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Pilibhit News: कड़ी मेहनत से बेटों को बनाया मेजर, चिकित्सक और शिक्षक

Sun, 16 Jun 2024 03:56 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत Updated Sun, 16 Jun 2024 03:56 AM IST
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Through hard work, the sons became majors, doctors and teachers
पीलीभीत। बच्चों को सफल बनाने के लिए हर अभिभावक परेशानियों का सामना करने के लिए तत्पर रहते हैं। दिन रात कड़ी मेहनत कर बच्चों को बेहतर शिक्षा देकर ऊंचाईयों पर पहुंचाते हैं। बच्चों के कामयाब होने पर पिता की मेहनत खुशी में बदल जाती है।
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अमरिया क्षेत्र के रहने वाले अमर सिंह यादव ने बताया कि उनके तीन पुत्र हैं। प्राइवेट नौकरी कर तीनों बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाने के प्रयास किए। डेढ़ एकड़ जमीन पर खेती भी की। प्रारंभिक शिक्षा से ही बच्चों पर अधिक ध्यान दिया। कई कठिनाईयां सामने आई। कई बार हिम्मत टूटने लगी, लेकिन बच्चों की मेहनत ने हिम्मत बरकरार रखी।
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बड़े बेटे विवेक कुमार ने बारहवीं के बाद स्नातक किया। इसके बाद एयरफोर्स में भर्ती हो गए। चार साल नौकरी के साथ अन्य तैयारियों में जुटे रहे। छह साल पूर्व आर्मी में मेजर के पद पर नियुक्त हुए। वर्तमान में लखनऊ में तैनात हैं। मंझले बेटे आकाश सिंह यादव शिक्षक बन गए। छोटे बेटे अमन सिंह यादव को भी बेहतर शिक्षा दिलाई। नवोदय विद्यालय से पढ़ाई पूरी करने के बाद कोचिंग की। पहली बार में ही नीट की परीक्षा पास कर ली। ऋषिकेश एम्स से एमबीबीएस करने के बाद देहरादून के एक सरकारी अस्पताल में नौकरी कर रहे हैं।
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पिता ने बेटियों को बनाया प्रतिभावान
बीसलपुर। तहसील क्षेत्र के छोटे से गांव नौगवां संतोष के एक निजी विद्यालय में शिक्षक दिग्विजय ने कड़ी मेहनत कर अपनी दोनों बेटियों को शिखर पर पहुंचा दिया है। हुनर के बल पर दोनों बेटियां बचपन में ही राज्यपाल और मुख्यमंत्री के हाथों सम्मानित हो चुकी है। दोनों को जीनियश बहनों के नाम से जाना जाता है। बड़ी बहन हनी इस समय राजकीय महाविद्यालय बीसलपुर में बीए प्रथम वर्ष में और छोटी बहन हंसी सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में कक्षा 12 में पढ़ रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, पूर्व राज्यपाल राम नाइक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी इन होनहार बहनों को सम्मानित कर चुके हैं। इन दोनों बहनों को याददाश्त की मशीन भी कहा जाता है।
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