand arrested
पीलीभीत टाइगर रिजर्व की टीम द्वारा पकड़े गए आरोपी। स्रोत विभाग
पीलीभीत। पीलीभीत टाइगर रिजर्व (पीटीआर) की टीम ने शनिवार को एक बड़े कछुआ तस्कर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। सूचना के आधार पर शनिवार सुबह टीम ने न्यूरिया क्षेत्र में घेराबंदी कर एक कार को रोका। इसमें सवार दो लोगों को गिरफ्तार कर छह बोरियों में बंद करीब 138 कछुए बरामद कर लिए। टीम ने आरोपियों को जेल भेज दिया है।
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पीटीआर प्रशासन को कछुआ तस्करी से जुड़ी सूचना मिली थी। शनिवार सुबह एसडीओ रमेश चौहान के नेतृत्व में महोफ रेंज की टीम ने न्यूरिया थाना के गांव टांडा बिजैसी क्षेत्र में घेराबंदी की। टीम को देख कार में सवार तस्कर भागने लगे। टीम ने दो आरोपियों को दौड़कर पकड़ लिया। आरोपियों ने अपनी पहचान राकेश मंडल व विशाल मंडल निवासी बहगुल कॉलोनी थाना सितारगंज जिला ऊधमसिंह नगर उत्तराखंड बताई। एक तस्कर फरार बताया जा रहा है, लेकिन उसके बारे में पुख्ता जानकारी नहीं हो सकी है।
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कार की तलाशी में छह बोरियों में बंद 138 कछुए बरामद किए गए। शेड्यूल एक श्रेणी में शामिल कछुओं का कुल वजन 2.50 क्विंटल निकला। टीम बरामद कछुओं के साथ आरोपियों को मुख्यालय लेकर आई। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह कानपुर के रसूलाघाट से कछुओं को लेकर न्यूरिया और उत्तराखंड में आपूर्ति करने ले जा रहे थे। आशंका है कि इसके बाद नेपाल के रास्ते कछुओं को विदेश भेजा जाता।
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आरोपियाें को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। वहीं, कछुओं को कोर्ट की अनुमति के बाद वन क्षेत्र में सुरक्षित स्थान पर छोड़ा गया है। बताया जा रहा है कि कई कछुओं की दम घुटने से मौत भी हो गई थी।

विदेशों से जुड़ा हो सकता है नेटवर्क
बताया जा रहा है कि खाने के शौकीन लोग क्षेत्र से ही चोरी छिपे एक-दो कछुओं को पकड़कर अपना उद्देश्य पूरा कर लेते हैं, लेकिन बड़ी संख्या में कछुओं के बरामद होने से तस्करी का मामला स्पष्ट होता है। कछुओं के अंग के अलावा खून का उपयोग भी शक्तिवर्धक दवाओं में किया जाता है। भारत के अलावा कछुओं की विदेशों में भी मांग अधिक है। इनमें मलेशिया, थाइलैंड, वियतनाम आदि शामिल हैं। ऐसे में आरोपियों का नेटवर्क विदेशों से जुड़ा होने की संभावना भी बढ़ गई है।


इंडियन सॉफ्टशेल व फ्लैपशेल प्रजाति के हैं कछुए
कार से बरामद किए गए 138 कछुओं की प्रजाति भारतीय वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की श्रेणी एक में शामिल है। इसमें इंडियन सॉफ्टशेल व फ्लैपशेल कछुए की प्रजाति शामिल है। डीएफओ मनीष सिंह ने बताया कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। पूछताछ में सामने आए तथ्यों की हर पहलू पर जांच-पड़ताल कराई जाएगी।

पीलीभीत टाइगर रिजर्व की टीम द्वारा पकड़े गए आरोपी। स्रोत विभाग

पीलीभीत टाइगर रिजर्व की टीम द्वारा पकड़े गए आरोपी। स्रोत विभाग

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