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घंटों बाघ की दहशत में रहा मल्लपुर
ब्यूरो /पीलीभीत
Updated Wed, 23 Nov 2016 11:14 PM IST
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घंटों बाघ की दहशत में रहा मल्लपुर
- फोटो : पीलीभ्ाीत/उत्ततर प्रदेश्ा
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जिस को बाघ की एक झलक पाने को लोग दूर दराज से रुपये खर्च कर टाइगर रिजर्व पहुंचते हैं उसी बाघ के गांव में घुसने से दहशत छा गई। सुबह छह बजे बाघ के घर में घुसने से लेकर शाम को करीब 5.30 बजे पकड़े जाने तक गांव वाले परेशान दिखे। उनके चेहरों पर डर साफ झलक रहा था। बाघ के सकुशल पकड़ने के बाद वन विभाग एवं पुलिस प्रशासन ने भले ही राहत की सांस ली हो लेकिन ग्रामीण अभी भी डरे सहमे हैं।
सुबह सूरज की पौ फटने के साथ ही मल्लपुर के लोग अपनी दिनचर्या में लगे हुए थे। किसी के घर में झाडू लग रही थी तो कोई मजदूरी पर जाने की तैयारी में था। बच्चे भी उछलकूद में लगे थे। इस बीच गांव के किनारे दलित बस्ती में रहने वाले राजेश कुमार और इसके बाद उनके भाई जगदीश व विष्णु कुमार के घर में बाघ घुस आने की सूचना से सनसनी फैल गई। सारे कामकाज छोड़कर लोग बाघ देखने को उमड़ पड़े। मल्लपुर के अलावा आसपास गांव एवं शहर कस्बों से भी लोग मल्लपुर पहुंचने लगे। लोग बड़ी उत्सुकता के साथ घटना स्थल की ओर बढ़ रहे थे लेकिन जगदीश के मकान के निकट पहुंचते ही डर के कारण उनके कदम थमने लगते थे। एक दूसरे की आड़ लेकर हर कोई उसकी झलक पाने एवं फोटो खींचने की कोशिश करता। किसी अप्रिय घटना से बचने के लिए वन विभाग के साथ पुलिस प्रशासन भी लगा रहा। शाम को 5.30 बजे बाघ के ट्रैंक्युलाइज होने के बाद सभी ने राहत महसूस की। बाघ तो गांव से चला गया लेकिन उसकी दहशत हर किसी के दिलो दिमाग में अभी भी कायम है।
सिपाही के डंडा चलाने पर भीड़ ने किया बवाल
जमुनिया/माधोटांडा। बाघ के घर में घुसने की सूचना पर हजारों की संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए। इस बीच भीड़ को नियंत्रित कर रहे मैनाकोट चौकी के सिपाही अवनीश ने डंडा चला दिया। डंडा लगते ही भीड़ उग्र हो गई और पथराव शुरू कर दिया। बाद में एडीएम अजयकांत सैनी व एएसपी डॉ. रामसुरेश यादव ने लोगों को समझाकर शांत कराया।सुबह बाघ के मल्लपुर गांव मे बाघ घुसने की सूचना पर पहुंचने लोग उसकी एक झलक पाने के साथ ही आए दिन वन्यजीवों के कारण हो रही फसल नुकसान व समस्याओं को लेकर नाराजगी व्यक्त करते देखे गए। बार बार आगे बढ़ रही भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने रोकने का प्रयास किया। इस बीच जंगली जानवरों से हो रहे नुकसान पर नाराजगी व्यक्त कर रहे कुछ लोगों पर सिपाही ने डंडा चला दिया। एक खेत के मालिक नरेश के डंडा लगते ही भीड़ उग्र हो गई। नाराज भीड़ न केवल नारेबाजी व्यक्त कर अपना गुस्सा जताया बल्कि पुलिस प्रशासन के अधिकारियों पर पथराव शुरू कर दिया। हालांकि पत्थर के स्थान पर खेत की मिट्टी के ढेले होने के कारण कोई चोटिल नहीं हुआ। इस बीच वहां मौजूद एसडीएम श्रद्धा शांडिल्यायन व सीओ जगतराम जोशी सहित कई अधिकारियों के ढेले लगे। भीड़ के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए एडीएम व एएसपी लोगों को समझा बुझाकर शांत कराया।
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सुबह सूरज की पौ फटने के साथ ही मल्लपुर के लोग अपनी दिनचर्या में लगे हुए थे। किसी के घर में झाडू लग रही थी तो कोई मजदूरी पर जाने की तैयारी में था। बच्चे भी उछलकूद में लगे थे। इस बीच गांव के किनारे दलित बस्ती में रहने वाले राजेश कुमार और इसके बाद उनके भाई जगदीश व विष्णु कुमार के घर में बाघ घुस आने की सूचना से सनसनी फैल गई। सारे कामकाज छोड़कर लोग बाघ देखने को उमड़ पड़े। मल्लपुर के अलावा आसपास गांव एवं शहर कस्बों से भी लोग मल्लपुर पहुंचने लगे। लोग बड़ी उत्सुकता के साथ घटना स्थल की ओर बढ़ रहे थे लेकिन जगदीश के मकान के निकट पहुंचते ही डर के कारण उनके कदम थमने लगते थे। एक दूसरे की आड़ लेकर हर कोई उसकी झलक पाने एवं फोटो खींचने की कोशिश करता। किसी अप्रिय घटना से बचने के लिए वन विभाग के साथ पुलिस प्रशासन भी लगा रहा। शाम को 5.30 बजे बाघ के ट्रैंक्युलाइज होने के बाद सभी ने राहत महसूस की। बाघ तो गांव से चला गया लेकिन उसकी दहशत हर किसी के दिलो दिमाग में अभी भी कायम है।
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सिपाही के डंडा चलाने पर भीड़ ने किया बवाल
जमुनिया/माधोटांडा। बाघ के घर में घुसने की सूचना पर हजारों की संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए। इस बीच भीड़ को नियंत्रित कर रहे मैनाकोट चौकी के सिपाही अवनीश ने डंडा चला दिया। डंडा लगते ही भीड़ उग्र हो गई और पथराव शुरू कर दिया। बाद में एडीएम अजयकांत सैनी व एएसपी डॉ. रामसुरेश यादव ने लोगों को समझाकर शांत कराया।सुबह बाघ के मल्लपुर गांव मे बाघ घुसने की सूचना पर पहुंचने लोग उसकी एक झलक पाने के साथ ही आए दिन वन्यजीवों के कारण हो रही फसल नुकसान व समस्याओं को लेकर नाराजगी व्यक्त करते देखे गए। बार बार आगे बढ़ रही भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने रोकने का प्रयास किया। इस बीच जंगली जानवरों से हो रहे नुकसान पर नाराजगी व्यक्त कर रहे कुछ लोगों पर सिपाही ने डंडा चला दिया। एक खेत के मालिक नरेश के डंडा लगते ही भीड़ उग्र हो गई। नाराज भीड़ न केवल नारेबाजी व्यक्त कर अपना गुस्सा जताया बल्कि पुलिस प्रशासन के अधिकारियों पर पथराव शुरू कर दिया। हालांकि पत्थर के स्थान पर खेत की मिट्टी के ढेले होने के कारण कोई चोटिल नहीं हुआ। इस बीच वहां मौजूद एसडीएम श्रद्धा शांडिल्यायन व सीओ जगतराम जोशी सहित कई अधिकारियों के ढेले लगे। भीड़ के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए एडीएम व एएसपी लोगों को समझा बुझाकर शांत कराया।
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