{"_id":"6244a9abdb910408401de543","slug":"tiger-came-out-of-the-forest-in-pilibhit-attacked-the-laborer-pilibhit-news-bly4798403106","type":"story","status":"publish","title_hn":"पीलीभीत में जंगल से निकले बाघ ने मजदूर पर किया हमला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पीलीभीत में जंगल से निकले बाघ ने मजदूर पर किया हमला
विज्ञापन
पीलीभीत। गांव सिरसा सरदाह में बुधवार सुबह जंगल से अचानक निकले बाघ ने एक मजदूर पर हमला कर दिया। साथ चल रहे मजदूर के भाई और अन्य दो लोगों ने बमुश्किल उसे बाघ से बचाया। जख्मी मजदूर को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि बाघ के साथ शावक भी था।
गजरौला थाना क्षेत्र के गांव सिरसा सरदाह निवासी तीरथराम ने बताया कि बुधवार सुबह नौ बजे छोटे भाई 45 वर्षीय ओमप्रकाश और गांव के ही डोरीलाल के साथ काम करने गांव के बाहर पम्मी के फार्म हाउस गया था। वहां से खेत में गन्ने की गुड़ाई करने जाना था। इस पर तीरथराम, ओमप्रकाश, डोरीलाल और खेत स्वामी पम्मी फार्म हाउस से खेत की ओर जा रहे थे।
इसी दौरान देखा कि पम्मी के दूसरे खेत पर बंदर फसल बर्बाद कर रहे हैं। पम्मी के कहने पर सभी लोग जंगल किनारे रास्ते से होते हुए बंदरों को भगाने जा रहे थे। ओम प्रकाश सबसे पीछे चल रहा था। इसी दौरान तार फेंसिंग को पार करते हुए बाघ ने अचानक ओमप्रकाश पर पीछे से हमला कर दिया। शोर शराबा सुनकर उसे बचाने दौड़े तो बाघ उसे छोड़कर जंगल की ओर चल गया।
विज्ञापन
बाघ के साथ एक शावक भी था। आनन फानन भाई को घर लेकर पहुंचे। एंबुलेंस को सूचना दी गई। एंबुलेंस के कर्मचारियों ने ओमप्रकाश को जिला अस्पताल में भर्ती कराया।
विज्ञापन
गजरौला थाना क्षेत्र के गांव सिरसा सरदाह निवासी तीरथराम ने बताया कि बुधवार सुबह नौ बजे छोटे भाई 45 वर्षीय ओमप्रकाश और गांव के ही डोरीलाल के साथ काम करने गांव के बाहर पम्मी के फार्म हाउस गया था। वहां से खेत में गन्ने की गुड़ाई करने जाना था। इस पर तीरथराम, ओमप्रकाश, डोरीलाल और खेत स्वामी पम्मी फार्म हाउस से खेत की ओर जा रहे थे।
विज्ञापन
इसी दौरान देखा कि पम्मी के दूसरे खेत पर बंदर फसल बर्बाद कर रहे हैं। पम्मी के कहने पर सभी लोग जंगल किनारे रास्ते से होते हुए बंदरों को भगाने जा रहे थे। ओम प्रकाश सबसे पीछे चल रहा था। इसी दौरान तार फेंसिंग को पार करते हुए बाघ ने अचानक ओमप्रकाश पर पीछे से हमला कर दिया। शोर शराबा सुनकर उसे बचाने दौड़े तो बाघ उसे छोड़कर जंगल की ओर चल गया।
विज्ञापन
बाघ के साथ एक शावक भी था। आनन फानन भाई को घर लेकर पहुंचे। एंबुलेंस को सूचना दी गई। एंबुलेंस के कर्मचारियों ने ओमप्रकाश को जिला अस्पताल में भर्ती कराया।