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Pilibhit News: लंगड़ी बाघिन की निगरानी में दो रेंजों के लगाए गए टाइगर ट्रैकर और वॉचर
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पीलीभीत। लंगड़ी बाघिन को तलाशने के लिए दो रेंजों की टीमें लगाई गईं हैं, लेकिन बाघिन की अब तक मौजूदगी का पता नहीं चल सका है। अफसरों का कहना है कि निगरानी का दायरा बढ़ाकर माला और बराही रेंज के टाइगर ट्रैकर और वॉचरों को भी लगाया गया है। हालांकि बाघिन की लोकेशन ट्रेस नहीं हो सकी है। टीम निगरानी में जुटी है।
पीलीभीत टाइगर रिजर्व की महोफ रेंज के पर्यटन क्षेत्र में तीन मई को लंगड़ाकर चल रही बाघिन की वीडियो सामने आई थी। वीडियो में बाघिन चलने में परेशान होने के साथ कमजोर भी दिखाई दे रही थी। इसके बाद अफसरों ने टीम को अलर्ट कर बाघिन की निगरानी शुरू करा दी थी। पकड़ने के लिए अनुमति भी ले ली गई थी।
हाथी, ड्रोन के अलावा करीब 30 कैमरे भी लगाए गए। छह मई को कुछ देर के लिए दिखी बाघिन फिर लापता हो गई। अफसरों की ओर से दिन और रात निगरानी के दावे भी किए जा रहे हैं। इसके बाद भी बाघिन की लोकेशन नहीं मिल सकी।
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एपीसीसीएफ प्रोजेक्ट टाइगर ललित कुमार ने भी स्थिति को परखकर जरूरी निर्देश दिए थे। उधर, लोकेशन न मिलने पर अफसरों ने महोफ के अलावा माला और बराही रेंज की टीम को भी निगरानी के लिए लगाया है। डीएफओ भरत कुमार डीके का कहना है कि माला और बराही के टाइगर ट्रैकर और वॉचरों को निगरानी के लिए लगाया है। वॉच टावर के अलावा रेस्क्यू ट्रैक्टर से भी निगरानी की जा रही है। उसकी मौजूदगी को ट्रेस करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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पीलीभीत टाइगर रिजर्व की महोफ रेंज के पर्यटन क्षेत्र में तीन मई को लंगड़ाकर चल रही बाघिन की वीडियो सामने आई थी। वीडियो में बाघिन चलने में परेशान होने के साथ कमजोर भी दिखाई दे रही थी। इसके बाद अफसरों ने टीम को अलर्ट कर बाघिन की निगरानी शुरू करा दी थी। पकड़ने के लिए अनुमति भी ले ली गई थी।
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हाथी, ड्रोन के अलावा करीब 30 कैमरे भी लगाए गए। छह मई को कुछ देर के लिए दिखी बाघिन फिर लापता हो गई। अफसरों की ओर से दिन और रात निगरानी के दावे भी किए जा रहे हैं। इसके बाद भी बाघिन की लोकेशन नहीं मिल सकी।
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एपीसीसीएफ प्रोजेक्ट टाइगर ललित कुमार ने भी स्थिति को परखकर जरूरी निर्देश दिए थे। उधर, लोकेशन न मिलने पर अफसरों ने महोफ के अलावा माला और बराही रेंज की टीम को भी निगरानी के लिए लगाया है। डीएफओ भरत कुमार डीके का कहना है कि माला और बराही के टाइगर ट्रैकर और वॉचरों को निगरानी के लिए लगाया है। वॉच टावर के अलावा रेस्क्यू ट्रैक्टर से भी निगरानी की जा रही है। उसकी मौजूदगी को ट्रेस करने के प्रयास किए जा रहे हैं।