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पीलीभीत टाइगर रिजर्व: चूका बीच के साथ अब सप्त सरोवर पर भी रुक सकेंगे सैलानी, जल्द शुरू होगी बुकिंग
Sun, 28 Jan 2024 05:51 PM IST
मुकेश कुमार
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sun, 28 Jan 2024 05:51 PM IST
सार
पीलीभीत टाइगर रिजर्व का पर्यटन सत्र जारी है। छह माह तक चलने वाले सत्र के दौरान देश-विदेश के सैलानियों की आमद होती है। अब सैलानी चूका बीच के साथ-साथ सप्त सरोवर पर भी ठहर सकेंगे।
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सप्त सरोवर का खूबसूरत नजारा।
- फोटो : संवाद
विस्तार
पीलीभीत में जल्द ही सैलानियों को चूका बीच के साथ ही सातझाल (सप्त सरोवर) पर हटों में रुकने की व्यवस्था मिल सकेगी। इसके लिए हटों का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। अफसरों के मुताबिक 15 दिन बाद ही बुकिंग की प्रक्रिया भी खोल दी जाएगी। इससे पीलीभीत टाइगर रिजर्व (पीटीआर) के पर्यटन को विस्तार मिलेगा।
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पीटीआर का पर्यटन सत्र जारी है। छह माह तक चलने वाले सत्र के दौरान देश और विदेश के सैलानियों की आमद होती है। अभी तक चूका बीच ही पर्यटन का प्रमुख स्थल बना हुआ है। पूर्व में पर्यटन का विस्तार करते हुए बराही रेंज के सातझाल पर हटों के अलावा अन्य व्यवस्थाओं को विकसित करने के लिए कार्य शुरू किया गया था। इसमें करीब चार हट के अलावा वॉच टावर और कैंटीन भी शामिल थी। तीन माह से कार्य चल रहा था, जो अब लगभग पूरा हो चुका है। अनुमान लगाया जा रहा है कि 15 दिन के बाद सैलानियों को सातझाल की नई हटों में ठहरने की सुविधाएं मिलने लगेंगी।
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इन डोर गेमिंग की व्यवस्था भी शामिल
सैलानियों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए ठहरने के इंतजाम तो किए गए हैं। साथ ही खेलने के लिए इन डोर गेमिंग को लेकर भी व्यवस्था कराई गई है। इसके लिए दो हट बनाकर अंदर पूरी व्यवस्था कराई जा रही है। ऐसे में सात झाल में रुकने वाले सैलानी गेमिंग का भी लुत्फ उठा सकेंगे।
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रोजगार के बढ़ेंगे अवसर
सातझाल पर पर्यटन के विस्तार के साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। सातझाल के सटे सेल्हा गांव के लोगों द्वारा बनाई गई समिति के सदस्य कैंटीन का संचालन कर रहे हैं। विस्तार के बाद रोजगार के अन्य अवसर भी मिलने की उम्मीद है।
रेंजर बराही अरुण मोहन श्रीवास्तव ने बताया कि सातझाल पर पर्यटन से संबंधित कार्य लगभग पूरा हो गया है। उम्मीद है कि 15 दिन बाद आम सैलानियों के लिए यहां रुकने की व्यवस्था शुरू कर दी जाएगी।
सातझाल पर पर्यटन के विस्तार के साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। सातझाल के सटे सेल्हा गांव के लोगों द्वारा बनाई गई समिति के सदस्य कैंटीन का संचालन कर रहे हैं। विस्तार के बाद रोजगार के अन्य अवसर भी मिलने की उम्मीद है।
रेंजर बराही अरुण मोहन श्रीवास्तव ने बताया कि सातझाल पर पर्यटन से संबंधित कार्य लगभग पूरा हो गया है। उम्मीद है कि 15 दिन बाद आम सैलानियों के लिए यहां रुकने की व्यवस्था शुरू कर दी जाएगी।