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जल्द ही टाइगर वॉचर रखेंगे बाघों पर नजर

Tue, 30 Jul 2019 02:44 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 30 Jul 2019 02:44 AM IST
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पीलीभीत। टाइगर रिजर्व में बाघ, तेंदुए समेत वन्यजीवों की बढ़ती संख्या के साथ उनकी सुरक्षा भी जिम्मेदारों के लिए चुनौती बन गई है। जंगल के साथ आबादी क्षेत्र के निकट वन्यजीवों की लगातार मौजूदगी मानव- वन्यजीव संघर्ष का दायरा बढ़ा रही है। अब इसकी रोकथाम के लिए अफसर गंभीर हुए है। इसके लिए जंगल क्षेत्र में केवल बाघ की लोकेशन पर नजर रखने के लिए प्रत्येक बीट में पांच टाइगर वॉचर की तैनाती की जाएगी। इसके लिए अफसरों ने शासन को प्रस्ताव भी भेज दिया है।
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बाघ संरक्षण के लिए टाइगर रिजर्व घोषित हुए पीलीभीत के जंगल का दायरा 73 हजार हेक्टेयर में फैला हुआ है। जंगल क्षेत्र का अनुकूल वातावरण वन्यजीवों के लिए काफी मुफीद है। यही वजह है कि टाइगर रिजर्व में बाघ, तेंदुए समेत अन्य वन्यजीवों संख्या बढ़ रही है। बात अगर वन्यजीवों की सुरक्षा की करे तो अन्य टाइगर रिजर्व की तरह यहां संसाधन आधे भी नहीं है। बाघ, तेंदुए समेत वन्यजीव जंगल से बाहर निकल रहे है। लंबे समय तक बाहर रहने के कारण इंसानों पर हमलावर भी हो रहे है। उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल रहे वनकर्मियों की उदासीनता के चलते ग्रामीणों में आक्रोश भी बढ़ जाता है। इधर तीन दिन पूर्व दियोरिया रेंज से सटे ग्राम मटहेना में ग्रामीणों पर हमले के बाद भीड़ की पिटाई से हुई बाघिन मौत के बाद अफसर गंभीर दिखाई दे रहे है। वन्यजीवों की सुरक्षा के साथ मानव वन्यजीव संघर्ष को रोकने को कुछ नए प्रयास शुरू किए जा रहे है। इसके लिए टाइगर रिजर्व की प्रत्येक बीट में पांच टाइगर वॉचर की तैनाती करने की तैयारी की जा रही है। जो जंगल क्षेत्र में गश्त कर केवल बाघ की गतिविधियों पर नजर रखेंगे। टाइगर वॉचरों को विभाग की ओर से मानदेय भी दिया जाएगा। इसके लिए अफसरों ने शासन को प्रस्ताव भेज दिया है।
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जंगल से सटे गांव में बनाए जाएंगे दस बाघ मित्र
जंगल से बाहर निकल रहे बाघ, तेंदुए की सुरक्षा को लेकर अफसर संजीदा हो रहे हैं। इसके लिए अब जंगल से सटे गांव में दस ऐसे लोगों को चिह्नित किया जाएगा जो एंड्रायड फोन का इस्तेमाल करते हों, विभाग द्वारा उनको बाघ मित्र बनाया जाएगा। उनके फोन में एक सॉफ्टवेयर डाला जाएगा। जिसके माध्यम से बाघ मित्र गांव की सीमा में बाघ समेत हिंसक वन्यजीवों की चहलकदमी होने पर क्लिक करेंगे तो सूचना मुख्यालय पर अफसरों के पास पहुंची। जिसपर तत्काल सूचना पर अमल हो सकेगा।
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वन्यजीवों की सुरक्षा के साथ मानव वन्यजीव संघर्ष को रोकने के प्रयास जारी है। इसके लिए अब टाइगर वॉचर की तैनाती करने की योजना बनाई जा रही है। इसके अलावा जंगल से सटे प्रत्येक गांव के दस लोगों को बाघ मित्र बनाया जाएगा। साफ्टवेयर के माध्यम से उनको सक्रिय करने की योजना है।
- नवीन खंडेलवाल, डीएफओ, पीलीभीत टाइगर रिजर्व
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