{"_id":"628beabac1c6ac5e593c5944","slug":"traders-filled-warehouses-by-buying-wheat-from-farmers-government-procurement-boom-pilibhit-news-bly485896886","type":"story","status":"publish","title_hn":"किसानों के पास गेहूं नाममात्र, स्टाकिस्टों के गोदाम भरे, सरकारी खरीद एक फीसदी भी नहीं हुई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किसानों के पास गेहूं नाममात्र, स्टाकिस्टों के गोदाम भरे, सरकारी खरीद एक फीसदी भी नहीं हुई
विज्ञापन
पूरनपुर मंडी समिति में सूने गेहूं खरीद केंद्र।
- फोटो : PILIBHIT
बाजार भाव में उतार-चढ़ाव से सरकारी गेहूं खरीद बढ़ने की उम्मीद कम
53 दिन में लक्ष्य के सापेक्ष एक प्रतिशत भी नहीं हुई सरकारी खरीद
पीलीभीत/पूरनपुर। गेहूं के घोषित रेट और बाजार रेट में अंतर की वजह से इस बार खरीद केंद्र सूने पड़े रहे। जिले के 2.21 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीद के लक्ष्य के सापेक्ष 53 दिन में 1365 मीट्रिक टन ही खरीद हो पाई है। किसानों के पास गेहूं समाप्त होने और व्यापारियों के पास गेहूं का भंडार होने की वजह से अब सरकारी खरीद बढ़ने की उम्मीद कम रह गई है। व्यापारियों के पास गेहूं का भंडारण होने से गेहूं के बाजार भाव में उतार चढ़ाव है। बारिश से लेकर सोमवार को गेहूं का रेट रविवार से सौ रुपये कम 2150 रुपये क्विंटल तक रहा। जबकि रविवार को रेट 2250 रुपये था।
गेहूं खरीद को जिले में 133 खरीद केंद्र खोले गए हैं। गेहूं का रेट 2015 घोषित किया गया है। 24 घंटे में डीबीटी के माध्यम से किसानों के खातों में गेहूं पहुंचाने की व्यवस्था की गई। जिले में गेहूं खरीद का लक्ष्य 2.31 मीट्रिक टन रखा गया। पिछले साल जिले में 140500 हेक्टेयर क्षेत्रफल में गेहूं बोया गया। इस बार पिछले साल की तुलना में 1800 हेक्टेयर क्षेत्रफल अधिक गेहूं हुआ। इस सबके बाद गेहूं निर्यात के चलते गेहूं की मांग बढ़ने पर भारी मात्रा में गेहूं बाहर भेजा गया। परिणाम स्वरूप गेहूं का बाजार रेट शुरू से ही सरकारी घोषित रेट से अधिक रहा। सरकारी खरीद केंद्रों पर गेहूं बिक्री को नाममात्र ही किसान पहुंचे। व्यापारियों ने खेतों और किसानों के घरों से गेहूं खरीद लिया। खाद्यान्न व्यापारियों की माने तो अब किसानों के पास मात्र पांच फीसदी से कम गेहूं रह गया है जो उनकी रोजमर्रा की जरूरत के लिहाज से बचा है। गेहूं अब व्यापारियों के पास पहुंच गया है। इससे अब रेट में रोज उतार चढ़ाव हो रहा है। रविवार को गेहूं का बाजार में रेट 2250 रुपये था। सोमवार को बारिश के चलते इस रेट में सौ रुपये की कमी आई। किसानों के पास गेहूं न बचने पर अब सरकारी खरीद न बढ़ पाने का अंदेशा अफसर भी जता रहे हैं।
गेहूं का सरकारी रेट बाजार में घोषित रेट से शुरू से ही कम रहा। इससे खरीद केंद्रों पर किसान नाममात्र को ही पहुंचे। जिले में अब तक 1365 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद कर ली गई है जो किसान खरीद केंद्रों पर गेहूं बिक्री करना चाहते हैं वे कॉल करें। उनके घर से गेहूं खरीदवा लिया जाएगा। - ज्ञानचंद्र वर्मा, डिप्टी आरएमओ
विज्ञापन
विज्ञापन
53 दिन में लक्ष्य के सापेक्ष एक प्रतिशत भी नहीं हुई सरकारी खरीद
पीलीभीत/पूरनपुर। गेहूं के घोषित रेट और बाजार रेट में अंतर की वजह से इस बार खरीद केंद्र सूने पड़े रहे। जिले के 2.21 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीद के लक्ष्य के सापेक्ष 53 दिन में 1365 मीट्रिक टन ही खरीद हो पाई है। किसानों के पास गेहूं समाप्त होने और व्यापारियों के पास गेहूं का भंडार होने की वजह से अब सरकारी खरीद बढ़ने की उम्मीद कम रह गई है। व्यापारियों के पास गेहूं का भंडारण होने से गेहूं के बाजार भाव में उतार चढ़ाव है। बारिश से लेकर सोमवार को गेहूं का रेट रविवार से सौ रुपये कम 2150 रुपये क्विंटल तक रहा। जबकि रविवार को रेट 2250 रुपये था।
गेहूं खरीद को जिले में 133 खरीद केंद्र खोले गए हैं। गेहूं का रेट 2015 घोषित किया गया है। 24 घंटे में डीबीटी के माध्यम से किसानों के खातों में गेहूं पहुंचाने की व्यवस्था की गई। जिले में गेहूं खरीद का लक्ष्य 2.31 मीट्रिक टन रखा गया। पिछले साल जिले में 140500 हेक्टेयर क्षेत्रफल में गेहूं बोया गया। इस बार पिछले साल की तुलना में 1800 हेक्टेयर क्षेत्रफल अधिक गेहूं हुआ। इस सबके बाद गेहूं निर्यात के चलते गेहूं की मांग बढ़ने पर भारी मात्रा में गेहूं बाहर भेजा गया। परिणाम स्वरूप गेहूं का बाजार रेट शुरू से ही सरकारी घोषित रेट से अधिक रहा। सरकारी खरीद केंद्रों पर गेहूं बिक्री को नाममात्र ही किसान पहुंचे। व्यापारियों ने खेतों और किसानों के घरों से गेहूं खरीद लिया। खाद्यान्न व्यापारियों की माने तो अब किसानों के पास मात्र पांच फीसदी से कम गेहूं रह गया है जो उनकी रोजमर्रा की जरूरत के लिहाज से बचा है। गेहूं अब व्यापारियों के पास पहुंच गया है। इससे अब रेट में रोज उतार चढ़ाव हो रहा है। रविवार को गेहूं का बाजार में रेट 2250 रुपये था। सोमवार को बारिश के चलते इस रेट में सौ रुपये की कमी आई। किसानों के पास गेहूं न बचने पर अब सरकारी खरीद न बढ़ पाने का अंदेशा अफसर भी जता रहे हैं।
विज्ञापन
गेहूं का सरकारी रेट बाजार में घोषित रेट से शुरू से ही कम रहा। इससे खरीद केंद्रों पर किसान नाममात्र को ही पहुंचे। जिले में अब तक 1365 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद कर ली गई है जो किसान खरीद केंद्रों पर गेहूं बिक्री करना चाहते हैं वे कॉल करें। उनके घर से गेहूं खरीदवा लिया जाएगा। - ज्ञानचंद्र वर्मा, डिप्टी आरएमओ
विज्ञापन