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70 फुट ऊंचाई से सैलानी कर सकेंगे वन और वन्यजीवों के दीदार
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सैलानियों के लिए बनाया गया वॉच टावर।
- फोटो : PILIBHIT
पीलीभीत। तमाम अटकलों के बीच पीलीभीत टाइगर रिजर्व के पर्यटन सत्र को 15 नवंबर से शुरू करने की कवायद तेज कर दी गई। इस बार फिलहाल चूका बीच में सैलानियों को कुछ नया देखने को नहीं मिल सकेगा, लेकिन टाइगर रिजर्व ने वन क्षेत्र में चार नए वॉच टावर तैयार कर सैलानियों को लुभाने का प्रयास किया है। सोमवार को एफडी और डीएफओ ने चूका बीच का दौरा कर तैयारियों को परखा।
जनपद का इकलौता टूरिज्म स्पॉट चूका बीच और पीलीभीत टाइगर रिजर्व के द्वार 15 नवंबर से सैलानियों के लिए खोले जाने के आसार नजर आ रहे हैं। पूर्व में कोविड-19 के चलते पर्यटन सत्र को जल्दी बंद कर दिया गया था। इससे पीलीभीत टाइगर रिजर्व और वन निगम को काफी नुकसान का भी सामना करना पड़ा था। सत्र के दौरान जनपद के अलावा दूर दराज से सैलानियों की आमद यहां होती है। शांत वातावरण और जंगल का अनुकूल माहौल के साथ उस में विचरण करते बाघ, तेंदुए समेत अन्य वन्य जीव के दीदार सैलानियों को यहां आने पर मजबूर कर देते हैं। खास बात यह है शारदा सागर डैम का किनारा होने के चलते चूका बीच का नजारा अद्भुत नजर आता है। इधर नए पर्यटन सत्र को लेकर शासन ने 15 नवंबर के बजाय एक नवंबर से खोलने के प्रदेश भर में निर्देश जारी किए। पीलीभीत टाइगर रिजर्व के अफसर भी पर्यटन सत्र की तैयारियों में जुट गए थे। मगर भारी बारिश के चलते नहीं खुल सका। इधर, फिलहाल इस बार सैलानियों को चुका बीच में कुछ नया देखने को नहीं मिल सकेगा। जंगल सफारी के दौरान बाघ तेंदुआ के अलावा हिरन, चीतल, बारहसिंघा, मोर, समेत विभिन्न प्रकार के वन जीवों के दीदार सैलानी कर सकेंगे। सफारी के दौरान सैलानियों के आनंद को और बढ़ाने के लिए टाइगर रिजर्व में इस बार चार नए वॉच टावर तैयार किए हैं। इनमें साइफन, लालपुल चूका ग्रास लैंड और बारहसिंघा ताल पर बनाया गया है। करीब 70 फुट ऊंचाई के इन टावरों पर चढ़कर सैलानी वन और वन्य जीवो का करीब से दीदार कर सकेंगे। फिलहाल पर्यटन सत्र को लेकर तैयारियां पूरी हैं सोमवार को एवरी जावेद अख्तर और डीएफओ नवीन खंडेलवाल ने चुका बीच का भ्रमण कर तैयारियों को भी परखा।
साइन बोर्ड न लगने से परेशान होते हैं सैलानी
सत्र के दौरान जनपद के अलावा दूरदराज से भी सैलानी बड़ी मात्रा में यहां पहुंचते हैं। जनपद पीलीभीत से लेकर माधोटांडा क्षेत्र तक एक, दो साइन बोर्ड तो जरूर लगे हैं, लेकिन जैसे ही चूका बीच के नजदीक के क्षेत्र में साइन बोर्ड ना लगा होने से सैलानी भटक जाते हैं। काफी पूछताछ के बाद वहां पहुंचते हैं। उसका कारण यह है कि जीपीएस के मैप में भी चूका बीच की लोकेशन गलत दर्शाई जाती है।
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जनपद का इकलौता टूरिज्म स्पॉट चूका बीच और पीलीभीत टाइगर रिजर्व के द्वार 15 नवंबर से सैलानियों के लिए खोले जाने के आसार नजर आ रहे हैं। पूर्व में कोविड-19 के चलते पर्यटन सत्र को जल्दी बंद कर दिया गया था। इससे पीलीभीत टाइगर रिजर्व और वन निगम को काफी नुकसान का भी सामना करना पड़ा था। सत्र के दौरान जनपद के अलावा दूर दराज से सैलानियों की आमद यहां होती है। शांत वातावरण और जंगल का अनुकूल माहौल के साथ उस में विचरण करते बाघ, तेंदुए समेत अन्य वन्य जीव के दीदार सैलानियों को यहां आने पर मजबूर कर देते हैं। खास बात यह है शारदा सागर डैम का किनारा होने के चलते चूका बीच का नजारा अद्भुत नजर आता है। इधर नए पर्यटन सत्र को लेकर शासन ने 15 नवंबर के बजाय एक नवंबर से खोलने के प्रदेश भर में निर्देश जारी किए। पीलीभीत टाइगर रिजर्व के अफसर भी पर्यटन सत्र की तैयारियों में जुट गए थे। मगर भारी बारिश के चलते नहीं खुल सका। इधर, फिलहाल इस बार सैलानियों को चुका बीच में कुछ नया देखने को नहीं मिल सकेगा। जंगल सफारी के दौरान बाघ तेंदुआ के अलावा हिरन, चीतल, बारहसिंघा, मोर, समेत विभिन्न प्रकार के वन जीवों के दीदार सैलानी कर सकेंगे। सफारी के दौरान सैलानियों के आनंद को और बढ़ाने के लिए टाइगर रिजर्व में इस बार चार नए वॉच टावर तैयार किए हैं। इनमें साइफन, लालपुल चूका ग्रास लैंड और बारहसिंघा ताल पर बनाया गया है। करीब 70 फुट ऊंचाई के इन टावरों पर चढ़कर सैलानी वन और वन्य जीवो का करीब से दीदार कर सकेंगे। फिलहाल पर्यटन सत्र को लेकर तैयारियां पूरी हैं सोमवार को एवरी जावेद अख्तर और डीएफओ नवीन खंडेलवाल ने चुका बीच का भ्रमण कर तैयारियों को भी परखा।
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साइन बोर्ड न लगने से परेशान होते हैं सैलानी
सत्र के दौरान जनपद के अलावा दूरदराज से भी सैलानी बड़ी मात्रा में यहां पहुंचते हैं। जनपद पीलीभीत से लेकर माधोटांडा क्षेत्र तक एक, दो साइन बोर्ड तो जरूर लगे हैं, लेकिन जैसे ही चूका बीच के नजदीक के क्षेत्र में साइन बोर्ड ना लगा होने से सैलानी भटक जाते हैं। काफी पूछताछ के बाद वहां पहुंचते हैं। उसका कारण यह है कि जीपीएस के मैप में भी चूका बीच की लोकेशन गलत दर्शाई जाती है।
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