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बाघ ने पशुशाला में बंधी गाय को बनाया शिकार
पीलीभ्ाीत ब्यूराो
Updated Mon, 20 Mar 2017 10:58 PM IST
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क्षेत्र में एक माह से घूम रहे बाघ ने टांडा छत्रपति निवासी अर्जुन सिंह की पशुशाला में बंधी गाय को मार डाला। शोर-शराबा होने पर बाघ गाय को छोड़कर चला गया। बाद में बाघ के गन्ने के खेत में छिपे होने की सूचना पर वन विभाग की टीम ने हाथियों की मदद से कांबिंग की। काफी तलाशी पर भी बाघ नहीं मिला लेकिन उसके जंगल की और लौटने के पदचिह्न मिले हैं। बाघ की चहल कदमी से क्षेत्र में दहशत है।
बराही-हरीपुर जंगल से निकलकर बाघ करीब एक माह से गांव कीरतपुर, अर्जुनपुर, भीमपुर आदि में चहल कदमी कर रहा है। एक माह में वह कई पशुओं का शिकार कर चुका है। रविवार की रात बाघ ने गांव टांडा छत्रपति निवासी अर्जुन सिंह की पशुशाला में घुसकर गाय को अपना शिकार बना लिया। आहट होने पर घरवालों ने शोर शराबा शुरू किया जिसपर बाघ गाय का शव घर से कुछ दूरी पर छोड़कर गन्ने के खेत में छिप गया। बताते हैं इससे पूर्व बाघ गांव के दूसरे छोर पर रह रहे ठाकुरलाल के घर में बनी पशुशाला में घुस गया था। बाघ के गन्ना के खेत में छिपे होने की सूचना पर बराही, हरीपुर, सामाजिक वानिकी के कर्मचारी मौके पर पहुंचे। हाथियों पर सवार वनकर्मियों ने आसपास के गन्ना के खेतों में बाघ की तलाश की। काफी खोजने के बाद भी बाघ नहीं मिला लेकिन उसके जंगल की ओर जाने के पदचिह्न मिले हैं।
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बाघ कई दिनों से जंगल से निकलकर आबादी वाले इलाके में चहल कदमी कर रहा है। गन्ने के खेत में होने की सूचना पर हाथियों की मदद से उसकी तलाश की गई लेकिन बाघ नहीं मिला। मौके पर मिले पदचिह्न उसके जंगल की ओर जाने की संकेत दे रहे हैं।
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- अनिल शाह, वनक्षेत्राधिकारी, बराही
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बराही-हरीपुर जंगल से निकलकर बाघ करीब एक माह से गांव कीरतपुर, अर्जुनपुर, भीमपुर आदि में चहल कदमी कर रहा है। एक माह में वह कई पशुओं का शिकार कर चुका है। रविवार की रात बाघ ने गांव टांडा छत्रपति निवासी अर्जुन सिंह की पशुशाला में घुसकर गाय को अपना शिकार बना लिया। आहट होने पर घरवालों ने शोर शराबा शुरू किया जिसपर बाघ गाय का शव घर से कुछ दूरी पर छोड़कर गन्ने के खेत में छिप गया। बताते हैं इससे पूर्व बाघ गांव के दूसरे छोर पर रह रहे ठाकुरलाल के घर में बनी पशुशाला में घुस गया था। बाघ के गन्ना के खेत में छिपे होने की सूचना पर बराही, हरीपुर, सामाजिक वानिकी के कर्मचारी मौके पर पहुंचे। हाथियों पर सवार वनकर्मियों ने आसपास के गन्ना के खेतों में बाघ की तलाश की। काफी खोजने के बाद भी बाघ नहीं मिला लेकिन उसके जंगल की ओर जाने के पदचिह्न मिले हैं।
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बाघ कई दिनों से जंगल से निकलकर आबादी वाले इलाके में चहल कदमी कर रहा है। गन्ने के खेत में होने की सूचना पर हाथियों की मदद से उसकी तलाश की गई लेकिन बाघ नहीं मिला। मौके पर मिले पदचिह्न उसके जंगल की ओर जाने की संकेत दे रहे हैं।
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- अनिल शाह, वनक्षेत्राधिकारी, बराही